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क्रेन में बैठकर मोबाइल चला रहा हेल्पर जिंदा जला, मौके पर ही मौत
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रोहतक। सुनारिया गांव के नजदीक जेल रोड पर शुक्रवार सुबह सात बजे सड़क किनारे खड़ी क्रेन में आग लग गई। इससे क्रेन के केबिन में बैठकर मोबाइल चला रहा हेल्पर 18 वर्षीय सूरज जिंदा लग गया। उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक सोनीपत जिले के गांव जाजी का रहने वाला है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
जांच अधिकारी एसआई अश्वनी ने बताया कि सूरज तीन माह पहले रोहतक आया था और हिसार रोड स्थित क्रेन पर हेल्पर का कार्य करता था। क्रेन से ट्रकों के अंदर से भारी सामान चढ़ाया व उतारा जाता था। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे क्रेन सुनारिया गांव के नजदीक जेल रोड के किनारे खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि सूरज केबिन के अंदर बैठकर मोबाइल चला रहा था। अचानक केबिन के ठीक नीचे लगी बैटरी से आग की लपटे उठने लगी, जिनमें वह बुरी तरह से घिर गया। उसे केबिन खोलकर बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सूरज केबिन के अंदर जिंदा जल गया। मामले की सूचना पाकर शिवाजी कॉलोनी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया को मौके पर बुलाया गया, लेकिन आग लगने के ठोस कारणों का खुलासा नहीं हो सका। केबिन के अंदर से कंकाल को निकाल कर पीजीआई के डेड हाउस में लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
सूरज दो भाइयों में छोटा था और मेहनत करके परिवार का सहयोग करना चाहता था। जांच अधिकारी का कहना है कि सूरज की मौत को हादसा मानकर कार्रवाई की गई है।
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जांच अधिकारी एसआई अश्वनी ने बताया कि सूरज तीन माह पहले रोहतक आया था और हिसार रोड स्थित क्रेन पर हेल्पर का कार्य करता था। क्रेन से ट्रकों के अंदर से भारी सामान चढ़ाया व उतारा जाता था। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे क्रेन सुनारिया गांव के नजदीक जेल रोड के किनारे खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि सूरज केबिन के अंदर बैठकर मोबाइल चला रहा था। अचानक केबिन के ठीक नीचे लगी बैटरी से आग की लपटे उठने लगी, जिनमें वह बुरी तरह से घिर गया। उसे केबिन खोलकर बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सूरज केबिन के अंदर जिंदा जल गया। मामले की सूचना पाकर शिवाजी कॉलोनी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया को मौके पर बुलाया गया, लेकिन आग लगने के ठोस कारणों का खुलासा नहीं हो सका। केबिन के अंदर से कंकाल को निकाल कर पीजीआई के डेड हाउस में लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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सूरज दो भाइयों में छोटा था और मेहनत करके परिवार का सहयोग करना चाहता था। जांच अधिकारी का कहना है कि सूरज की मौत को हादसा मानकर कार्रवाई की गई है।