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Rohtak News: जाल फेंकने से कुत्ते को लगी चोट, महिला ने पकड़ने के तरीके पर उठाए सवाल
Mon, 25 Aug 2025 02:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 25 Aug 2025 02:01 AM IST
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सेक्टर दो में जाल डालकर पकड़े गया कुत्ता। स्रोत पाठक
- फोटो : संवाद
रोहतक। नगर निगम की टीम ने शनिवार को शहर के सेक्टर-2 में चार कुत्तों को पकड़ा। जाल फेंकने से एक कुत्ते के मुंह पर चोट लग गई। इससे नाराज सेक्टर-2 निवासी पशु प्रेमी सुमनलता ने ठेकेदार के तरीके पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण करवा रही है। शहर की गलियों में करीब 15 हजार कुत्ते घूम रहे हैं। निगम क्षेत्र में 20 जुलाई से अब तक साढ़े 500 कुत्ते पकड़े जा चुके हैं लेकिन ठेकेदार के कर्मचारी कुशल नहीं हैं। जाल के कारण कुत्तों को चोट लग रही है, उन्हें बेहोश करके पकड़ा जाना चाहिए। सुमनलता तीन साल से गली के कुत्तों की सेवा कर रही हैं। वो बोलीं, इन्हें प्यार करें तो ये भी अपनापन दिखाते हैं।
वहीं, नगर निगम के ठेकेदार सत्यप्रकाश नैन को जाल में भी कुत्तों के जख्म नहीं दिखाई देते। नैन का कहना है कि स्टाफ एक्सपर्ट हैं। पहले गली के दोनों तरफ टीम के सदस्य खड़े होते हैं। इसके बाद एक-एक करके जाल फेंककर कुत्ते पकड़े जाते हैं फिर उनको गाड़ी में रुपया चौक के नजदीक सेंटर पर ले जाया जाता है। कुत्तों को पकड़ने का तरीका पूरी तरह सुरक्षित है।
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पिल्लों को फेंकने पर थाने में दी थी शिकायत
सुमनलता ने कहा कि उनके घर के नजदीक बिजली घर है। इसमें गली के कुत्ते घुस जाते हैं। पिछले साल बिजली कर्मियों ने पावर हाउस से पिल्लों व उनकी मां को बाहर फेंक दिया था। तीन पिल्लों की मौत हो गई थी। उन्होंने थाने में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। दो बचे पिल्ले आईएमटी में मिले थे। उनको वापस लेकर आई थीं।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण करवा रही है। शहर की गलियों में करीब 15 हजार कुत्ते घूम रहे हैं। निगम क्षेत्र में 20 जुलाई से अब तक साढ़े 500 कुत्ते पकड़े जा चुके हैं लेकिन ठेकेदार के कर्मचारी कुशल नहीं हैं। जाल के कारण कुत्तों को चोट लग रही है, उन्हें बेहोश करके पकड़ा जाना चाहिए। सुमनलता तीन साल से गली के कुत्तों की सेवा कर रही हैं। वो बोलीं, इन्हें प्यार करें तो ये भी अपनापन दिखाते हैं।
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वहीं, नगर निगम के ठेकेदार सत्यप्रकाश नैन को जाल में भी कुत्तों के जख्म नहीं दिखाई देते। नैन का कहना है कि स्टाफ एक्सपर्ट हैं। पहले गली के दोनों तरफ टीम के सदस्य खड़े होते हैं। इसके बाद एक-एक करके जाल फेंककर कुत्ते पकड़े जाते हैं फिर उनको गाड़ी में रुपया चौक के नजदीक सेंटर पर ले जाया जाता है। कुत्तों को पकड़ने का तरीका पूरी तरह सुरक्षित है।
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पिल्लों को फेंकने पर थाने में दी थी शिकायत
सुमनलता ने कहा कि उनके घर के नजदीक बिजली घर है। इसमें गली के कुत्ते घुस जाते हैं। पिछले साल बिजली कर्मियों ने पावर हाउस से पिल्लों व उनकी मां को बाहर फेंक दिया था। तीन पिल्लों की मौत हो गई थी। उन्होंने थाने में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। दो बचे पिल्ले आईएमटी में मिले थे। उनको वापस लेकर आई थीं।

सेक्टर दो में जाल डालकर पकड़े गया कुत्ता। स्रोत पाठक- फोटो : संवाद