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Rohtak News: ज्यादा मिर्च-मसाले वाले भोजन से हीट स्ट्रोक का खतरा
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14-पीजीआई में कार्यरत डायटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया
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रोहतक। जिले में पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। झुलसाती गर्मी व भीषण लू ने जनजीवन को भी प्रभावित किया है। इस मौसम में केवल बाहर निकलने से बचना ही काफी नहीं है बल्कि अपनी डाइट में बड़े बदलाव करना भी बेहद जरूरी है।
लापरवाही से पेट में इंफेक्शन व नाक से खून बहने का खतरा रहता है। ये बातें पीजीआई में कार्यरत डायटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया ने कहीं।
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हाइड्रेशन व इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन
डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि नमी में शरीर से पसीने के रूप में पानी व जरूरी लवण निकल जाते हैं। ऐसे में शरीर के अंदर इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए केवल सादा पानी काफी नहीं है। अपनी दिनचर्या में नींबू पानी, ताजी छाछ, पुदीना शरबत व नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों को शामिल करना चाहिए। ये शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ शरीर को अंदरूनी ठंडक भी देंगे।
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हल्का और सुपाच्य भोजन लें
गर्मियों में पाचन तंत्र संवेदनशील हो जाता है, इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन ही करें। खीरा, ककड़ी, टमाटर, लौकी, जामुन, तरबूज व खरबूजा। ये फल व सब्जियां पानी से भरपूर हैं। इनका सेवन करें।
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चाय व कॉफी से एसिडिटी का खतरा
डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि तले हुए, अत्यधिक मसालेदार व बासी भोजन से दूरी बनाएं। चाय व कॉफी का अधिक सेवन एसिडिटी बढ़ा सकता है। इसलिए इनके स्थान पर सत्तू या आम पन्ना का उपयोग करें। ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना हीट स्ट्रोक का कारण भी बन सकता है। इनसे उल्टी, पेट में इंफेक्शन, नाक से खून बहना, दस्त व हीट स्ट्रोक व माइग्रेन का खतरा रहता है।
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संक्रमण से बचाव के लिए नुस्खे
डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि बाजार में पहले से काटकर रखे गए फल व रेडीमेड भोजन पेट के संक्रमण का मुख्य कारण बनते हैं। हमेशा ताजा बना खाना ही खाएं। पाचन शक्ति व इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट में दही, मुनक्का, इलायची, जीरा व सौंफ का प्रयोग करें।
लापरवाही से पेट में इंफेक्शन व नाक से खून बहने का खतरा रहता है। ये बातें पीजीआई में कार्यरत डायटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया ने कहीं।
हाइड्रेशन व इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन
डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि नमी में शरीर से पसीने के रूप में पानी व जरूरी लवण निकल जाते हैं। ऐसे में शरीर के अंदर इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए केवल सादा पानी काफी नहीं है। अपनी दिनचर्या में नींबू पानी, ताजी छाछ, पुदीना शरबत व नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों को शामिल करना चाहिए। ये शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ शरीर को अंदरूनी ठंडक भी देंगे।
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हल्का और सुपाच्य भोजन लें
गर्मियों में पाचन तंत्र संवेदनशील हो जाता है, इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन ही करें। खीरा, ककड़ी, टमाटर, लौकी, जामुन, तरबूज व खरबूजा। ये फल व सब्जियां पानी से भरपूर हैं। इनका सेवन करें।
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चाय व कॉफी से एसिडिटी का खतरा
डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि तले हुए, अत्यधिक मसालेदार व बासी भोजन से दूरी बनाएं। चाय व कॉफी का अधिक सेवन एसिडिटी बढ़ा सकता है। इसलिए इनके स्थान पर सत्तू या आम पन्ना का उपयोग करें। ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना हीट स्ट्रोक का कारण भी बन सकता है। इनसे उल्टी, पेट में इंफेक्शन, नाक से खून बहना, दस्त व हीट स्ट्रोक व माइग्रेन का खतरा रहता है।
संक्रमण से बचाव के लिए नुस्खे
डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि बाजार में पहले से काटकर रखे गए फल व रेडीमेड भोजन पेट के संक्रमण का मुख्य कारण बनते हैं। हमेशा ताजा बना खाना ही खाएं। पाचन शक्ति व इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट में दही, मुनक्का, इलायची, जीरा व सौंफ का प्रयोग करें।