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हरियाणा: अपनी फोटो देख राज्यपाल बोले- मैं इतना सुंदर नहीं..., चित्र बनाने वाले छात्र को दिया 21000 रुपये का इनाम
Fri, 29 Apr 2022 12:11 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 29 Apr 2022 12:11 AM IST
सार
राज्यपाल ने सुपवा में पंडित लख्मीचंद की प्रतिमा का अनावरण किया। हरियाणवी कला से प्रभावित राज्यपाल अपना चित्र देखकर बोले कि मैं फोटो देखकर परेशान हो गया।
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भेंटभेंट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंच पर मुझे मेरा चित्र भेंट किया गया है। इसे देखकर परेशान हूं। मैं इतना सुंदर नहीं हूं। मैं तो मामूली आदमी हूं। फोटो देखकर लगता है बड़ा आदमी हूं। फोटो बेहद सुंदर है। यह कला से ही संभव है। हरियाणा की संस्कृति, गीत, संगीत व कला बड़ी महान है। इस चित्र के लिए छात्र साहिल को 21000 रुपये पुरस्कार देता हूं।
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यह बातें हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहीं। वे गुरुवार को रोहतक में पंडित लखमीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। यहां उन्होंने पहले पंडित लख्मीचंद की प्रतिमा का अनावरण किया व बाद में सुपवा के कुलगीत का ऑडियो व नए मोनोग्राम का लोकार्पण किया। विवि के चार मिनट के इस कुलगीत को गायक कैलाशखेर व कविता कृष्णमूर्ति ने गाया है।
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- DPR Haryana (@diprharyana) 28 Apr 2022
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राज्यपाल ने कहा कि यह तकनीकी युग है। इस युग में काम मशीनों से होता है। हमारी संस्कृति व सभ्यता काफी पुरानी है। इसमें मशीनों से नहीं हाथों से काम किया जा रहा है। छात्र का भेंट किया गया चित्र इसी का उदाहरण है। कला बड़ी होती है। गीत, संगीत व कला ही नहीं, हमारी संस्कृति व सभ्यता भी महान है। इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है। सुपवा यह काम बखूबी अंजाम दे रहा है।
विवि को नए युग में इनोवेशन, इन्क्यूबेशन व शोध को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी सभ्यता व संस्कृति को न भूलें। पंडित लख्मीचंद ने अपनी रचनाओं से न केवल प्रांत का नाम रोशन किया, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ाया। अब उनके पौत्र विष्णु दत्त इसे सहेज कर रखे हुए हैं।
हमारा भी इस परंपरा को बनाए व संभालकर रखने का कर्तव्य बनता है। राम की लंका पर विजय का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रावण का वध करने के बाद लक्ष्मण ने राम से कहा कि स्वर्णिम लंका बेहद सुंदर है। हम यहीं रह जाते हैं। इस पर राम ने कहा कि जहां मेरा जन्म हुआ, मेरे लिए वही स्वर्ग है। मैं वहीं, जाऊंगा। बाकी मेरे लिए बेकार है। राज्यपाल ने युवाओं से यही सोच व भावना हमें अपने देश व अपनी मिट्टी के लिए रखने का आह्वान किया।
सुपवा कुलपति गजेंद्र चौहान ने विवि को हरियाणवी कला व संस्कृति को बढ़ावा देने का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि हम इस विश्वविद्यालय को कला व सिनेमा में उत्कृष्टता के वैश्विक केंद्र के रूप में देखते हैं। उच्चतम स्तर पर समृद्ध हरियाणवी संस्कृति प्रसार करने को प्रयासरत हैं। सुपवा सामाजिक प्रभाव व परिवर्तन की शक्ति का माध्यम भी हो सकता है। हम स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ने व उनके मुद्दों को उजागर करने के लिए सिनेमा और थिएटर जैसे लोकप्रिय माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।
पंडित लख्मीचंद के पोते विष्णुदत्त ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पंडितजी को गए 77 साल हो गए। अब पहली बार उन्हें सम्मान व श्रद्धांजलि दी गई है। उनके नाम से विवि बनाने के साथ उनकी प्रतिमा का अनावरण गौरवान्वित कर रहा है। कार्यक्रम में सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, स्वास्थ्य विज्ञान विवि कुलपति प्रो. डॉ. अनीता सक्सेना व अन्य लोग मौजूद रहे।