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कोर्निंया की ब्लाइंडनेस की कमी को दूर करने के लिए सभी को आना होगा आगे : डॉ. अशोक

Sat, 07 Sep 2024 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2024 01:21 AM IST
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Everyone will have to come forward to overcome the deficiency of corneal blindness: Dr. Ashok
06सीटीके22..06सीटीके22...पीजीआईडीएस में चल रहे नेत्रदान पखवाड़ा में मौजूद चिकित्सक। स्रोत:पीजीआ
रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान की ओर से चलाए जा रहे 39वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत एक व्याख्यान का आयोजन कराया गया। व्याख्यान में बीडीएस व एमडीएस के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग अध्यक्ष डॉ. मंजूनाथ ने आरआईओ विभाग अध्यक्ष डॉ. आरएस चौहान, डॉ अशोक राठी व डॉ. ज्योति को पौधा भेंट करके स्वागत किया। मंच का संचालन डॉक्टर विपुल यादव ने किया।
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विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि आरआईओ अध्यक्ष डॉ. आरएस चौहान व उनकी टीम हर साल 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाकर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक करती है और उनकी बहुमूल्य आंखों को बचाने के तरीके बताती है। इसके चलते समाज में काफी जागरूकता आई है। अभी लोग अपने नेत्रों की तरफ काफी ध्यान देने लगे हैं और समय-समय पर अपनी आंखों की जांच कराते रहते हैं।
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डॉक्टर मंजूनाथ ने बताया कि उनका प्रयास रहता है कि बीडीएस के छात्रों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार की बीमारियों व तकनीक से अपडेट रखा जाए। इसके लिए उनका विभाग समय-समय पर व्याख्यानों का आयोजन कराता रहता है। आरआईओ विभाग अध्यक्ष डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि नेत्रदान में डेंटल कॉलेज के विद्यार्थी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. अशोक राठी ने व्याख्यान बताया कि भारत में 1985 से नेत्रदान पखवाड़ा मनाते आ रहे हैं और लोगों से अपील करते हैं कि मरणोपरांत ज्यादा से ज्यादा नेत्रदान कराएं। उन्होंने बताया कि हमें मरणोपरांत करीब 6 घंटे के अंदर नेत्रदान कराना होता है। इसके लिए उनके विभाग की एक जुझारू टीम 24 घंटे तैयार रहती है। डॉ. अशोक राठी ने बताया कि कोर्निंया की ब्लाइंडनेस की कमी को दूर करने के लिए सभी को एक साथ आगे आना होगा। डॉ. ज्योति देशवाल ने आंखों की रचना और अंधता के कारण बताएं। डॉ. गौतम जैन, डॉ. रश्मि भारती, डॉक्टर स्वाति गुप्ता, डॉ अपूर्व, डॉक्टर भावना और डॉक्टर आदर्श ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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