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फीस वापसी समाधान नहीं, एनईपी वापस ले सरकार : संयुक्त छात्र संघर्ष समिति

Sun, 23 Jun 2024 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 11:33 PM IST
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Fee refund is not a solution, government should withdraw NEP: Joint Students Struggle Committee
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से बैठक कर नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का विरोध दर्ज कराया है। विद्यार्थी ऐसी किसी भी नीति को लागू नहीं होने देंगे, जो शिक्षा को गरीबों से दूर करें। फीस वापसी समाधान नहीं है। एनईपी को सरकार वापस ले, अन्यथा विवि व सरकार को विरोध का सामना करना पड़ेगा। यह कहना है संयुक्त छात्र संघर्ष समिति एमडीयू का। समिति सदस्य रविवार को कैंपस में एनईपी पर बैठक कर रहे थे। इसमें नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, शहीद भगत सिंह छात्र संगठन, डाॅ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन, आईएसओ, एनएसयूआई, जन सेवक छात्र मंच, कबीर युवा छात्र मोर्चा, छात्र हितकार्णी महासभा शामिल रहे।
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समिति की संयुक्त बैठक में नई शिक्षा नीति पर मंथन किया। इसमें फीस वापसी के एजेंडे पर चर्चा कर कहा कि इस प्रकार के सरकार के फैसले गरीब छात्रों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास है। फीस माफी का आदेश सरकार ने जारी कर दिया है। इसका स्वागत करते हैं, लेकिन इसके साथ सरकार का ध्यान नैतिक कर्तव्य की ओर दिलाना जरूरी है। रोटी-कपड़ा-मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य फ्री होना चाहिए। सरकारी शिक्षण संस्थानों में नाम मात्र की फीस होनी चाहिए। इससे हर तबके के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी से जिन छात्रों का कोई लेना देना ही नहीं है, वे झूठी शाबाशी के चक्कर में आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग अपनी हरकतों से बाज आएं।
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय एक शोध केंद्र है। इसमें रिसर्च कराना मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। यूनिवर्सिटी को अगर अंडर ग्रेजुएट कोर्स कराने में ज्यादा दिलचस्पी है तो यूनिवर्सिटी कॉलेज का निमार्ण करे। इससे युवाओं को स्थाई रोजगार भी मिलेगा। नई शिक्षा नीति युवाओं के साथ बडा धोखा है। शिक्षा को निजीकरण की तरफ ले जाने का प्रयास है। एमडीयू में पहले ही स्टाफ की कम है। इस कोर्स को पढ़ाने के लिए कोई नई भर्ती प्रक्रिया भी नहीं की गई। इसलिए इस नीति को लागू करने वाले और इसका पालन करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एमडीयू सरकारी शिक्षण संस्थान है। यहां इसी मापदंड से फीस व कोर्स तय होने चाहिए। सरकार की गलत नीति को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में सुधीर कुमार सहारन, प्रदीप मोटा, विक्रम सिंह डुमोलिया, प्रवीण मलिक, सिली सिवाच, मोहित सहरावत, आदर्श बुरा, सोनू मुकुल, हिमांशु देशवाल, रवि दहिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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