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बंदरों के उत्पात से ‘मेहमान’ परेशान, अफसर नहीं दे रहे ध्यान

Mon, 13 Sep 2021 02:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 02:14 AM IST
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'Guests' upset due to monkeys, officers are not paying attention
रोहतक। तिलयार झील पर बंदरों के उत्पात से यहां आने वाले मेहमान परेशान हो चुके हैं। उनके लिए बंदर परेशानी का सबब बने हुए हैं। पर्यटकों के पास थैला देखकर बंदर झपट पड़ते हैं। थैला नहीं देने पर वे हमलावर हो जाते हैं। पर्यटकों की शिकायत के बाद भी अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इतना ही नहीं पार्किंग क्षेत्र में खड़े किए जाने वाले वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर देते हैं।
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तिलयार झील पर सैर करने के लिए रोजाना एक हजार से अधिक लोग आते हैं। यहां लोगों के लिए बंदर परेशानी का सबब बने हुए हैं। पर्यटकों की शिकायत के बावजूद भी न तो पर्यटन विभाग ठोस प्रबंध कर रहा है और न ही नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जा रही है। पर्यटक राजेंद्र व सुनील ने बताया कि पर्यटकों को यहां आए दिन दिक्कतें उठानी पड़ रही है। पर्यटन विभाग ने निगम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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100 से ज्यादा है बंदरों की संख्या, पर्यटकों को काटकर कर चुके हैं जख्मी
पर्यटकों ने बताया कि तिलयार झील और आसपास में बंदरों की संख्या 100 से अधिक है। बंदर पूर्व में कुछ पर्यटकों को काट कर घायल कर चुके हैं। उनके भय से लोग यहां आने में संकोच करते हैं।
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लोग बोले-बंदरों के झुंड के आगे पर्यटक रहते हैं विवश
झील पर पर्यटक एक जगह पर बैठ जाएं तो उसी समय वहां बंदरों का झुंड आ जाता है और उनसे सामान छीनने लगता है। झुंड के आगे लोग विवश दिखाई देते हैं। इसके चलते सैर के लिए आए लोगों को वहां से मायूस होकर लौटना पड़ता है।
-अनिल मलिक, कैंटीन संचालक
दिन में 10 घंटे दुकान खोली जाती है। इनमें से ढाई घंटे तो बंदरों को भगाने में ही लग जाते है। बंदर दुकान से बर्गर, गोलगप्पे व अन्य सामान को उठाकर भाग जाते है। इसके कारण छोटे बच्चे खेलने से भी डरते है। अगर कोई पर्यटक बंदरों को भगाता भी है तो बंदर उन्हें काटने के लिए दौड़ पड़ता है।
-शिव यादव, दुकानदार
परिवार के साथ घूमने के लिए आया हुआ था, लेकिन बंदरों के डर से घूमने का मन नहीं कर रहा है। दुकान से चिप्स लेकर खा रहा था। इसी बीच पीछे से बंदर ने झप्ट्टा मारकर छीन लिया। बंदरों के डर के कारण दोबारा तिलयार पर नहीं आऊंगा।

-विशु, पर्यटक
वर्जन
बंदरों को भगाने के लिए निगम के अफसरों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। बंदरों को भगाने के लिए लंगूर भी रखा गया था, लेकिन मिनी जू वालों ने उसे नहीं रखने दिया। बंदरों को पकड़वाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। पर्यटकों को परेशान नहीं होेने दिया जाएगा।
-संदीप मैनेजर, तिलयार पर्यटन केंद्र
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