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कक्षाएं छोड़ हक के लिए लड़ रहे फिल्म एंड टीवी के विद्यार्थी
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सुपवा में प्रदर्शन करते फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। पीएलसी सुपवा के फिल्म एंड टीवी विभाग के विद्यार्थी वीरवार को भी धरने पर रहे। अपने पाठ्यक्रम व अन्य मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया। पाठ्यक्रम दुरुस्त कराने के लिए विद्यार्थियों की ओर से बुधवार को दिए गए ज्ञापन पर वीरवार को विवि प्रशासन ने बैठक बुलाई। यहां विद्यार्थियों की ओर से रखे गए 16 मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसी बीच विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम में खुद बदलाव करने का फैसला लिया। इसका प्रारूप कुलपति को भेजा जाएगा।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि वर्ष 2017 से 2021 तक पाठ्यक्रम में तीन बार बदलाव किए गए हैं। इसमें हर बार कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्टस काट दिए गए। कम प्रोजेक्टस के कारण विद्यार्थियों के लिए नई चीजें सीखने के अवसर कम हो गए हैं। नया पाठ्यक्रम त्रुटियों भरा है। इसमें सुधार के लिए विवि प्रशासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है। वर्ष 2019 में विद्यार्थियों की ओर से किए गए प्रदर्शन में प्रशासन ने आठ मुद्दों पर सहमति जताई थी। इन पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विवि प्रशासन विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सुनिश्चित जवाब नहीं दे रहा है। इस कारण उन्हें यह विरोध का मार्ग अपनाना पड़ा। मजबूरन कक्षा व प्रोजेक्ट बायकाट का कदम उठाना पड़ा। जब तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगा, प्रदर्शन जारी रहेगा।
विद्यार्थियों ने कहा कि प्रशासन बेशक अपनी तरफ से असंवेदनशीलता बरते या चुप्पी साधे देरी करता रहे, विद्यार्थी अपने प्रदर्शन को कलात्मक करने की दिशा में काम करते रहेंगे। इससे विद्यार्थियों का बौद्धिक, सामाजिक, रचनात्मक, कलात्मक विकास होगा। विद्यार्थी आने वाले समय में पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग, गीत-गाना, नई धुन बनाना, कविताओं को बारीकी से समझना व कविता पाठ करना, नाटक बनाना व प्रस्तुति देना, किताबें पढ़ना-पढ़ाना, सामाजिक दृष्टिकोण पैदा करना, आत्मचिंतन कर संवेदनशीलता ग्रहण करना, कांस्ट्रेटिव डिबेट की जाएंगी। इसका शेड्यूल बना लिया है। इसके साथ सिलेबस में बेहतर बदलाव पर भी काम किया जा रहा है। जल्द योग, बॉडी मूवमेंट, गले का रियाज, पुस्तकालय व प्रदर्शनी शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों का कहना है, हमारी मांगों को माना जाए। ऐसा नहीं होने पर प्रदर्शन को कलात्मक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पढ़ाई की लड़ाई जारी रहेगी।
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प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि वर्ष 2017 से 2021 तक पाठ्यक्रम में तीन बार बदलाव किए गए हैं। इसमें हर बार कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्टस काट दिए गए। कम प्रोजेक्टस के कारण विद्यार्थियों के लिए नई चीजें सीखने के अवसर कम हो गए हैं। नया पाठ्यक्रम त्रुटियों भरा है। इसमें सुधार के लिए विवि प्रशासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है। वर्ष 2019 में विद्यार्थियों की ओर से किए गए प्रदर्शन में प्रशासन ने आठ मुद्दों पर सहमति जताई थी। इन पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विवि प्रशासन विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सुनिश्चित जवाब नहीं दे रहा है। इस कारण उन्हें यह विरोध का मार्ग अपनाना पड़ा। मजबूरन कक्षा व प्रोजेक्ट बायकाट का कदम उठाना पड़ा। जब तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगा, प्रदर्शन जारी रहेगा।
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विद्यार्थियों ने कहा कि प्रशासन बेशक अपनी तरफ से असंवेदनशीलता बरते या चुप्पी साधे देरी करता रहे, विद्यार्थी अपने प्रदर्शन को कलात्मक करने की दिशा में काम करते रहेंगे। इससे विद्यार्थियों का बौद्धिक, सामाजिक, रचनात्मक, कलात्मक विकास होगा। विद्यार्थी आने वाले समय में पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग, गीत-गाना, नई धुन बनाना, कविताओं को बारीकी से समझना व कविता पाठ करना, नाटक बनाना व प्रस्तुति देना, किताबें पढ़ना-पढ़ाना, सामाजिक दृष्टिकोण पैदा करना, आत्मचिंतन कर संवेदनशीलता ग्रहण करना, कांस्ट्रेटिव डिबेट की जाएंगी। इसका शेड्यूल बना लिया है। इसके साथ सिलेबस में बेहतर बदलाव पर भी काम किया जा रहा है। जल्द योग, बॉडी मूवमेंट, गले का रियाज, पुस्तकालय व प्रदर्शनी शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों का कहना है, हमारी मांगों को माना जाए। ऐसा नहीं होने पर प्रदर्शन को कलात्मक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पढ़ाई की लड़ाई जारी रहेगी।
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