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Rohtak News: नाटक से की भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर चोट

Tue, 16 Jul 2024 03:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2024 03:52 AM IST
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Drama attacks nepotism and administrative corruption
39...हरियाणा इंस्टिट्यूट ऑफ़ परफॉर्मिंग आर्ट्स की ओर से एक निजी स्कूल आयोजित राष्ट्रीय नाटक उत्
रोहतक। सप्तक के कलाकारों ने सैयां भये कोतवाल नाटक के मंचन से भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को मंच पर उजागर कर दर्शकों की वाहवाही बटोरी। बसंत सबनीस के लिखे गए नाटक का निर्देशन विश्वदीपक त्रिखा ने किया। सहायक निर्देशक अविनाश सैनी रहे।
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कलाकारों ने नाटक के जरिए वर्तमान राजनीतिक-सामाजिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए दर्शकों का मनोरंजन किया। हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स रोहतक, पठानिया वर्ल्ड कैंपस, जेड ग्लोबल स्कूल व कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की ओर से जेड ग्लोबल स्कूल के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय नाटक उत्सव के चौथे दिन यह मंचन किया गया।
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नाटक में एक राज्य के हवलदार की कहानी दर्शाई गई है। इसका अब कोतवाल बनने का नंबर है। वह बुजुर्ग कोतवाल के मरने का इंतजार कर रहा है। प्रेमिका मैनावती से शादी भी कोतवाल बनने के बाद ही करना चाहता है। कोतवाल मर जाता है, लेकिन अय्याश और राजकाज के प्रति लापरवाह राजा की कमजोरी का फायदा उठाकर राज्य का प्रधान अपने गंवार व अयोग्य साले को कोतवाल बना देता है। इस तरह हवलदार का सपना टूट जाता है। वह नए कोतवाल की असलियत राजा के सामने लाकर उसे हटवाने की योजना बनाता है।
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वह अपने साथी सिपाही व मैनावती के साथ मिलकर कोतवाल से राजा की कई सारी चीजें चोरी कराता है। राजा को चोरी का पता तब चलता है, जब उसका पलंग चोरी होता है। तब हवलदार राजा को सारी कहानी बताता है। ऐसी स्थिति पैदा होती है कि कोतवाल खुद सब कुछ अपने मुंह से बक देता है। अंत में राजा को अपनी गलती का एहसास होता है और वह राजकाज पर ध्यान देने का वायदा करने के साथ कोतवाल को पद से हटाकर हवलदार को नया कोतवाल बना देता है। हवलदार व मैनावती की शादी के साथ नाटक की हैप्पी एंडिंग होती है।

नौटंकी शैली में खेले गए इस नाटक में हवलदार की केंद्रीय भूमिका अविनाश सैनी ने निभाई। डॉ. सुरेंद्र शर्मा ने कोतवाल और चेरी गिरधर ने मैनावती की भूमिका निभाई। शक्ति सरोवर त्रिखा ने राजा, जगदीप जुगनू ने प्रधान, समीर शर्मा ने सख्या व नवदीप ने सिपाही के किरदार निभाए। संगीत विकास रोहिल्ला व सुभाष नगाड़ा का रहा।

गायन मंडली में विकास रोहिल्ला व डॉ. हरीश वशिष्ठ रहे। प्रोडक्शन व वस्त्रसज्जा की जिम्मेदारी जगदीप व समीर ने निभाई। मौके पर नलिनी, तरुणपुष्प, नरेंद्र शर्मा, गुलाब सिंह, सुजाता रोहिल्ला, उर्वशी विराट, ज्योति वशिष्ठ, श्रीभगवान शर्मा, कर्नल सिंह, हर्ष, कर्तव्य, गुरदयाल, विक्रमादित्य, हरदीपसिंह, हरीश वशिष्ठ, सर्वजीत अहलूवालिया, वीरेंद्र फोगाट समेत अनेक नाटक प्रेमी उपस्थित रहे।
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