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अवैध निर्माण में पूंजी न करें निवेश : महेंद्रपाल
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अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल ने अब तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर नियमित की जाने वाली कॉलोनियों की एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिलास्तरीय कमेटी की बैठक की। बैठक में बताया कि एक्ट नंबर 5 व 19 जुलाई 2022 को सरकार की जारी पॉलिसी के तहत अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाना है। इसके लिए जिलास्तर पर 9 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
जिला नगर योजनाकार राज कीर्ति ने बताया कि अभी तक 8 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए आवेदन मिले हैं। इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इन आवेदनों के आधार पर कमेटी जांच करके सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एक्ट नंबर 5 के प्रावधान के अनुसार नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद की सीमा के बाहर विकसित अवैध कॉलोनियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे पक्की सड़कें, पेयजल लाइन, सीवर लाइन व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी है।
जिला नगर योजनाकार ने बताया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर व भू माफिया पॉलिसी की आड़ में नई कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। इनको सरकार नियमित नहीं करेगी। इसके तहत केवल एक जुलाई 2022 से पहले की कॉलोनियां नियमित करने के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। इसलिए आमजन अपनी जीवन की पूंजी अवैध निर्माण या डीलर व भू मालिकों की काटी गई अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें। क्योंकि इस तरह की विभागीय तोड़फोड़ की कार्रवाई समय-समय पर प्रशासन अमल में लाती है। ऐसा करने वालों को एफआईआर दर्ज की जाएगी। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, तहसीलदार जिवेंद्र सिंह मलिक, जिला अग्निशमन अधिकारी रमेश कुमार, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) सचिन कुमार, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) विजय दलाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजित सिंह, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएचईडी) विरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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जिला नगर योजनाकार राज कीर्ति ने बताया कि अभी तक 8 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए आवेदन मिले हैं। इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इन आवेदनों के आधार पर कमेटी जांच करके सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एक्ट नंबर 5 के प्रावधान के अनुसार नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद की सीमा के बाहर विकसित अवैध कॉलोनियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे पक्की सड़कें, पेयजल लाइन, सीवर लाइन व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी है।
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जिला नगर योजनाकार ने बताया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर व भू माफिया पॉलिसी की आड़ में नई कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। इनको सरकार नियमित नहीं करेगी। इसके तहत केवल एक जुलाई 2022 से पहले की कॉलोनियां नियमित करने के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। इसलिए आमजन अपनी जीवन की पूंजी अवैध निर्माण या डीलर व भू मालिकों की काटी गई अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें। क्योंकि इस तरह की विभागीय तोड़फोड़ की कार्रवाई समय-समय पर प्रशासन अमल में लाती है। ऐसा करने वालों को एफआईआर दर्ज की जाएगी। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, तहसीलदार जिवेंद्र सिंह मलिक, जिला अग्निशमन अधिकारी रमेश कुमार, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) सचिन कुमार, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) विजय दलाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजित सिंह, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (बीएचईडी) विरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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