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कार्रवाई न हुई तो जेल के अंदर भी करूंगा आत्महत्या
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एसपी कार्यालय के बाहर शीशे के टुकड़े से पैरों को गोदकर आत्महत्या के प्रयास के मामले में पीड़ित के खिलाफ ही केस दर्ज करने पर परिजनों में आक्रोश है। वहीं पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि रिश्वत लेने और अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और उस पर दर्ज 309 का मामला खारिज नहीं किया गया तो वह जेल के अंदर भी आत्महत्या करूंगा। वहीं उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की भी चेतावनी दी है।
शहर की कैलाश कॉलोनी निवासी कंसाला के नशा मुक्ति केंद्र के पूर्व संचालक राजबीर सिंह ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया था। आरोप था कि मारपीट के एक मामले में कंसाला चौकी प्रभारी और एएसआई ने उसे छोड़ने के बदले 60 हजार की रिश्वत ली थी। ब्लड अधिक बहने के कारण पीड़ित को पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे छुट्टी दे दी गई थी। पुलिस ने पीड़ित राजबीर के खिलाफ ही आत्महत्या के प्रयास की धारा में केस दर्ज किया था।
राजबीर ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने ही कंसाला में स्थित उसका नशा मुक्ति केंद्र बंद करवाया था। कहा कि पुलिस ने रिश्वत मांगने और सिविल लाइन थाने पर तैनात मुंशी द्वारा अभद्रता करने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि उस पर ही आत्महत्या के प्रयास का झूठा केस दर्ज कर लिया। कहा कि उसकी लड़ाई रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मियों से रहेगी। यदि पुलिस ने उसे जेल भेजा तो वह जेल के अंदर ही आत्महत्या करेगा। उधर डीएसपी काकहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। निष्पक्ष ढंग से जांच की जाएगी।
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सुसाइड नोट होने का भी किया दावा
राजबीर का दावा है कि वह एसपी कार्यालय में बैग में पुलिसकर्मियों के नाम लिखा सुसाइड नोट भी लेकर पहुंचा था। इसमें उसने पुलिसकर्मियों के नाम लिखे हुए हैं। हालांकि डीएसपी सोनू नरवाल ने किसी भी तरह के सुसाइड नोट के बरामद होने की बात से इनकार किया है।
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शहर की कैलाश कॉलोनी निवासी कंसाला के नशा मुक्ति केंद्र के पूर्व संचालक राजबीर सिंह ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया था। आरोप था कि मारपीट के एक मामले में कंसाला चौकी प्रभारी और एएसआई ने उसे छोड़ने के बदले 60 हजार की रिश्वत ली थी। ब्लड अधिक बहने के कारण पीड़ित को पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे छुट्टी दे दी गई थी। पुलिस ने पीड़ित राजबीर के खिलाफ ही आत्महत्या के प्रयास की धारा में केस दर्ज किया था।
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राजबीर ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने ही कंसाला में स्थित उसका नशा मुक्ति केंद्र बंद करवाया था। कहा कि पुलिस ने रिश्वत मांगने और सिविल लाइन थाने पर तैनात मुंशी द्वारा अभद्रता करने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि उस पर ही आत्महत्या के प्रयास का झूठा केस दर्ज कर लिया। कहा कि उसकी लड़ाई रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मियों से रहेगी। यदि पुलिस ने उसे जेल भेजा तो वह जेल के अंदर ही आत्महत्या करेगा। उधर डीएसपी काकहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। निष्पक्ष ढंग से जांच की जाएगी।
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सुसाइड नोट होने का भी किया दावा
राजबीर का दावा है कि वह एसपी कार्यालय में बैग में पुलिसकर्मियों के नाम लिखा सुसाइड नोट भी लेकर पहुंचा था। इसमें उसने पुलिसकर्मियों के नाम लिखे हुए हैं। हालांकि डीएसपी सोनू नरवाल ने किसी भी तरह के सुसाइड नोट के बरामद होने की बात से इनकार किया है।