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अपना बनकर ठगी, आढ़ती के बेटे के खाते से 50 हजार निकाले

Thu, 27 May 2021 11:46 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 11:46 PM IST
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Duped as his own, took out 50 thousand from the account of the son of Aadhati
कोरोना महामारी के बीच साइबर अपराधी आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं। अनाज मंडी के एक आढ़ती के बेटे से किसी ने वीरवार को परिचित बनकर 50 हजार रुपये ऑनलाइन अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। दो दिन पहले शिवाजी कॉलोनी थाना एरिया में भी एक महिला टीचर के साथ इसी तरह की वारदात हुई थी। एक्सपर्ट का कहना है कि उपभोक्ता ऑनलाइन या ई-मेल से भेजे क्यूआर कोड को स्कैन न करें। तभी धोखाधड़ी से बच सकते हैं। कायस्थान मोहल्ला निवासी मयंक मनचंदा ने पुरानी सब्जी मंडी थाने में शिकायत दी कि उसके पिता रमेश अनाज मंडी में आढ़ती हैं। उनके पास एक युवक का फोन आया और कहा कि, अंकल आपको जानता हूं। किसी को 25 हजार रुपये भेजने हैं। आपके अकाउंट में ट्रांसफर करवा देता हूं। बाद में मुझे दे देना। आढ़ती ने कहा कि उसके पास तो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा नहीं है। रमेश ने युवक को बेटे मयंक का नंबर दे दिया। फोन करने वाले ने पहले एक रुपये भेजा, फिर मयंक ने वापस एक रुपया ट्रांसफर कर दिया। थोड़ी देर में मयंक के अकाउंट से दो बार में 50 हजार रुपये अन्य खाते में ट्रांसफर हो गए। जब संबंधित नंबर पर संपर्क किया तो बात नहीं हुई। इसके बाद उसके पिता ने उस नंबर पर संपर्क किया, जिससे सबसे पहले फोन आया था। युवक ने कहा कि उसने तो कोई कॉल नहीं की। इसके बाद मयंक ने पुलिस को शिकायत दी। बता दें कि दो दिन पहले शिवाजी कॉलोनी थाना एरिया में एक महिला टीचर के अकाउंट से भी परिचित बनकर किसी ने 50 हजार रुपये ठग लिए थे।
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ऑनलाइन भेजा क्यूआर कोड स्कैन न करें : एक्सपर्ट
ऑनलाइन शॉपिंग के लिए दुकानदार व व्यापारी क्यूआर कोड रखते है। वहां पर जैसे ही उसे स्कैन किया जाता है तो ऑनलाइन राशि का भुगतान हो जाता है। अब शातिर लोग ऑनलाइन सुविधा का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे ऑनलाइन या ई-मेल करके क्यूआर कोड भेजते हैं। आम लोग उनकी बातों में फंसकर उस क्यूआर कोड को स्कैन कर देते हैं। जितनी बार कोड स्कैन किया जाता है, उतनी बार क्यूआर कोड पर सेट की गई राशि एक बार में निकल जाती है। ऐसे में आम लोगों से आग्रह है कि वे ऑनलाइन भेजा क्यूआर कोड स्कैन न करें।
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- इंस्पेक्टर कुलदीप, साइबर एक्सपर्ट
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