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एनजीटी के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ फाइनल नोटिस देने में जुटी जिला स्तरीय टास्क फोर्स

Thu, 08 Sep 2022 02:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2022 02:21 AM IST
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District level task force engaged in giving final notice against those who disobey the orders of NGT
एनजीटी के नियमों की अवहेलना करने वालों को नोटिस देती जिला स्तरी टॉस्क फोर्स की टीम। विज्ञप्ति
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के आदेशों का उल्लंघन करने वाले 20 से ज्यादा इकाई संचालकों को बुधवार को छह सदस्यीय टास्क फोर्स ने एक सप्ताह का फाइनल नोटिस थमाया। एक सप्ताह में अनियमितताएं दूर नहीं करने पर जुर्माना लगाने या सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
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जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने बुधवार को मौके पर जाकर इकाइयों का निरीक्षण किया व जरूरी निर्देश दिए। इस संबंध में नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त ने मंगलवार को संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की थी। बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने एनजीटी के आदेशों के अनुसार सभी रेस्टोरेंट, होटल, मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल, ढाबों आदि में निर्धारित नियमों को लागू करवाने के निर्देश जारी किए थे। नियमों का पालन करवाने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की अध्यक्षता में टीम का गठन पहले ही किया जा चुका है। यह टीम ऐसी इकाइयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के बाद 21 दिन में जिला स्तरीय टास्क फोर्स के चेयरमैन एडीसी को सौंपेगी।
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एनजीटी की गाइडलाइंस
एनजीटी की गाइडलाइन ऐसे होटल, रेस्टोरेंट, मेरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल, ढाबों आदि व्यावसायिक इकाइयों पर लागू होती है, जिनमें या तो 36 से ज्यादा व्यक्तियों के बैठने की क्षमता हो या इकाई का क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर से ज्यादा हो। ऐसी इकाइयों को एनजीटी के नियमों का पालन करना होता है। सभी विभागों की अनुमति व जरूरी दस्तावेजों का होना जरूरी है. अगर ऐसी इकाई नियमों का पालन नहीं करती है तो संबंधित विभाग के कार्य क्षेत्र में निर्धारित किए गए जुर्माने का भुगतान करना पड़ेगा। इसके लिए बिल्डिंग प्लान, फायर एनओसी, सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर कनवर्जन रिपोर्ट, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन, साइलेंट डिजिसेट का प्रयोग, बिजली निगम से अनुमति, जिला नगर योजनाकार से अनुमति, तय समय सीमा के अनुसार डीजे इत्यादि बजाना, गाइडलाइंस के अनुसार हरित पटाखों का प्रयोग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार प्रतिष्ठान का संचालन आदि दस्तावेज जरूरी है।
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पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार 105 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस दिए गए थे। बुधवार को 20 से ज्यादा इकाई संचालकों को एक सप्ताह के नोटिस थमाए हैं। दो दिन में नोटिस बांटने का काम पूरा हो जाएगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -सचिन, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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