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Rohtak News: 1 अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू करने की मांग
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29 सीटीके 15 : मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम अंकित को मांग पत्र देते हुए प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन।
रोहतक। प्रॉपर्टी डीलर्स एवं एडवाइजर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रमेश खुराना का कहना है कि सरकार एक दिसंबर से कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी न करें। नए कलेक्टर रेट पहले की तरह एक अप्रैल से लागू किए जाएं। क्योंकि इससे आम लोगों को परेशानी होगी। साथ ही टुकड़ों में रजिस्ट्री की अनुमति दी जाए। खुराना शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम सीटीएम अंकित कुमार को मांग पत्र देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिले में कलेक्टर रेट बहुत सी कॉलोनी में वास्तविक रेट से पहले से ही ज्यादा है, इसलिए कलेक्टर को न बढ़ाया जाए। कलेक्टर रेट के बढ़ने से लोगों को काफी दिक्कत होगी। क्योंकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों के लिए जिनको मजदूरी नगदी के रूप में मिलती है, उनके लिए वाइट मनी की व्यवस्था करना मुश्किल कार्य हो जाता है। वे चाहकर भी अपनी आरटीजीएस और बैंक के चेक की व्यवस्था नहीं कर पाते। दूसरा, सॉफ्टवेयर में एक बार कोई रेट फीड कर दिया जाता है तो उससे कम कीमत पर यदि कोई व्यक्ति मार्केट रेट पर जमीन खरीदता है तब भी सॉफ्टवेयर उसे मार्केट रेट को स्वीकार नहीं करता और जो कलेक्टर रेट निर्धारित किया जाता है उस रेट पर मजबूरन रजिस्ट्री करवानी पड़ती है। साथ ही स्टांप ड्यूटी और अन्य दिक्कत आती हैं। इसी के साथ एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी मांग की कि पुरानी कॉलोनी में टुकड़ों की रजिस्ट्रियां काफी समय से सॉफ्टवेयर की कमियों की वजह से नहीं हो पा रही है। इसके लिए सभी जिलों में सभी अधिकारियों के अलग-अलग तथ्य हैं। प्रॉपर्टी की खरीद विक्रय करना एक संवैधानिक अधिकार है और इस पर सरकार को किसी प्रकार का अंकुश नहीं लगाना चाहिए। टुकड़ों की रजिस्ट्रेशन अविलंब खोल देनी चाहिए और इसके स्पष्ट आदेश हरियाणा सरकार के द्वारा किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कंट्री एंड टाउन प्लैनिंग एक्ट में प्रावधान केवल सरकारी जमीन में जो प्लाटिंग की जाती है उसका सबडिवीजन न करने का है न कि प्राइवेट क्षेत्र की कॉलोनी के बारे में प्राइवेट क्षेत्र की कॉलोनी को सबडिवीजन में छूट दी जानी चाहिए और जमीन के मालिक को अपनी आवश्यकता अनुसार जमीन का टुकड़ा बेचने की और खरीदने की आजादी होनी चाहिए। नगर निगम की आईडी की समस्याओं को लेकर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि जब से निगम व रजिस्ट्रेशन के कार्य को जोड़ा गया है अर्थात रजिस्ट्री के लिए निगम की आईडी व एनओसी को अनिवार्य किया गया है तब से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है। इस मौके पर एसोसिएशन के उपप्रधान एडवोकेट कमलेश चहल, महासचिव अमृतलाल कपूर, उपप्रधान पवन आनंद, मदनलाल अरोड़ा, सचिव कर्मवीर सोलंकी, कोषाध्यक्ष मुल्कराज चावला, मुख्य सलाहकार राकेश चावला, गुलशन उप्पल, बलजीत सिंह, हवासिंह नारा,अशोक शर्मा, अनिल आनंद, संजय खुराना, सुरेंद्र मलिक, वीरेंद्र पावडिय़ा, रमेश सेन, भीमसेन वाधवा, अश्विनी चूघ, रमेश घनघस, अजीत कुमार सुरेंद्र कुमार, अनिल चावला,सुधीर शर्मा, सुभाष पांचाल, सुरेंद्र कपूर, मुकेश ढल, मुकेश खुराना, हिमांशु आहूजा, अनिल बल्हारा, संजय हुड्डा, बबली रोहिल्ला भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि जिले में कलेक्टर रेट बहुत सी कॉलोनी में वास्तविक रेट से पहले से ही ज्यादा है, इसलिए कलेक्टर को न बढ़ाया जाए। कलेक्टर रेट के बढ़ने से लोगों को काफी दिक्कत होगी। क्योंकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों के लिए जिनको मजदूरी नगदी के रूप में मिलती है, उनके लिए वाइट मनी की व्यवस्था करना मुश्किल कार्य हो जाता है। वे चाहकर भी अपनी आरटीजीएस और बैंक के चेक की व्यवस्था नहीं कर पाते। दूसरा, सॉफ्टवेयर में एक बार कोई रेट फीड कर दिया जाता है तो उससे कम कीमत पर यदि कोई व्यक्ति मार्केट रेट पर जमीन खरीदता है तब भी सॉफ्टवेयर उसे मार्केट रेट को स्वीकार नहीं करता और जो कलेक्टर रेट निर्धारित किया जाता है उस रेट पर मजबूरन रजिस्ट्री करवानी पड़ती है। साथ ही स्टांप ड्यूटी और अन्य दिक्कत आती हैं। इसी के साथ एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी मांग की कि पुरानी कॉलोनी में टुकड़ों की रजिस्ट्रियां काफी समय से सॉफ्टवेयर की कमियों की वजह से नहीं हो पा रही है। इसके लिए सभी जिलों में सभी अधिकारियों के अलग-अलग तथ्य हैं। प्रॉपर्टी की खरीद विक्रय करना एक संवैधानिक अधिकार है और इस पर सरकार को किसी प्रकार का अंकुश नहीं लगाना चाहिए। टुकड़ों की रजिस्ट्रेशन अविलंब खोल देनी चाहिए और इसके स्पष्ट आदेश हरियाणा सरकार के द्वारा किए जाने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि कंट्री एंड टाउन प्लैनिंग एक्ट में प्रावधान केवल सरकारी जमीन में जो प्लाटिंग की जाती है उसका सबडिवीजन न करने का है न कि प्राइवेट क्षेत्र की कॉलोनी के बारे में प्राइवेट क्षेत्र की कॉलोनी को सबडिवीजन में छूट दी जानी चाहिए और जमीन के मालिक को अपनी आवश्यकता अनुसार जमीन का टुकड़ा बेचने की और खरीदने की आजादी होनी चाहिए। नगर निगम की आईडी की समस्याओं को लेकर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि जब से निगम व रजिस्ट्रेशन के कार्य को जोड़ा गया है अर्थात रजिस्ट्री के लिए निगम की आईडी व एनओसी को अनिवार्य किया गया है तब से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है। इस मौके पर एसोसिएशन के उपप्रधान एडवोकेट कमलेश चहल, महासचिव अमृतलाल कपूर, उपप्रधान पवन आनंद, मदनलाल अरोड़ा, सचिव कर्मवीर सोलंकी, कोषाध्यक्ष मुल्कराज चावला, मुख्य सलाहकार राकेश चावला, गुलशन उप्पल, बलजीत सिंह, हवासिंह नारा,अशोक शर्मा, अनिल आनंद, संजय खुराना, सुरेंद्र मलिक, वीरेंद्र पावडिय़ा, रमेश सेन, भीमसेन वाधवा, अश्विनी चूघ, रमेश घनघस, अजीत कुमार सुरेंद्र कुमार, अनिल चावला,सुधीर शर्मा, सुभाष पांचाल, सुरेंद्र कपूर, मुकेश ढल, मुकेश खुराना, हिमांशु आहूजा, अनिल बल्हारा, संजय हुड्डा, बबली रोहिल्ला भी मौजूद रहे।
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