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गंगा दशहरा आज... गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 7:08 से 10:37 बजे तक
Sun, 16 Jun 2024 02:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 16 Jun 2024 02:49 AM IST
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रोहतक। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने की मान्यता है। इस दिन पूजा, दान करना अति फलदायी माना जाता है। गंगाजल के आचमन करने से सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। मन अत्यंत प्रसन्न रहता है। गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और सुख की प्राप्ति होती है।
पंडित सुनील शास्त्री सावन ने बताया कि गंगा स्नान के बाद दान करना चाहिए, जिसके माध्यम से हमारे पूरे जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज के दिन गंगा स्नान के बाद दूध का अर्घ्य देने से कष्ट दूर होते हैं और समस्त बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।
-- -दान से मिलती है सुख-समृद्धि
-सफेद वस्तुओं का दान करें।
-मौसमी फल और सत्तू का दान करना चाहिए।
-गाय का दान महादान माना गया है।
- शरबत भरे मिट्टी का कलश का दान करना चाहिए।
-श्रद्धा अनुसार धन और अन्न का भी दान करना चाहिए।
-जरूरतमंदों को खाद्य वस्तुओं का दान करें।
-मां गंगा की करें पूजा
गंगा दशहरा जिसे गंगा के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। पंडित सुनील शास्त्री ने बताया कि मां गंगा की पूजा करने के लिए नदी के किनारे पर पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ दिन की शुरुआत करें। मां गंगा को 10 पसंदीदा वस्तु अर्पित करें, जिसमें प्रसाद और दूध से भरे पत्तों की नाव को शामिल करें। इसके अलावा गंगा नदी में स्नान करने से मन शरीर और आत्मा शुद्ध हो जाती है और लोगों को उनके बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है।
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गंगा स्नान से मिलती है पितरों को मुक्ति
इस दिन गंगा भगीरथ की तपस्या के बाद उनके पूर्वजों को मोक्ष देने के लिए धरती पर अवतरित हुईं थी। गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से अपने पितरों को मुक्ति मिलती है, जिसके माध्यम से वह हमें शुभ आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
-- -शुभ मुहूर्त
-16 जून को दशमी तिथि सुबह 2:32 बजे से अगले दिन 17 जून को सुबह 4:43 बजे तक
-हस्त नक्षत्र 11:13 बजे
-गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 7:08 बजे से 10:37 बजे तक
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पंडित सुनील शास्त्री सावन ने बताया कि गंगा स्नान के बाद दान करना चाहिए, जिसके माध्यम से हमारे पूरे जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज के दिन गंगा स्नान के बाद दूध का अर्घ्य देने से कष्ट दूर होते हैं और समस्त बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।
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-सफेद वस्तुओं का दान करें।
-मौसमी फल और सत्तू का दान करना चाहिए।
-गाय का दान महादान माना गया है।
- शरबत भरे मिट्टी का कलश का दान करना चाहिए।
-श्रद्धा अनुसार धन और अन्न का भी दान करना चाहिए।
-जरूरतमंदों को खाद्य वस्तुओं का दान करें।
-मां गंगा की करें पूजा
गंगा दशहरा जिसे गंगा के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। पंडित सुनील शास्त्री ने बताया कि मां गंगा की पूजा करने के लिए नदी के किनारे पर पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ दिन की शुरुआत करें। मां गंगा को 10 पसंदीदा वस्तु अर्पित करें, जिसमें प्रसाद और दूध से भरे पत्तों की नाव को शामिल करें। इसके अलावा गंगा नदी में स्नान करने से मन शरीर और आत्मा शुद्ध हो जाती है और लोगों को उनके बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है।
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गंगा स्नान से मिलती है पितरों को मुक्ति
इस दिन गंगा भगीरथ की तपस्या के बाद उनके पूर्वजों को मोक्ष देने के लिए धरती पर अवतरित हुईं थी। गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से अपने पितरों को मुक्ति मिलती है, जिसके माध्यम से वह हमें शुभ आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
-16 जून को दशमी तिथि सुबह 2:32 बजे से अगले दिन 17 जून को सुबह 4:43 बजे तक
-हस्त नक्षत्र 11:13 बजे
-गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 7:08 बजे से 10:37 बजे तक