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दौड़ लगाने और अधिक कसरत करने से युवाओं में आ रही हृदयघात की समस्या

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 01:24 AM IST
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कोरोना के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर युवा वर्ग छह सप्ताह तक अधिक कसरत करने और दौड़ लगाने से बचें। वह सिर्फ सुबह-शाम सैर करते समय तेज गति से चल सकते हैं, लेकिन उन्हें दौड़ना नहीं चाहिए। इसमें सावधानी नहीं बरतने वाले युवाओं में हृदयाघात (हार्ट अटैक) की समस्याएं आ रही हैं। यह जानकारी पीजीआईएमएस के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन (पीसीसीएम) के सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी ने दी है। उन्होंने ऐसे युवाओं को दिनचर्या संयमित रखने की सलाह दी है।
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कोरोना के दौरान शरीर कमजोर हो जाता है। इसको दूर करने के लिए युवा जिम, स्टेडियम और अखाड़े में कसरत और दौड़ लगाने में जुटे रहते हैं। यही नहीं, युवा कठिन परिश्रम और कसरत करने के दौरान प्रोटीन के रूप में प्रोटीनेक्स पाउडर का भी प्रयोग कर रहे हैं। यह उनके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी का कहना है कि कोरोना के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर छह सप्ताह तक किसी भी तरह का थकाऊ काम नहीं करना चाहिए। सुबह-शाम सैर करें, मगर दौड़ नहीं लगाएं। युवा जिम में कसरत करने से बचें और परहेज करें। कठिन परिश्रम अथवा दौड़ जानलेवा हो सकती है। इससे हार्ट अटैक हो सकता है।

डॉ. ध्रुव चौधरी का कहना है कि न सिर्फ दूसरी बल्कि तीसरी लहर में भी कोरोना निगेटिव होने के छह सप्ताह तक लोगों को थकाऊ काम नहीं करना चाहिए।
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