फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Garhi Ujale Khan: Patriotism is an inherited legacy; serving in the army is a tradition.

गढ़ी उजाले खां : विरासत में मिली है देशभक्ति, फौज में सेवा देना परंपरा

Wed, 10 Jun 2026 01:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
Garhi Ujale Khan: Patriotism is an inherited legacy; serving in the army is a tradition.
गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

गोहाना। देशभक्ति गढ़ी उजाले खां गांव की पहचान है। यह गांव उन चुनिंदा गांवों में शामिल है। जहां राष्ट्रसेवा पीढ़ी-दर-पीढ़ी विरासत के रूप में आगे बढ़ रही है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयकरण की गौरवशाली गाथा से लेकर आज भारतीय सेना और एनएसजी में सेवाएं दे रहे युवाओं तक गांव का इतिहास देशभक्ति के स्वर्णिम अध्यायों से भरा पड़ा है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यहां के बच्चों को बचपन से ही देशसेवा, अनुशासन और त्याग के संस्कार मिलते हैं। यही कारण है कि गांव के अनेक परिवारों की तीन से चार पीढ़ियां सेना में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर चुकी हैं।
विज्ञापन

गांव के गौरव स्वतंत्रता सेनानी जयकरण ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना था। पहले वह ब्रिटिश सेना में भर्ती हुए लेकिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान से प्रभावित होकर आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। इस निर्णय के चलते अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

देश की आजादी के बाद उनके योगदान को सम्मान देते हुए सरकार ने उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा प्रदान किया। राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें वर्ष 1972, 1985 और 1997 में ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया। आज भी गांव की सैन्य परंपरा उतनी ही मजबूत है। वहीं कई युवा सेना, अर्धसैनिक बलों और विशेष सुरक्षा इकाइयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गढ़ी उजाले खां की पहचान केवल एक गांव की नहीं बल्कि राष्ट्रसेवा की एक जीवंत परंपरा की है।

मेरे पिता जयकरण पहले अंग्रेजी सेना में थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर उन्होंने आजाद हिंद फौज का दामन थाम लिया। अंग्रेजों ने उन्हें जेल भेज दिया। वे छह वर्ष तक वे कारावास में रहे। आजादी के बाद उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा मिला। उनके जीवन का संघर्ष आज भी हमारे परिवार और गांव के लिए प्रेरणास्रोत है।
सुरेंद्र सैनी, पुत्र स्वतंत्रता सेनानी जयकरण
भारतीय सेना की ईएमई शाखा में सेवा करते हुए मुझे देश के कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और अभ्यासों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। वर्ष 1987 के बड़े सैन्य अभ्यासों से लेकर जोधपुर सीमा क्षेत्र में तैनाती और 1995 में पृथ्वी मिसाइल प्रदर्शन तक अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
बलवान, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर
भारतीय सेना में 23 वर्षों तक सेवा देना मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय रहा। सेना का जीवन अनुशासन, सम्मान और समर्पण का अद्भुत संगम है। हमारे परिवार की तीन पीढ़ियां सेना से जुड़ी रही हैं। मेरे ताऊ, बड़े भाई और मैंने सेना में सेवाएं दीं। यह पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है।
मुनीष कुमार, सेवानिवृत्त सब-ऑर्डिनेट ऑफिसर
मैंने भारतीय सेना में 26 वर्ष से अधिक समय तक सेवा की है। हमारे परिवार में राष्ट्रसेवा की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। मेरे चाचा सेना में थे। मैंने भी सेना में रहकर देश की सेवा की। अब मेरा बेटा एनएसजी कमांडो के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। गांव के अनेक युवाओं ने सेना और सुरक्षा बलों में अपनी पहचान बनाई है।

राजबीर सिंह, सेवानिवृत्त नायक सूबेदार

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

गोहाना के गढ़ी उजाले खां के प्रवेश पर स्वागत द्वार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article