{"_id":"662c49f5aef8fa2efb0df7b7","slug":"every-person-will-get-benefit-by-making-abha-id-dr-brahmdeep-singh-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-109829-2024-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"आभा आईडी बनवाने से प्रत्येक व्यक्ति को मिलेगा लाभ : डॉ. ब्रह्मदीप सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आभा आईडी बनवाने से प्रत्येक व्यक्ति को मिलेगा लाभ : डॉ. ब्रह्मदीप सिंह
Sat, 27 Apr 2024 06:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 27 Apr 2024 06:12 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। रूटीन प्रतिरक्षण, यू-विन व टीबी-विन की जिलास्तरीय वर्कशाप में प्रतिभागियों को यू-विन एप के बारे में जानकारी दी गई। इसमें सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि आभा आईडी बनवाने से प्रत्येक व्यक्ति को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग राज्य मुख्यालय की टीम से स्टेट कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय वर्मा, फरजाना चौधरी, रीजनल कार्यक्रम अधिकारी तथा एसएमओ डॉ. मनु खन्ना, सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने शिरकत की। वहीं डॉ. तीर्थ राम बागड़ी जिला मलेरिया अधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बसंत दुबे, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. निशा डाबर और जिले के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी व चिकित्सा अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
डॉ. अजय वर्मा ने प्रतिभागियों को बताया गया कि यू-विन एप पर कैसे कार्य करना है। इससे संस्था की साप्ताहिक, पाक्षिक व मासिक समीक्षा करनी है। यू-विन टीकाकरण सेवाओं, टीकाकरण की स्थिति को दर्ज करने, वितरण परिणाम, आरआई सत्रों की योजना और एंटीजन-वार कवरेज आदि जैसी रिपोर्ट के लिए जानकारी का एकल स्रोत है। इसमें टीकाकरण के लिए व्यक्तिगत ट्रैकिंग, आगामी खुराक के लिए अनुस्मारक और ड्रॉपआउट के फॉलोअप के लिए गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का डिजिटल पंजीकरण होता है। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि यू-विन प्लेटफॉर्म का उपयोग प्रत्येक गर्भवती महिला को पंजीकृत करने और टीकाकरण करने, प्रसव के परिणाम को रिकॉर्ड करने, नवजात के जन्म को पंजीकृत करने, जन्म खुराक देने और उसके बाद सभी टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी और कार्यक्रम प्रबंधक बेहतर योजना और टीका वितरण के लिए नियमित टीकाकरण सत्र और टीकाकरण कवरेज का रियल टाइम डेटा तैयार करने में सक्षम होंगे। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए, एबीएचए आईडी (आभा आईडी) से जुड़ा ई-टीका पावती और ई-टीकाकरण कार्ड तैयार होगा और सभी राज्य और जिले के लाभार्थियों को ट्रैक करने और टीकाकरण करने के लिए एक सामान्य डेटाबेस तक पहुंच सकते हैं। इस मंच के माध्यम से नागरिक आसपास चल रहे नियमित टीकाकरण सत्रों की जांच कर सकते हैं और अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को यू-विन के सभी मॉड्यूल पर प्रशिक्षित किया गया है। अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. निशा डाबर ने बताया कि यू-विन व टीबी-विन में रिकॉर्ड सहित संपूर्ण टीकाकरण प्रणाली डिजिटल हो जाएगी, इससे लाभार्थियों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी। लाभार्थी टीकाकरण के लिए पहले से स्लॉट बुक कर सकेंगे। लाभार्थियों को मौके पर ही टीकाकरण के प्रमाणपत्र मिल जाएंगे और डाउनलोड भी कर सकते हैं। इस मौके पर वीसीसीएम विकास कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला अर्श काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा, महामारी विशेषज्ञ नितिन गुप्ता, टीबी डीपीसी शमशेर, वैक्सीनेशन सहायक मीनाक्षी हसीजा मौजूद रहे।
डॉ. अजय वर्मा ने प्रतिभागियों को बताया गया कि यू-विन एप पर कैसे कार्य करना है। इससे संस्था की साप्ताहिक, पाक्षिक व मासिक समीक्षा करनी है। यू-विन टीकाकरण सेवाओं, टीकाकरण की स्थिति को दर्ज करने, वितरण परिणाम, आरआई सत्रों की योजना और एंटीजन-वार कवरेज आदि जैसी रिपोर्ट के लिए जानकारी का एकल स्रोत है। इसमें टीकाकरण के लिए व्यक्तिगत ट्रैकिंग, आगामी खुराक के लिए अनुस्मारक और ड्रॉपआउट के फॉलोअप के लिए गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का डिजिटल पंजीकरण होता है। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि यू-विन प्लेटफॉर्म का उपयोग प्रत्येक गर्भवती महिला को पंजीकृत करने और टीकाकरण करने, प्रसव के परिणाम को रिकॉर्ड करने, नवजात के जन्म को पंजीकृत करने, जन्म खुराक देने और उसके बाद सभी टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी और कार्यक्रम प्रबंधक बेहतर योजना और टीका वितरण के लिए नियमित टीकाकरण सत्र और टीकाकरण कवरेज का रियल टाइम डेटा तैयार करने में सक्षम होंगे। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए, एबीएचए आईडी (आभा आईडी) से जुड़ा ई-टीका पावती और ई-टीकाकरण कार्ड तैयार होगा और सभी राज्य और जिले के लाभार्थियों को ट्रैक करने और टीकाकरण करने के लिए एक सामान्य डेटाबेस तक पहुंच सकते हैं। इस मंच के माध्यम से नागरिक आसपास चल रहे नियमित टीकाकरण सत्रों की जांच कर सकते हैं और अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को यू-विन के सभी मॉड्यूल पर प्रशिक्षित किया गया है। अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. निशा डाबर ने बताया कि यू-विन व टीबी-विन में रिकॉर्ड सहित संपूर्ण टीकाकरण प्रणाली डिजिटल हो जाएगी, इससे लाभार्थियों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी। लाभार्थी टीकाकरण के लिए पहले से स्लॉट बुक कर सकेंगे। लाभार्थियों को मौके पर ही टीकाकरण के प्रमाणपत्र मिल जाएंगे और डाउनलोड भी कर सकते हैं। इस मौके पर वीसीसीएम विकास कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला अर्श काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा, महामारी विशेषज्ञ नितिन गुप्ता, टीबी डीपीसी शमशेर, वैक्सीनेशन सहायक मीनाक्षी हसीजा मौजूद रहे।
विज्ञापन