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फिलीपींस में हरियाणा के दम पर एशिया चैंपियन बना भारत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:48 AM IST
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कुश्ती
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हरियाणा को खेलों का सिरमौर यूं ही नहीं कहा जाता। यहां के खिलाड़ी विदेश में होने वाली हर चैंपियनशिप में तिरंगा ऊंचा करके इसे साबित करते रहते हैं। इस बार फिलीपींस में हुई कुश्ती चैंपियनशिप में प्रदेश के पहलवानों ने ऐसा कारनामा किया है जिसके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं होगा। अकेले हरियाणा के पहलवानों ने पदक जीतकर भारत को एशिया चैंपियन बना दिया। प्रदेश की बेटियां भी तिरंगा लहराने में पीछे नहीं रहीं और उन्होंने तीन पदक जीते। कर्नाटक और महाराष्ट्र के पहलवानों ने भी देश का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वह कोई मेडल नहीं जीत सके।
फिलीपींस के मनीला में हुई जूनियर रेसलिंग एशियन चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा पदक झज्जर के चार पहलवानों ने दिलाए। दीपक ने फ्री स्टाइल के 84 किग्रा में देश को इकलौता स्वर्ण पदक दिलाया। 50 किग्रा में राहुल ने रजत, 74 किग्रा में प्रीतम ने रजत और ग्रीको रोमन के 96 किग्रा में रवि ने कांस्य पदक जीता। रोहतक के पहलवान भी पीछे नहीं रहे। ग्रीको रोमन लड़कियों के 51 किग्रा में पिंकी ने रजत, लड़कों के 60 किग्रा में मनीष ने कांस्य और फ्री स्टाइल के 66 किग्रा में विकास ने रजत पदक जीता। हिसार की पूजा ने ग्रीको रोमन के 72 किग्रा में रजत तो फ्री स्टाइल के 55 किग्रा में नवीन ने कांस्य पदक जीता।
करनाल की सुजाता ने रजत, सोनीपत के सोमबीर ने 120 किग्रा में कांस्य और मेवात के नासिर ने 96 किग्रा में कांस्य पदक जीता।
इसी तरह फ्री स्टाइल वर्ग में हिस्सा लेने वाले 8 पहलवानों ने 7 पदक जीते, जिससे देश को एशिया चैंपियन की ट्राफी मिली। भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 23 पहलवान गए थे, जिनमें से 12 ने पदक जीते हैं। सभी पदक हरियाणा के पहलवानों ने जीते हैं। इस चैंपियनशिप में महाराष्ट्र और कर्नाटक के एक-एक पहलवानों ने भी हिस्सा लिया था, लेकिन वह पदक नहीं जीत सके।
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जिस तरह देश के जूनियर पहलवान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे लगता हे कि आने वाले समय में कुश्ती के सहारे ओलंपिक में मेडल मिलते रहेंगे। हरियाणा के पहलवानों ने फ्री स्टाइल में देश को चैंपियन बनाकर तिरंगे का मान बढ़ाया है।
- राजकुमार हुड्डा, उपाध्यक्ष भारतीय कुश्ती संघ
फिलीपींस में भारतीय पहलवानों ने अच्छा प्रदर्शन किया, उसमें भी हरियाणवी पहलवानों ने देश को मेडल दिलाने में जान लगा दी। मेरे साथ वहां गए सभी कोच ने पहलवानों का मनोबल बढ़ाया और पहलवानों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।
- नरेंद्र कुमार, फिलीपींस में गए कोच
फिलीपींस के मनीला में हुई जूनियर रेसलिंग एशियन चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा पदक झज्जर के चार पहलवानों ने दिलाए। दीपक ने फ्री स्टाइल के 84 किग्रा में देश को इकलौता स्वर्ण पदक दिलाया। 50 किग्रा में राहुल ने रजत, 74 किग्रा में प्रीतम ने रजत और ग्रीको रोमन के 96 किग्रा में रवि ने कांस्य पदक जीता। रोहतक के पहलवान भी पीछे नहीं रहे। ग्रीको रोमन लड़कियों के 51 किग्रा में पिंकी ने रजत, लड़कों के 60 किग्रा में मनीष ने कांस्य और फ्री स्टाइल के 66 किग्रा में विकास ने रजत पदक जीता। हिसार की पूजा ने ग्रीको रोमन के 72 किग्रा में रजत तो फ्री स्टाइल के 55 किग्रा में नवीन ने कांस्य पदक जीता।
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करनाल की सुजाता ने रजत, सोनीपत के सोमबीर ने 120 किग्रा में कांस्य और मेवात के नासिर ने 96 किग्रा में कांस्य पदक जीता।
इसी तरह फ्री स्टाइल वर्ग में हिस्सा लेने वाले 8 पहलवानों ने 7 पदक जीते, जिससे देश को एशिया चैंपियन की ट्राफी मिली। भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए 23 पहलवान गए थे, जिनमें से 12 ने पदक जीते हैं। सभी पदक हरियाणा के पहलवानों ने जीते हैं। इस चैंपियनशिप में महाराष्ट्र और कर्नाटक के एक-एक पहलवानों ने भी हिस्सा लिया था, लेकिन वह पदक नहीं जीत सके।
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जिस तरह देश के जूनियर पहलवान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे लगता हे कि आने वाले समय में कुश्ती के सहारे ओलंपिक में मेडल मिलते रहेंगे। हरियाणा के पहलवानों ने फ्री स्टाइल में देश को चैंपियन बनाकर तिरंगे का मान बढ़ाया है।
- राजकुमार हुड्डा, उपाध्यक्ष भारतीय कुश्ती संघ
फिलीपींस में भारतीय पहलवानों ने अच्छा प्रदर्शन किया, उसमें भी हरियाणवी पहलवानों ने देश को मेडल दिलाने में जान लगा दी। मेरे साथ वहां गए सभी कोच ने पहलवानों का मनोबल बढ़ाया और पहलवानों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।
- नरेंद्र कुमार, फिलीपींस में गए कोच