{"_id":"66984ff7d6b2c9016004e0c4","slug":"devotees-kept-fast-on-devshayani-ekadashi-rohtak-news-c-17-roh1020-465402-2024-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: देवशयनी एकादशी पर भक्तों ने रखा व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: देवशयनी एकादशी पर भक्तों ने रखा व्रत
विज्ञापन
17सीटीके31... माता दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर में बुधवार को पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
रोहतक। देवशयनी एकादशी पर शहर के मंदिरों में श्रद्धालु अपने अराध्य के दर्शन को पहुंचे। शीतला माता मंदिर में बुधवार को मेला लगा। यहां श्रद्धालुओं ने माता के जयघोष लगाए। इससे पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। भक्तों मां समक्ष आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की।
बुधवार को देवशयनी एकादशी पर भक्तों ने परिवार के मंगलकामना के लिए व्रत रखा। दुर्गा भवन मंदिर श्रद्धालुओं की भीड़ अलसुबह से ही जुटनी शुरू हो गई। भक्तों ने यहां भगवान विष्णु की पूजा आराधना की। धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। यह अवधि चातुर्मास के नाम से जानी जाती है, जो देवउठनी एकादशी तक चलती है। इस बीच शुभ कार्य पूर्णत: रोक दिए जाते हैं। देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने से असीम धन वैभव प्राप्ति होती है।
मां के दर्शन को लगा भक्तों तांता
बुधवार सायं को भी शीतला माता मंदिर श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। यहां भक्तों मां के भजन गाकर उनकी महिमा का बखान किया। इसके बाद देवी मां की आरती उतारी। इसके बाद भक्तों में लड्डू प्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को देवशयनी एकादशी पर भक्तों ने परिवार के मंगलकामना के लिए व्रत रखा। दुर्गा भवन मंदिर श्रद्धालुओं की भीड़ अलसुबह से ही जुटनी शुरू हो गई। भक्तों ने यहां भगवान विष्णु की पूजा आराधना की। धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। यह अवधि चातुर्मास के नाम से जानी जाती है, जो देवउठनी एकादशी तक चलती है। इस बीच शुभ कार्य पूर्णत: रोक दिए जाते हैं। देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने से असीम धन वैभव प्राप्ति होती है।
विज्ञापन
मां के दर्शन को लगा भक्तों तांता
बुधवार सायं को भी शीतला माता मंदिर श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। यहां भक्तों मां के भजन गाकर उनकी महिमा का बखान किया। इसके बाद देवी मां की आरती उतारी। इसके बाद भक्तों में लड्डू प्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन