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Rohtak News: अंतरिक्ष की उड़ान को आसान बनाएगी उत्सव की सोच
Sun, 19 Jan 2025 01:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:51 AM IST
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18सीटीके20- उत्सव अपने माता-पिता के साथ। संवाद
रोहित डागर
रोहतक। कहते हैं कुछ करने की लगन और जज्बा हो तो कोई काम मुश्किल नहीं है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है किसान के बेटे उत्सव ने। आसमान से ऊंची सोच व कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले उत्सव अंतरिक्ष की उड़ान को बेहतर व आसान बनाएंगे। इसरो ने उनका चयन साइंटिफिक असिस्टेंट (एनिमेशन) के एकमात्र पद पर किया है।
यहां वह वैज्ञानिकों के साथ मिल कर 3डी मॉडल डिजाइन, वीडियो एडिटिंग और इंफोग्राफिक्स तैयार करेगा। संवाद न्यूज एजेंसी से हुई बातचीत में चरखी दादरी के गांव दगडौली निवासी उत्सव ने अपना सपना साझा किया।
एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्र उत्सव ने बताया कि वैज्ञानिकों के साथ मिलकर विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिला है। अपनी रचनात्मकता का योगदान देकर देश के लिए कुछ करने का मौका है। एनिमेशन से उपग्रहों और रॉकेटों की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझा सकता है। यह विज्ञान को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने का सबसे प्रभावी तरीका है। अपने हुनर के जरिए देश के लिए कुछ कर गुजरना है। इसके लिए इसी सप्ताह कार्यभार संभालना है। संवाद
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आंख में दिक्कत ने छुड़ाया सीडीएस का पेपर
उत्सव का सपना बचपन से ही देशसेवा करने का रहा है। इसके लिए वह सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। सीडीएस की दो परीक्षाओं में फेल होने के बाद कुछ मायूसी हाथ लगी। किसान पिता संदीप ने हौसला बढ़ाया। बोले- इस बार पास नहीं हुआ तो क्या, अगली बार हो जाएगा। मेहनत कर। इसके चलते तीसरी बार परीक्षा की और मेहनत से तैयारी की। इस बार परीक्षा से एक माह पहले आंखों में दिक्कत हो गई। चिकित्सक ने छह माह तक स्क्रीन से दूर रहने की हिदायत दे दी। इसके चलते सीडीएस की परीक्षा ही नहीं दे पाए। इसके बाद सोचा, देश सेवा दूसरे संस्थान में काम करके भी की जा सकती है।
10 उम्मीदवारों में जगह बनाई
एमडीयू में एक दोस्त कहने पर स्नातक आधार पर नौकरी का पता किया। फरवरी 2024 में इसरो की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए। साइंटिफिक असिस्टेंट के एकमात्र पद के लिए आवेदन कर परीक्षा की तैयारी की। एमए की पढ़ाई के साथ दो स्तर पर हुई परीक्षा का पहला स्तर पास कर 10 उम्मीदवारों में जगह बनाई। दूसरे स्तर में स्किल टेस्ट हुआ। इसका परिणाम मेरे चयन के रूप में आया। इस चयन से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। मां आशा गृहिणी हैं। हम तीन भाई-बहन हैं। वर्ष 2016 से 2020 तक एलपीयू यूनिवर्सिटी से बैचलर इन डिजाइन से स्नातक की। 2022 से 2024 तक एमडीयू के पत्रकारिता व जनसंचार से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की।
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रोहतक। कहते हैं कुछ करने की लगन और जज्बा हो तो कोई काम मुश्किल नहीं है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है किसान के बेटे उत्सव ने। आसमान से ऊंची सोच व कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले उत्सव अंतरिक्ष की उड़ान को बेहतर व आसान बनाएंगे। इसरो ने उनका चयन साइंटिफिक असिस्टेंट (एनिमेशन) के एकमात्र पद पर किया है।
यहां वह वैज्ञानिकों के साथ मिल कर 3डी मॉडल डिजाइन, वीडियो एडिटिंग और इंफोग्राफिक्स तैयार करेगा। संवाद न्यूज एजेंसी से हुई बातचीत में चरखी दादरी के गांव दगडौली निवासी उत्सव ने अपना सपना साझा किया।
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एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्र उत्सव ने बताया कि वैज्ञानिकों के साथ मिलकर विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिला है। अपनी रचनात्मकता का योगदान देकर देश के लिए कुछ करने का मौका है। एनिमेशन से उपग्रहों और रॉकेटों की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझा सकता है। यह विज्ञान को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने का सबसे प्रभावी तरीका है। अपने हुनर के जरिए देश के लिए कुछ कर गुजरना है। इसके लिए इसी सप्ताह कार्यभार संभालना है। संवाद
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आंख में दिक्कत ने छुड़ाया सीडीएस का पेपर
उत्सव का सपना बचपन से ही देशसेवा करने का रहा है। इसके लिए वह सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। सीडीएस की दो परीक्षाओं में फेल होने के बाद कुछ मायूसी हाथ लगी। किसान पिता संदीप ने हौसला बढ़ाया। बोले- इस बार पास नहीं हुआ तो क्या, अगली बार हो जाएगा। मेहनत कर। इसके चलते तीसरी बार परीक्षा की और मेहनत से तैयारी की। इस बार परीक्षा से एक माह पहले आंखों में दिक्कत हो गई। चिकित्सक ने छह माह तक स्क्रीन से दूर रहने की हिदायत दे दी। इसके चलते सीडीएस की परीक्षा ही नहीं दे पाए। इसके बाद सोचा, देश सेवा दूसरे संस्थान में काम करके भी की जा सकती है।
10 उम्मीदवारों में जगह बनाई
एमडीयू में एक दोस्त कहने पर स्नातक आधार पर नौकरी का पता किया। फरवरी 2024 में इसरो की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए। साइंटिफिक असिस्टेंट के एकमात्र पद के लिए आवेदन कर परीक्षा की तैयारी की। एमए की पढ़ाई के साथ दो स्तर पर हुई परीक्षा का पहला स्तर पास कर 10 उम्मीदवारों में जगह बनाई। दूसरे स्तर में स्किल टेस्ट हुआ। इसका परिणाम मेरे चयन के रूप में आया। इस चयन से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। मां आशा गृहिणी हैं। हम तीन भाई-बहन हैं। वर्ष 2016 से 2020 तक एलपीयू यूनिवर्सिटी से बैचलर इन डिजाइन से स्नातक की। 2022 से 2024 तक एमडीयू के पत्रकारिता व जनसंचार से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की।