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गली में बंधी घोड़ी को परेशान करने के चलते हुई दीपक की हत्या
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रोहतक। बालकनाथ कॉलोनी के 16 वर्षीय युवक दीपक की रविवार की रात हत्या दो दिन पहले घोड़ी को परेशान करने के चलते हुई थी। पुलिस ने मृतक के पिता कर्ण सिंह के बयान पर नेहरू कॉलोनी के एक किशोर व उसके दोस्त के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देशराज का दावा है कि जल्द पूरी वारदात से पर्दा उठा दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक रविवार की शाम सूचना मिली कि सिविल अस्पताल में बालक नाथ कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय दीपक को चाकू लगने के कारण दाखिल करवाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई है। सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देशराज व गोकर्ण चौकी प्रभारी एसआई सोनू मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। मृतक के पिता कर्ण सिंह ने बताया कि वह प्लंबर का कार्य करता है। उसके चार बच्चे हैं, जिसमें दो बेटी व दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शौरी मार्केट में नौकरी करता है, जबकि छोटे बेटे दीपक ने अभी 10वीं की परीक्षा पास की थी। अब उसका 11वीं में दाखिला होना था। उसके बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। कर्ण सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि दीपक अपने चचेरे भाई शुभम के साथ घूमने गया था। शुभम का कहना है कि गोकर्ण रोड पर मोड़ के ठीक ऊपर दो युवकों ने घेर रखा था। वे लगातार चाकू से वार कर रहे थे। जब तक वह आया, वे मौके से फरार हो गए। तत्काल उसने दीपक को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दीपक को पेट, गर्दन, कंधे सहित छह जगह वार किए गए थे। साथ ही कर्ण सिंह ने भी पुलिस को बताया कि उसने भी अच्छी तरह से पता कर लिया है कि नेहरू कॉलोनी के युवक ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर उसके बेटे की हत्या की है।
घोड़ी को लेकर हुई थी कहासुनी, बाद में निपट गया था विवाद
पुलिस के मुताबिक जांच में पता लगा है कि गली के अंदर किसी अन्य की घोड़ी बंधी थी। आरोप था कि कुछ युवक उसे परेशान कर रहे थे। आरोपी पक्ष ने ऐसा करने से रोका था। इस बात को लेकर कहासुनी हो गई। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते दीपक की हत्या की गई है। मृतक के पिता ने भी अपने बयानों में घोड़ी को लेकर हुए विवाद का जिक्र किया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तार के बाद खुलासा करेगी।
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सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाडला था दीपक
कर्ण सिंह ने बताया कि उसके चार बच्चे थे, जिसमें सबसे बड़ी बेटी, उससे बाद बेटा, फिर बेटी है। साथ ही सबसे छोटा दीपक था। इस कारण परिवार में वह सबका लाडला था। 10वीं पास करने के बाद वह उसे अच्छे स्कूल में दाखिला करवाने की सोच रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार दोपहर बाद जब पोस्टर्माटम के बाद दीपक का शव बालकनाथ कॉलोनी में पहुंचा तो हर किसी की आंखों में आंसू थे।
पुलिस ने मृतक के पिता कर्ण सिंह के बयान पर नेहरू कालोनी के युवक सहित दो के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जल्द पूरी वारदात का खुलासा किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
- इंस्पेक्टर देशराज, थाना प्रभारी सिटी
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पुलिस के मुताबिक रविवार की शाम सूचना मिली कि सिविल अस्पताल में बालक नाथ कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय दीपक को चाकू लगने के कारण दाखिल करवाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई है। सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देशराज व गोकर्ण चौकी प्रभारी एसआई सोनू मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। मृतक के पिता कर्ण सिंह ने बताया कि वह प्लंबर का कार्य करता है। उसके चार बच्चे हैं, जिसमें दो बेटी व दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शौरी मार्केट में नौकरी करता है, जबकि छोटे बेटे दीपक ने अभी 10वीं की परीक्षा पास की थी। अब उसका 11वीं में दाखिला होना था। उसके बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। कर्ण सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि दीपक अपने चचेरे भाई शुभम के साथ घूमने गया था। शुभम का कहना है कि गोकर्ण रोड पर मोड़ के ठीक ऊपर दो युवकों ने घेर रखा था। वे लगातार चाकू से वार कर रहे थे। जब तक वह आया, वे मौके से फरार हो गए। तत्काल उसने दीपक को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दीपक को पेट, गर्दन, कंधे सहित छह जगह वार किए गए थे। साथ ही कर्ण सिंह ने भी पुलिस को बताया कि उसने भी अच्छी तरह से पता कर लिया है कि नेहरू कॉलोनी के युवक ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर उसके बेटे की हत्या की है।
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घोड़ी को लेकर हुई थी कहासुनी, बाद में निपट गया था विवाद
पुलिस के मुताबिक जांच में पता लगा है कि गली के अंदर किसी अन्य की घोड़ी बंधी थी। आरोप था कि कुछ युवक उसे परेशान कर रहे थे। आरोपी पक्ष ने ऐसा करने से रोका था। इस बात को लेकर कहासुनी हो गई। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते दीपक की हत्या की गई है। मृतक के पिता ने भी अपने बयानों में घोड़ी को लेकर हुए विवाद का जिक्र किया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तार के बाद खुलासा करेगी।
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सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाडला था दीपक
कर्ण सिंह ने बताया कि उसके चार बच्चे थे, जिसमें सबसे बड़ी बेटी, उससे बाद बेटा, फिर बेटी है। साथ ही सबसे छोटा दीपक था। इस कारण परिवार में वह सबका लाडला था। 10वीं पास करने के बाद वह उसे अच्छे स्कूल में दाखिला करवाने की सोच रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार दोपहर बाद जब पोस्टर्माटम के बाद दीपक का शव बालकनाथ कॉलोनी में पहुंचा तो हर किसी की आंखों में आंसू थे।
पुलिस ने मृतक के पिता कर्ण सिंह के बयान पर नेहरू कालोनी के युवक सहित दो के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जल्द पूरी वारदात का खुलासा किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
- इंस्पेक्टर देशराज, थाना प्रभारी सिटी