फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Grammarly Tool will remove verbal errors in English while writing research, will suggest alternatives

शोध लिखते समय अंग्रेजी की शाब्दिक त्रुटियां दूर करेगा ग्रामरली टूल, सुझाएगा विकल्प

Mon, 29 Nov 2021 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
Grammarly Tool will remove verbal errors in English while writing research, will suggest alternatives
खेल व शिक्षा के क्षेत्र में खास पहचान रखने वाले एमडीयू ने अब शोध के क्षेत्र में नाम कमाने की पहल शुरू की है। इसके लिए विवि प्रशासन ने अमेरिका से 7000 डॉलर (करीब सवा पांच लाख रुपये) में राइटिंग असिस्टेंट सॉफ्टवेयर खरीदा है। ग्रामरली टूल नाम का यह सॉफ्टवेयर फैकल्टी व शोधार्थियों को शोध लिखते समय अंग्रेजी की शाब्दिक त्रुटियों से बचाने के साथ पहले लिखे या प्रकाशित हो चुके शोध से अवगत कराएगा। फिलहाल इसे 15 दिसंबर तक फ्री ट्रायल के लिए मुहैया कराया गया है। दरअसल, विवि लगातार अपने आपको सुधार रहा है। ए प्लस ग्रेड में पहुंचे एमडीयू का प्रयास अब ए प्लस प्लस ग्रेड हासिल करना है। इसके लिए अपनी शोध क्षेत्र की कमी को दूर कर खुद को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसीलिए शोध में गुणात्मक सुधार को लेकर लगातार बदलाव व प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शोधार्थियों के शोध लिखते समय होने वाली त्रुटियों को दूर करने पर ध्यान दिया गया है। अंग्रेजी में शोधार्थी की शाब्दिक या वाक्य संबंधी गलती से अर्थ का अनर्थ होने का अंदेशा बना रहता है। इस स्थिति से बचने के लिए विवि प्रशासन ने ग्रामरली टूल सॉफ्टवेयर खरीदा है। इसके लिए अमेरिका को वार्षिक 7000 डॉलर चुकाने होंगे।
विज्ञापन

सॉफ्टवेयर का फायदा
ग्रामरली टूल एक तरह का राइटिंग असिस्टेंट सॉफ्टवेयर है। इसे विवि के कंप्यूटर सिस्टम में डाउनलोड कर दिया गया है। इस पर काम करते समय विद्यार्थी यदि किसी शब्द या वाक्य को गलत लिखता है तो सॉफ्टवेयर सही शब्द व अर्थ बताएगा। साथ ही शोधार्थी को उसके लिखे जा रहे शोध के बारे में पहले वही शोध लिखा या प्रकाशित किया गया हो तो वह उसे अलर्ट भी करेगा। इससे शोध या साहित्यिक चोरी पर लगाम लगेगी। सॉफ्टवेयर यह भी बताएगा कि किसी विषय विशेष पर पहले किसने, कब और क्या काम किया है।
विज्ञापन

विवि देगा यूजर नेम व पासवर्ड
ग्रामरली सॉफ्टवेयर पर विवि के शिक्षक व शोधार्थी काम कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें यूजर नेम व पासवर्ड दिया जाएगा। इनका प्रयोग करके ही वे सॉफ्टवेयर पर काम करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके बगैर कोई अन्य सॉफ्टवेयर का प्रयोग नहीं कर पाएगा। फिलहाल यह सॉफ्टवेयर 15 दिसबंर तक फ्री ट्रायल पर है। इसके बाद इसे सक्रिय कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विवि एक नजर में
- 12000 विद्यार्थी अध्ययनरत।
- 2000 शोधार्थी, विभिन्न विभाग।
- 387 शिक्षक, शैक्षणिक कार्य।
- 800 से अधिक गैर शिक्षक कर्मचारी।
- 400 शोधार्थी, हर वर्ष विवि में आते हैं।
एमडीयू शोध पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी कड़ी में ग्रामरली टूल सॉफ्टवेयर की सुविधा शोधार्थियों को मुहैया कराई गई है। विवि प्रशासन ने अमेरिका से 7000 डॉलर में यह राइटिंग असिस्टेंट सॉफ्टवेयर खरीदा है। अभी यह सॉफ्टवेयर 15 दिसंबर तक ट्रायल बेस पर काम कर रहा है। इससे शोध में नकल, चोरी या अन्य गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा। शोधार्थी बेहतर शोध लिख सकेगा।
- डॉ. सतीश मलिक, एचओडी, लाइब्रेरी, एमडीयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed