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करनाल प्रदर्शन में पहुंचे डॉक्टर, अस्पताल में नहीं हो सका वार्डों का दौरा

Mon, 06 Dec 2021 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 12:51 AM IST
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Doctors arrived in Karnal demonstration, could not visit the wards in the hospital
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन के सदस्य एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए। संवाद
करनाल प्रदर्शन में जिले से करीब 60 डॉक्टर पहुंचे, जिसके चलते नागरिक अस्पताल में वार्डों का दौरा तक नहीं हो सका। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन ने सरकार से आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। रविवार को करनाल में एकजुट हुए प्रदेश के चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर सीएम के ओएसडी को मांग पत्र सौंपा। इसमें 13 दिसंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर ओपीडी बंद रखकर रोष प्रकट किया जाएगा। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो 14 दिसंबर से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी जाएंगी। रविवार के प्रदर्शन के चलते नागरिक अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित रही।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार ने सीएम के नाम दिए ज्ञापन में प्रदेश के चिकित्सकों का दर्द लिखा है। सरकार एचसीएमएस डॉक्टरों की सुनवाई नहीं कर रही है। इस कारण प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमराई हुई हैं। अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी है। इसे दूर नहीं किया जा रह है। इसके लिए विशेष कैडर के तहत उन्हें खास सुविधाएं मुहैया कराकर हम व्यवस्था दुरुस्त बना सकते हैं। प्रदेश में विशेषज्ञों की जरूरत का लगभग एक तिहाई हिस्सा ही कैडर में काम कर रहा है। विशेषज्ञों की कमी के कारण काम का भार बना हुआ है। इस कारण मरीज को गुणवत्तापरक उपचार भी नहीं मिल पा रहा है। यह डॉक्टरों व मरीजों के साथ अन्याय है। प्रदेश के अनेक विशेषज्ञ कुछ कारणों से नौकरी छोड़ चुके हैं। विशेषज्ञ कैडर का वर्षों से लंबित होना इसकी वजह है। विभाग की ओर से इस बारे में एक प्रपोजल का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। विशेषज्ञ कैडर बनाने के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। डीजीएचएस के स्तर पर एक कमेटी भी तैयार की गई है। कमेटी इसे एसीएस हेल्थ को भेज चुकी है। यहां पिछले 15 दिनों से यह फाइल लंबित पड़ी है। इस पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो रही है।
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स्वास्थ्य विभाग में एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। इस बारे में वर्ष 2015 में फैसला लिया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री भी इस पक्ष में हैं। दुर्भाग्य से यह मुद्दा फिर से उभर आया है। एसोसिएशन कई बार इस संबंध में सरकार को अवगत करा चुकी है। एसएमओ की सीधी भर्ती का एचसीएमएस में 95 प्रतिशत हिस्सा स्थिर है, जबकि चिकित्सकों को एसएमओ पद पर एक ही पदोन्नति मिलती है। यह व्यवस्था एसोसिएशन की समझ से परे है। यह भर्ती तुरंत प्रभाव से रुकनी चाहिए। एसोसिएशन की तीसरी मांग पीजी पॉलिसी की है। पीजी पॉलिसी में एसोसिएशन ने कुछ बदलाव के सुझाव दिए हैं। विभाग नौकरी करने वाले उम्मीदवारों को पीजी करने के लिए 10, 20 व 30 प्रतिशत प्रोत्साहन दे रहा है। एसोसिएशन ने पुराना कोटा फिर से लागू करने की अपील की है। इससे पीजी विभाग के चिकित्सकों खासकर पीजी करने वालों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही विभाग को ज्यादा विशेषज्ञ भी मिलेंगे। एसोसिएशन 9 नवंबर से रोष प्रदर्शन कर अपनी मांगों की तरफ सरकार का ध्यान दिलाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. विक्रम सांगवान, महासचिव डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. नरोत्तम गुप्ता समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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