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Army Day: 50 साल बाद भी शांति देवी को है पति के लौटकर आने का इंतजार

Wed, 15 Jan 2020 11:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Wed, 15 Jan 2020 11:44 AM IST
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Army Day: Even after 50 years, Shanti Devi is waiting for her husband to come back
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आज आर्मी डे के मौके पर हम आपको बता रहे हैं 70 साल की बुजुर्ग शांति शांति देवी की कहानी, जिनकी आंखें आज भी हर आहट में अपने पति का इंतजार कर रही हैं।
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रोहतक के बंलम गांव की शांति देवी के पति इंद्र सिंह सन 1971 की लड़ाई में गए थे। लड़ाई के दौरान वे लापता हो गए। कई महीनों बाद सेना को उनके बारे में कोई खबर नहीं लगी। कई महीने इंतजार के बाद उनका न सुराग लगा न ही शव मिला। इसके बाद सेना ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया था। लेकिन उन्हें लगता है कि इंद्र सिंह को किसी ने बंदी बना लिया होगा और वह एक दिन जरूर लौटकर आएंगे।

1971 में भारत-पाकिस्तान की लड़ाई के बाद उनके पति लांस नायक इंद्र सिंह का कोई सुराग नहीं लगा। काफी खोजबीन के बाद भी उनका शव तक नहीं मिला। इंद्र सिंह आखिरी बार नवंबर 1971 में दिवाली पर घर आए थे, इसके बाद एक खत के माध्यम से उन्होंने दिसंबर में युद्ध में शामिल होने की बात कही और अगले साल आने का वादा किया। 14 दिन चली लड़ाई के बाद देश को जीत तो मिली लेकिन उनके पति के आने की कोई खबर नहीं आई।
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कई महीने इंतजार करने के बाद भी कोई सूचना नहीं मिली। एक दिन सुबह 5 बजे सेना के कुछ जवान वर्दी और फूल लेकर घर आ पहुंचे। उन्होंने कहा कि सेना ने उनके पति इंद्र सिंह की काफी तलाश की, ले?किन न उनका सुराग लगा न ही उनका शव ?िमला। इस पर सेना ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया। लेकिन युद्ध के 49 साल बीत जाने के बाद भी शांति देवी को अपने पति इंद्र सिंह के जिंदा होने की उम्मीद है, साथ ही वह आज भी उनके लौटने का इंतजार कर रही है।
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उन्हें लगता है कि इंद्र सिंह को किसी ने बंदी बना लिया होगा और वह एक दिन जरूर लौटकर आएंगे। वह बताती हैं कि हमारी शादी को तीन साल हुए थे। तीन साल में हम छह महीने ही साथ रहे, जब वह फौज में जाते थे तो मैं अपने मायके चली जाती थी। सास-ससुर ने भी एक साल बेटे का इंतजार करके शांति को देवर का लत्ता ओढ़ा दिया, जिसके बाद उसे एक बेटा हुआ। -जैसा शांति देवी ने अमर उजाला को बताया
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