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राज्यपाल ने पंडित भगवत दयाल की प्रतिमा अनावरण कर पूरी की पुरानी मांग : सांसद

Tue, 13 Sep 2022 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 12:12 AM IST
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Governor fulfilled the old demand by unveiling the statue of Pandit Bhagwat Dayal : MP
रोहतक पीजीआई में पत्रकारों से वार्ता करते सांसद डॉ अरविंद शर्मा । अमर उजाला।
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा की प्रतिमा का सोमवार को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय परिसर में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रे ने अनावरण किया गया। पंडित भगवत दयाल शर्मा विचार मंच व समाज की पुरानी मांग पूरी कर राज्यपाल ने मजदूरों की राजनीति करने वाले पंडितजी को नई पहचान दी। कक्षा पांच में पढ़ाई जा रही पंडितजी की जीवनी को पाठ्यक्रम से हटाने का खेद है, इस बारे में राज्यपाल को अवगत कराते हुए एक मांग पत्र सौंपा गया है। यह कहना है सांसद डॉ. अरविंद शर्मा का। वे प्रतिमा अनावरण के बाद कुलपति कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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सांसद ने कहा कि मंच की लंबे समय से मांग थी कि उनके नाम से विवि व पीजीआई है, मगर उनकी कोई प्रतिमा नहीं है। इसलिए इसे लगाया जाए। सोमवार को इस काम में सफलता मिली। सरकार ने मंच व समाज की सुनवाई की। यह सराहनीय है। यहां राज्यपाल को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि इनमें से सरकार के स्तर पर की जाने वाली मांगों को सरकार से व अपने स्तर पर करने वाली मांगों को खुद पूरा करने का प्रयास करेंगे। उनकी जयंती मनाने, विवि में चेयर स्थापित करने की मांग भी की गई है। यहां सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की जयंती मनाने व चेयर स्थापित करने की अपीली की गई है। इस मौके पर मंच से नवीन समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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पंडितजी का पाठ्यक्रम पुस्तक से क्यों हटाया इसका करेंगे पता
कक्षा पांच में पंडित भगवत दयाल शर्मा से जुड़ा पाठ्यक्रम पुस्तक से हटाने के सवाल पर सांसद ने कहा कि इस बारे में राज्यपाल के समक्ष बात रखी गई है। यह बात ऊपर तक पहुंचाई जाएगी। यह पाठ्यक्रम क्यों हटाया गया, इसके क्या कारण रहे, इस बारे में पता कर समस्या का समाधान किया जाएगा। पंडितजी के बकाया कामों को सभी मिलकर पूरा करें। इसी से कामयाबी मिलेगी। मांग पत्र में पंडितजी की जयंती मनाने, पुण्यतिथि पर सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने, अटेरना गांव की 52 एकड़ जमीन विवि के नाम करने, उनके परिवार के सदस्य को विवि कोर्ट का सदस्य मनोनीत करने की भी मांग की गई है।
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मेरे नाना के मकान के साथ था पंडितजी का घर
सांसद ने अपने बचपन की याद ताजा करते हुए कहा कि पंडितजी बेरी से थे। मेरी पैदाइश भी वहीं की है। मेरे नाना पंडित विश्वनाथ के मकान के साथ वाला मकान पंडितजी का था। उन्होंने मजदूरों, व्यापारियों, आम आदमी के लिए अनेक काम किए। उनके लंबित कार्यों को पूरा किया जाएगा। पंडितजी से भोपाल में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए जाने पर मुलाकात का समय मिला था। वे सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उनके मन में ऊंच नीच नहीं थी।
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