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किसानों और उच्च अधिकारियों की पांच घंटे हुई वार्ता, नतीजा रहा विफल
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बैठक में बातचीत करते अधिकारी, उद्यमी और किसान नेता। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के कारण दिल्ली-हरियाणा के बंद रास्तों को खुलवाने को लेकर मंगलवार को आंदोलनरत किसानों और हरियाणा सरकार की एचपीसी (हाई पावर कमेटी) के बीच बैठक हुई। इस दौरान वार्ता विफल रही। गोरैया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में हुई मीटिंग में अधिकारियों और किसानों ने टीकरी बॉर्डर का दौरा कर दोनों तरफ से एक-एक लेन खोलने की संभावनाएं तलाशी। किसान नेताओं ने कहा कि बॉर्डर पर रास्ता किसानों ने नहीं रोका, सरकार ने रोका है, सरकार ही खोले।
मीटिंग में हरियाणा सरकार द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष गृह सचिव (एसीएम) राजीव अरोड़ा, हरियाणा पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) पीके अग्रवाल, सीआईडी प्रमुख आलोक मित्तल, एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर), एडीजीपी रोहतक रेंज संदीप खिरवार, रोहतक के कमिश्नर पंकज यादव के अलावा झज्जर के उपायुक्त श्याम लाल पूनिया, पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम व सोनीपत के पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा भी मौजूद रहे। उधर, एसकेएम की टीकरी बॉर्डर कमेटी की तरफ से अमरीक सिंह, हरियाणा से बारूराम, कुलवंत सिंह मौलवीवाला, रमेश सुडाना सहित छह किसान नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत की।
मीटिंग में किसानों की छह सदस्यीय कमेटी के अलावा बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की तरफ से छह उद्यमी शामिल रहे। किसानों की तरफ से मीटिंग में उच्च अधिकारियों के समक्ष किसान व उद्यमी आमने-सामने बैठे और बॉर्डर खोले जाने के मुद्दे को लेकर चर्चा की। मीटिंग के दौरान किसान नेताओं ने समस्या के समाधान में सहयोग करने का आश्वासन दिया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े हर पहलू की संयुक्त किसान मोर्चा की टॉप लीडरशिप को जानकारी दी जाएगी, जिस पर टॉप लीडरशिप ही आखिरी फैसला लेगी।
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सरकार की हाई पावर कमेटी की अगुवाई कर रहे एसीएस राजीव अरोड़ा ने कमेटी सदस्यों के साथ टीकरी बॉर्डर का जायजा लिया। एसीएस राजीव अरोड़ा ने सड़क पर लगी स्थायी बैरिकेडिंग पर चढ़कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान एससीएस राजीव अरोड़ा ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण रही। दिल्ली पुलिस ने जो रास्ते बंद कर रखे हैं, उनके दोनों तरफ एक-एक लेन खोलने के लिए दिल्ली वालों से बातचीत करनी होगी। एसीएस ने दिल्ली पुलिस ने बात करने से पहले हालात की सटीक जानकारी जुटाई। अरोड़ा ने बताया कि किसानों ने आश्वासन दिया है कि उनकी तरफ से कोई दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के प्रयास हैं कि बंद रास्ते जल्द खुलें।
बैठक में किसानों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। आंदोलन स्थल पर बिजली, पानी और लिविंग कंडीशन सुधारने की मांग रखी। बैठक में उद्योगपतियों ने भी अपनी समस्या रखी। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव सुभाष जग्गा, , वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र छिकारा, उपाध्यक्ष विकास आनंद सोनी, पवन जैन, हरिशंकर बाहेती व मनोज सिंगल ने बैठक में भाग लिया। उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के पूरे 11 माह दिल्ली की सीमा पर हो चुके हैं। केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार, मानवाधिकार आयोग तक गुहार लगा चुके हैं। कोर्ट की शरण भी ले चुके हैं।
सात हजार से ज्यादा उद्योग हैं बंद, हजारों लोग हैं बेरोजगार
उद्यमियों का कहना है कि बहादुरगढ़ में छोटे-बड़े सात हजार से ज्यादा उद्योग हैं। इनमें तीन लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं, लेकिन आंदोलन के चलते टीकरी बॉर्डर बंद होने से कई कंपनियों पर ताला लग चुका है और हजारों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। उद्यमियों ने हाई पावर कमेटी के समक्ष भी किसानों से रास्ता खुलवाने का आग्रह किया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने गठित की कमेटी
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण बंद रास्तों को खुलवाने के लिए प्रदेश स्तरीय हाई पावर कमेटी गठित की है। इसमें गृह सचिव राजीव अरोड़ा, डीजीपी पीके अग्रवाल, सीआईडी प्रमुख आलोक मित्तल व एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के अलावा सोनीपत व झज्जर के उपायुक्त और दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। यह हाई पावर कमेटी पूर्व में सोनीपत में भी एक बैठक कर चुकी है, जिसमें किसान संगठनों की तरफ से कोई शामिल नहीं हुआ था, लेकिन मंगलवार को बहादुरगढ़ में हुई मीटिंग में किसानों का प्रतिनिधि मंडल शामिल हुआ। किसान नेताओं ने कहा कि रास्ता उन्होंने नहीं बल्कि सरकार व दिल्ली पुलिस ने बंद किया हुआ है। वे तो जंतर-मंतर पर जाना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर बेरीकेड्स लगाकर उन्हें रोका है। किसान तो अपना शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे हैं बल्कि सरकार ही उन्हें किसी न किसी तरह से परेशान कर रही है। मीटिंग में बहादुरगढ़ के एसडीएम भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
-फोटो 6 : बैठक में बातचीत करते अधिकारी, उद्यमी और किसान नेता।
-फोटो 7 : टीकरी बार्डर पर रास्ते खोलने की संभावना तलाशते अधिकारी।
-फोटो 8 : दिल्ली पुलिस द्वारा सील किया गया टीकरी बार्डर।
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मीटिंग में हरियाणा सरकार द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष गृह सचिव (एसीएम) राजीव अरोड़ा, हरियाणा पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) पीके अग्रवाल, सीआईडी प्रमुख आलोक मित्तल, एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर), एडीजीपी रोहतक रेंज संदीप खिरवार, रोहतक के कमिश्नर पंकज यादव के अलावा झज्जर के उपायुक्त श्याम लाल पूनिया, पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम व सोनीपत के पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा भी मौजूद रहे। उधर, एसकेएम की टीकरी बॉर्डर कमेटी की तरफ से अमरीक सिंह, हरियाणा से बारूराम, कुलवंत सिंह मौलवीवाला, रमेश सुडाना सहित छह किसान नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत की।
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मीटिंग में किसानों की छह सदस्यीय कमेटी के अलावा बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की तरफ से छह उद्यमी शामिल रहे। किसानों की तरफ से मीटिंग में उच्च अधिकारियों के समक्ष किसान व उद्यमी आमने-सामने बैठे और बॉर्डर खोले जाने के मुद्दे को लेकर चर्चा की। मीटिंग के दौरान किसान नेताओं ने समस्या के समाधान में सहयोग करने का आश्वासन दिया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े हर पहलू की संयुक्त किसान मोर्चा की टॉप लीडरशिप को जानकारी दी जाएगी, जिस पर टॉप लीडरशिप ही आखिरी फैसला लेगी।
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सरकार की हाई पावर कमेटी की अगुवाई कर रहे एसीएस राजीव अरोड़ा ने कमेटी सदस्यों के साथ टीकरी बॉर्डर का जायजा लिया। एसीएस राजीव अरोड़ा ने सड़क पर लगी स्थायी बैरिकेडिंग पर चढ़कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान एससीएस राजीव अरोड़ा ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण रही। दिल्ली पुलिस ने जो रास्ते बंद कर रखे हैं, उनके दोनों तरफ एक-एक लेन खोलने के लिए दिल्ली वालों से बातचीत करनी होगी। एसीएस ने दिल्ली पुलिस ने बात करने से पहले हालात की सटीक जानकारी जुटाई। अरोड़ा ने बताया कि किसानों ने आश्वासन दिया है कि उनकी तरफ से कोई दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के प्रयास हैं कि बंद रास्ते जल्द खुलें।
बैठक में किसानों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। आंदोलन स्थल पर बिजली, पानी और लिविंग कंडीशन सुधारने की मांग रखी। बैठक में उद्योगपतियों ने भी अपनी समस्या रखी। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव सुभाष जग्गा, , वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र छिकारा, उपाध्यक्ष विकास आनंद सोनी, पवन जैन, हरिशंकर बाहेती व मनोज सिंगल ने बैठक में भाग लिया। उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के पूरे 11 माह दिल्ली की सीमा पर हो चुके हैं। केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार, मानवाधिकार आयोग तक गुहार लगा चुके हैं। कोर्ट की शरण भी ले चुके हैं।
सात हजार से ज्यादा उद्योग हैं बंद, हजारों लोग हैं बेरोजगार
उद्यमियों का कहना है कि बहादुरगढ़ में छोटे-बड़े सात हजार से ज्यादा उद्योग हैं। इनमें तीन लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं, लेकिन आंदोलन के चलते टीकरी बॉर्डर बंद होने से कई कंपनियों पर ताला लग चुका है और हजारों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। उद्यमियों ने हाई पावर कमेटी के समक्ष भी किसानों से रास्ता खुलवाने का आग्रह किया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने गठित की कमेटी
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण बंद रास्तों को खुलवाने के लिए प्रदेश स्तरीय हाई पावर कमेटी गठित की है। इसमें गृह सचिव राजीव अरोड़ा, डीजीपी पीके अग्रवाल, सीआईडी प्रमुख आलोक मित्तल व एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के अलावा सोनीपत व झज्जर के उपायुक्त और दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। यह हाई पावर कमेटी पूर्व में सोनीपत में भी एक बैठक कर चुकी है, जिसमें किसान संगठनों की तरफ से कोई शामिल नहीं हुआ था, लेकिन मंगलवार को बहादुरगढ़ में हुई मीटिंग में किसानों का प्रतिनिधि मंडल शामिल हुआ। किसान नेताओं ने कहा कि रास्ता उन्होंने नहीं बल्कि सरकार व दिल्ली पुलिस ने बंद किया हुआ है। वे तो जंतर-मंतर पर जाना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर बेरीकेड्स लगाकर उन्हें रोका है। किसान तो अपना शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे हैं बल्कि सरकार ही उन्हें किसी न किसी तरह से परेशान कर रही है। मीटिंग में बहादुरगढ़ के एसडीएम भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
-फोटो 6 : बैठक में बातचीत करते अधिकारी, उद्यमी और किसान नेता।
-फोटो 7 : टीकरी बार्डर पर रास्ते खोलने की संभावना तलाशते अधिकारी।
-फोटो 8 : दिल्ली पुलिस द्वारा सील किया गया टीकरी बार्डर।