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Haryana: रोहतक से भाजपा ने फिर खेला ब्राह्मण कार्ड, तीसरी बार अरविंद शर्मा मैदान में
Sun, 24 Mar 2024 10:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 24 Mar 2024 10:52 PM IST
सार
अरविंद शर्मा 1999 में भूपेंद्र हुड्डा व 2019 में दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। पांच साल पहले रोहतक सीट से भाजपा को पहली जीत दिलवाई थी।
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अरविंद शर्मा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भाजपा ने रोहतक लोकसभा सीट पर एक बार फिर जाट व नॉन जाट समीकरण को देखते हुए ब्राह्मण कार्ड खेल दिया है। 25 साल में शर्मा तीसरी बार हुड्डा परिवार के खिलाफ मैदान में उतरने जा रहे हैं। पहले 1999 में रोहतक लोकसभा सीट पर भूपेंद्र हुड्डा व 2019 में दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। अरविंद शर्मा ने ही भाजपा को पिछली बार रोहतक सीट पर पहली जीत दिलवाई थी। अब आधिकारिक तौर पर कांग्रेस के टिकट की घोषणा होनी बाकी है, हालांकि दीपेंद्र हुड्डा लगातार प्रचार अभियान संभाले हुए हैं।
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भाजपा ने आखिरकार होली के दिन अपने पत्ते खोल दिए हैं और एक बार फिर डॉक्टर अरविंद शर्मा को रोहतक सीट से मैदान में उतारा है। शर्मा को मैदान में उतारने का कारण जातिगत समीकरण है। इसी फॉर्मूले से भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में रोहतक से पहली जीत हासिल की थी।
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यहां 1952 से 2014 तक ज्यादातर समय जाट समुदाय से ही सांसद बनता रहा है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 2016 में हुई हिंसा के बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने ब्राह्मण समुदाय से डॉक्टर अरविंद शर्मा को मैदान में उतारा था, जो विजयी रहे थे। एक बार फिर उनके ऊपर ही पार्टी ने विश्वास जताया है। हालांकि चर्चा है कि पार्टी ने विकल्प पर मंथन किया, लेकिन शर्मा ही मजबूत चेहरा बनकर फिर सामने आए।
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हुड्डा परिवार का रहा है दबदबा
रोहतक लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर हुड्डा 1952 व 1957 में रोहतक से सांसद रहे। जबकि भूपेंद्र हुड्डा ने 1991, 1996, 1998 और 2004 में जीत हासिल की। दीपेंद्र 2005, 2009 व 2014 में जीत हासिल कर चुके हैं। जबकि चौधरी देवीलाल 1989 में रोहतक से न केवल सांसद बने, बल्कि देश के उप प्रधानमंत्री की कुर्सी भी हासिल की। इसके अलावा मुख्तार सिंह, शेर सिंह, स्वामी इंद्रवेश, कैप्टन इंद्रसिंह भी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब डॉक्टर अरविंद शर्मा भाजपा के टिकट पर दूसरी व वैसे तीसरी बार मैदान में आ गए हैं।
भाजपा व कांग्रेस में थी कांटे की टक्कर
पांच साल पहले रोहतक सीट पर भाजपा व कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। भाजपा के डॉक्टर अरविंद शर्मा को 47.0 प्रतिशत व कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा को 46.4 वोट मिले थे। हुड्डा 7503 वोटों से हार गए थे। तीसरे स्थान पर रहे बसपा के कृष्णपाल पांचाल को 3.1 प्रतिशत मत मिल सके थे।
2019 में थे 18 प्रत्याशी मैदान में
पिछले लोकसभा चुनाव में 18 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें भाजपा के डॉक्टर अरविंद शर्मा, कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा, बसपा से कृष्णलाल पांचाल, जजपा से प्रदीप देशवाल, इनेलो से धर्मबीर, एसयूसीआई के जयकरण मांडोठी, दलित शोषित पिछड़ा अधिकार दल के सुखबीर, भारत प्रभात पार्टी के इमरान, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की मंजू देवी, आपकी अपनी पार्टी पीपल्स के राजबीर सिंह सहित आठ निदर्लीय मैदान में थे।