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किसान आंदोलन में सहयोग नहीं करने वालों को न दें वोट : चढूनी
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महापंचायत में गुरनाम सिंह चढूनी को सम्मानित करते किसान।
- फोटो : Hisar
मंडी आदमपुर (हिसार)। गांव चूली बागड़ियान में मंगलवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया। महापंचायत में मुख्य वक्ता के रूप में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों का प्रत्येक व्यक्ति को विरोध करना चाहिए एवं किसान, मजदूर को इकट्ठे होकर इस लड़ाई को लड़ना चाहिए। आज हम जीवन की जंग को लड़ रहे हैं, जिसमें हर व्यक्ति को अपना सहयोग देना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग किसान आंदोलन में सहयोग नहीं दे रहे हैं, अगर वे वोट मांगने आते हैं तो उन्हें वोट न दें। उसकी जगह भले ही किसी गधे को वोट डाल देना।
दिल्ली पुलिस गांव में आए तो उनको घेरकर बिठाओ
गुरनाम सिंह चढूनी ने दिल्ली पुलिस के बारे में कहा कि ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुए बवाल के बाद दिल्ली पुलिस लगातार किसानों व युवाओं पर कार्रवाई करते करीब 17 सौ लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। दिल्ली पुलिस किसी को गिरफ्तार करने आए तो उन्हें गांव में घेरकर बैठाओ, उनको खिलाओ-पिलाओ और जिले के अधिकारियों को बुलाओ एवं जब तक अधिकारी यह न कह दें कि दोबारा दिल्ली पुलिस गांव में नहीं आएगी। तब तक उनको गांव से नहीं जाने देना है।
आंदोलन ले चुका है धर्मयुद्ध का रूप
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यह आंदोलन धर्मयुद्ध का रूप ले चुका है। यदि कानून लागू होते हैं तो देश का अनाज कुछ लोगों के गोदामों में चला जाएगा। यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं है यह देश को बचाने का आंदोलन है। यह धर्मयुद्ध है। नए कृषि कानून अगर लागू होते हैं तो किसान अपनी जमीन के मालिक नहीं रह पाएंगे और जमीन के बड़े हिस्से पर कंपनी खेती करती दिखाई देंगी। यदि हम यह लड़ाई हार गए तो कोई भी हमें आर्थिक गुलामी से कोई नहीं बचा सकता। किसान नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र कारपोरेट घरानों को वित्तीय मदद दे रहा है, लेकिन ऋण माफी के रूप में किसानों को राहत नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि जनता उन लोगों को वोट न दे जो आज किसानों के साथ नहीं खड़े हो सकते। चढूनी ने कहा कि किसान बारी-बारी से दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहें।
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सर छोटूराम व डॉ. आंबेडकर की फोटो अपने घर लगाएं
गुरनाम सिंह ने कहा कि सरकार हमें आज तक विभाजित करती रही है, कभी जाति के नाम पर या कभी धर्म के नाम पर। आप सभी सरकार की इस साजिश को समझें। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारे को मजबूती प्रदान करने के लिए हमारे दलित भाई अपने घरों में सर छोटूराम की फोटो और अन्य सभी भाई अपने घरों में डॉ. बीआर आंबेडकर की फोटो लगाएं।
किसान आखिरी सांस तक लड़ेंगे
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों के बेटे सरहद पर लड़ाई करते हुए शहीद हुए हैं, क्या कोई बता सकता है कि देश की आजादी के लिए कौन सा पूंजीपति शहीद हुआ है। केंद्र की सरकार पूंजीपतियों के हाथों में खेल रही है और ये तीनों कानून केवल और केवल पूंजीपतियों के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कि किसानों को अपनी फसल नहीं जलानी है और न ही नष्ट करनी चाहिए।
राकेश टिकैत से नहीं है कोई मतभेद
हरियाणा में महापंचायत समाप्ति के बाद दोबारा महापंचायत करने की बात के सवाल पर गुरनाम सिंह ने कहा कि गांव चूली बागड़ियान में महापंचायत का कार्यक्रम पहले से बना हुआ था। इसलिए यह महापंचायत करनी पड़ी। अब कोई महापंचायत नहीं होगी। उन्होंने राकेश टिकैत के साथ मनमुटाव की बात को भी नकारते हुए कहा कि टिकैत के साथ उनका किसी प्रकार को कोई मतभेद नहीं है। वह राकेश टिकैत के साथ हर मीटिंग में जाते हैं और किसानों से बातचीत करते हैं एवं रणनीति बनाते हैं। यह सरकार का लाया हुआ केवल झूठ है, जो किसान आंदोलन को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
ये रहे मौजूद : इस मौके पर विनोद बैनीवाल, अजय बैनीवाल, व्यापार मंडल के उपप्रधान धर्मबीर खिचड़, सचिव गौरव सिंगला, राहुल सिंगला, पूर्व अध्यक्ष लीलाधर गर्ग, राजकुमार गोयल, रामप्रताप, अमित मूंढ, बलजीत मांझू, जगदीश भादू, जोगेंद्र खिलेरी, रविंद्र जांगू आदि मौजूद रहे।
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दिल्ली पुलिस गांव में आए तो उनको घेरकर बिठाओ
गुरनाम सिंह चढूनी ने दिल्ली पुलिस के बारे में कहा कि ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुए बवाल के बाद दिल्ली पुलिस लगातार किसानों व युवाओं पर कार्रवाई करते करीब 17 सौ लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। दिल्ली पुलिस किसी को गिरफ्तार करने आए तो उन्हें गांव में घेरकर बैठाओ, उनको खिलाओ-पिलाओ और जिले के अधिकारियों को बुलाओ एवं जब तक अधिकारी यह न कह दें कि दोबारा दिल्ली पुलिस गांव में नहीं आएगी। तब तक उनको गांव से नहीं जाने देना है।
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आंदोलन ले चुका है धर्मयुद्ध का रूप
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यह आंदोलन धर्मयुद्ध का रूप ले चुका है। यदि कानून लागू होते हैं तो देश का अनाज कुछ लोगों के गोदामों में चला जाएगा। यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं है यह देश को बचाने का आंदोलन है। यह धर्मयुद्ध है। नए कृषि कानून अगर लागू होते हैं तो किसान अपनी जमीन के मालिक नहीं रह पाएंगे और जमीन के बड़े हिस्से पर कंपनी खेती करती दिखाई देंगी। यदि हम यह लड़ाई हार गए तो कोई भी हमें आर्थिक गुलामी से कोई नहीं बचा सकता। किसान नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र कारपोरेट घरानों को वित्तीय मदद दे रहा है, लेकिन ऋण माफी के रूप में किसानों को राहत नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि जनता उन लोगों को वोट न दे जो आज किसानों के साथ नहीं खड़े हो सकते। चढूनी ने कहा कि किसान बारी-बारी से दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहें।
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सर छोटूराम व डॉ. आंबेडकर की फोटो अपने घर लगाएं
गुरनाम सिंह ने कहा कि सरकार हमें आज तक विभाजित करती रही है, कभी जाति के नाम पर या कभी धर्म के नाम पर। आप सभी सरकार की इस साजिश को समझें। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारे को मजबूती प्रदान करने के लिए हमारे दलित भाई अपने घरों में सर छोटूराम की फोटो और अन्य सभी भाई अपने घरों में डॉ. बीआर आंबेडकर की फोटो लगाएं।
किसान आखिरी सांस तक लड़ेंगे
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों के बेटे सरहद पर लड़ाई करते हुए शहीद हुए हैं, क्या कोई बता सकता है कि देश की आजादी के लिए कौन सा पूंजीपति शहीद हुआ है। केंद्र की सरकार पूंजीपतियों के हाथों में खेल रही है और ये तीनों कानून केवल और केवल पूंजीपतियों के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कि किसानों को अपनी फसल नहीं जलानी है और न ही नष्ट करनी चाहिए।
राकेश टिकैत से नहीं है कोई मतभेद
हरियाणा में महापंचायत समाप्ति के बाद दोबारा महापंचायत करने की बात के सवाल पर गुरनाम सिंह ने कहा कि गांव चूली बागड़ियान में महापंचायत का कार्यक्रम पहले से बना हुआ था। इसलिए यह महापंचायत करनी पड़ी। अब कोई महापंचायत नहीं होगी। उन्होंने राकेश टिकैत के साथ मनमुटाव की बात को भी नकारते हुए कहा कि टिकैत के साथ उनका किसी प्रकार को कोई मतभेद नहीं है। वह राकेश टिकैत के साथ हर मीटिंग में जाते हैं और किसानों से बातचीत करते हैं एवं रणनीति बनाते हैं। यह सरकार का लाया हुआ केवल झूठ है, जो किसान आंदोलन को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
ये रहे मौजूद : इस मौके पर विनोद बैनीवाल, अजय बैनीवाल, व्यापार मंडल के उपप्रधान धर्मबीर खिचड़, सचिव गौरव सिंगला, राहुल सिंगला, पूर्व अध्यक्ष लीलाधर गर्ग, राजकुमार गोयल, रामप्रताप, अमित मूंढ, बलजीत मांझू, जगदीश भादू, जोगेंद्र खिलेरी, रविंद्र जांगू आदि मौजूद रहे।