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Rohtak News: हरियाणा शिक्षा बोर्ड को मार्कशीट में माता-पिता का सरनेम ठीक करने का आदेश
Tue, 12 May 2026 02:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 12 May 2026 02:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) करनदीप की कोर्ट ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड को गांव पाकस्मा निवासी दीपक कुमार के माता-पिता का मार्कशीट में सरनेम ठीक करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कई नोटिस के बाद भी बोर्ड से कोई जवाब न आने पर यह एकतरफा फैसला सुना दिया।
कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, दीपक के चाचा ने उनका स्कूल में दाखिला कराते वक्त पिता जीत सिंह रोहिल्ला का नाम जीत सिंह और मां का नाम संतोष की जगह संतोष देवी लिखवा दिया था। यही शैक्षिक दस्तावेजों में दर्ज हो गया। सरनेम में अंतर का अंदाजा उन्हें पासपोर्ट आवेदन के बाद लगा।
डीएमसी (डिटेल्ड मार्क्स सर्टिफिकेट) और अन्य दस्तावेजों में दर्ज सरनेम मेल नहीं खाने पर उन्होंने हरियाणा शिक्षा बोर्ड से बदलाव करने की गुजारिश की। इस पर बोर्ड ने कोई ध्यान नहीं दिया। कोर्ट में दीपक ने दलील दी कि सरनेम एक न होने से उन्हें नौकरी में दिक्कत हो सकती है।
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उन्होंने माता-पिता के सरनेम ठीक करने की गुहार लगाई। इस बीच, कोर्ट ने कई नोटिस शिक्षा बोर्ड को भेजे लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। सोमवार को कोर्ट ने दीपक के हक में फैसला सुना दिया।
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रोहतक। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) करनदीप की कोर्ट ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड को गांव पाकस्मा निवासी दीपक कुमार के माता-पिता का मार्कशीट में सरनेम ठीक करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कई नोटिस के बाद भी बोर्ड से कोई जवाब न आने पर यह एकतरफा फैसला सुना दिया।
कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, दीपक के चाचा ने उनका स्कूल में दाखिला कराते वक्त पिता जीत सिंह रोहिल्ला का नाम जीत सिंह और मां का नाम संतोष की जगह संतोष देवी लिखवा दिया था। यही शैक्षिक दस्तावेजों में दर्ज हो गया। सरनेम में अंतर का अंदाजा उन्हें पासपोर्ट आवेदन के बाद लगा।
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डीएमसी (डिटेल्ड मार्क्स सर्टिफिकेट) और अन्य दस्तावेजों में दर्ज सरनेम मेल नहीं खाने पर उन्होंने हरियाणा शिक्षा बोर्ड से बदलाव करने की गुजारिश की। इस पर बोर्ड ने कोई ध्यान नहीं दिया। कोर्ट में दीपक ने दलील दी कि सरनेम एक न होने से उन्हें नौकरी में दिक्कत हो सकती है।
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उन्होंने माता-पिता के सरनेम ठीक करने की गुहार लगाई। इस बीच, कोर्ट ने कई नोटिस शिक्षा बोर्ड को भेजे लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। सोमवार को कोर्ट ने दीपक के हक में फैसला सुना दिया।