{"_id":"5de952ff8ebc3e54893c6012","slug":"cybercrime-attention-friend-request-by-sending-vicious-thugs-to-the-identities-of-facebook-users-rohtak-news-rtk5309849184","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"साइबर क्राइम: सावधान! हूबहू फेसबुक आईडी बनाकर शातिर ठग लोगों को भेज रहे फ्रेंड रिक्वेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर क्राइम: सावधान! हूबहू फेसबुक आईडी बनाकर शातिर ठग लोगों को भेज रहे फ्रेंड रिक्वेस्ट
Fri, 06 Dec 2019 02:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2019 02:48 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हें। साइबर एक्सपर्ट ठग सोशल मीडिया पर लोगों को रोजाना तरह-तरह के तरीके अपनाकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। ये ठग किसी तरह से सोशल मीडिया पर एक प्रोफाइल सर्च करते हैं। उस प्रोफाइल की काफी फोटो अपने पास सेव करते हैं। इसके बाद ठग उसी नाम की दूसरी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को फ्रेेंड रिक्वेस्ट भेजकर मित्र बनाते हैं।
करीब 30 दिनों बाद ये ठग फेसबुक पर खुद का एक्सीडेंट होने के बारे में एक पोस्ट शेयर करते हैं और लोगों से पेटीएम अकाउंट और बैंक खाते में रुपये डलवा कर मदद की गुहार लगाते हैं। इस तरह से इन ठगों ने पिछले एक माह में रोहतक के करीब 20 लोगों से लाखों की चपत लगाई है। इस बारे में रोहतक पुलिस को भी शिकायत मिली है। वहीं, साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर ठगी से बचने के लिए जागरूकता का संदेश वायरल किया है।
फेसबुक की सेटिंग में फेस रिकग्नीशन को करें टर्न ऑन, फेसबुक लोकेशन को रखें बंद
सोशल मीडिया पर सोशल प्रतिष्ठा बढ़ाने के चक्कर में आप कहीं अपनी जमा पूंजी न गवां बैठें, इसके लिए सेटिंग में जाकर लोकेशन को बंद करि। वरना ठगों का काम आसान हो जाएगा। साइबर एक्सपर्ट के पास ठगी के शिकार कई लोग आते हैं, इस ठगी से बचने के वें तरीके बताते हैं। उनके अनुसार फेसबुक की सेटिंग में फेस रिकग्नीशन को टर्न ऑन करें, फेसबुक लोकेशन को बंद करें, फोन बैंकिंग करने वाले नंबर को फेसबुक पर न लिखें। फेसबुक पर अपना ईमेल न लिखें।
विज्ञापन
इस तरह की ठगी से कुछ सावधानियां बरत कर बचा सकता है। इन ठगों को पकड़ने के लिए साइबर सेल की एक टीम निरंतर काम कर रही है। जल्द ठगों को पकड़ लिया जाएगा। आमजन से अपील है कि वें सोशल साइट व सोशल मीडिया से संबंधित निजी जानकारियां किसी से शेयर न करें।
- राहुल शर्मा, एसपी।
विज्ञापन
करीब 30 दिनों बाद ये ठग फेसबुक पर खुद का एक्सीडेंट होने के बारे में एक पोस्ट शेयर करते हैं और लोगों से पेटीएम अकाउंट और बैंक खाते में रुपये डलवा कर मदद की गुहार लगाते हैं। इस तरह से इन ठगों ने पिछले एक माह में रोहतक के करीब 20 लोगों से लाखों की चपत लगाई है। इस बारे में रोहतक पुलिस को भी शिकायत मिली है। वहीं, साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर ठगी से बचने के लिए जागरूकता का संदेश वायरल किया है।
विज्ञापन
फेसबुक की सेटिंग में फेस रिकग्नीशन को करें टर्न ऑन, फेसबुक लोकेशन को रखें बंद
सोशल मीडिया पर सोशल प्रतिष्ठा बढ़ाने के चक्कर में आप कहीं अपनी जमा पूंजी न गवां बैठें, इसके लिए सेटिंग में जाकर लोकेशन को बंद करि। वरना ठगों का काम आसान हो जाएगा। साइबर एक्सपर्ट के पास ठगी के शिकार कई लोग आते हैं, इस ठगी से बचने के वें तरीके बताते हैं। उनके अनुसार फेसबुक की सेटिंग में फेस रिकग्नीशन को टर्न ऑन करें, फेसबुक लोकेशन को बंद करें, फोन बैंकिंग करने वाले नंबर को फेसबुक पर न लिखें। फेसबुक पर अपना ईमेल न लिखें।
विज्ञापन
इस तरह की ठगी से कुछ सावधानियां बरत कर बचा सकता है। इन ठगों को पकड़ने के लिए साइबर सेल की एक टीम निरंतर काम कर रही है। जल्द ठगों को पकड़ लिया जाएगा। आमजन से अपील है कि वें सोशल साइट व सोशल मीडिया से संबंधित निजी जानकारियां किसी से शेयर न करें।
- राहुल शर्मा, एसपी।
पीड़ित लोगों की जुबानी, ठगी की कहानी
केस-1 रोहतक निवासी गजराज ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी फेसबुक आईडी को किसी ने हैक कर लिया था। आईडी हैक करने के बाद साइबर क्रिमिनल ने उनके दोस्तों व रिश्तेदारों को टारगेट करना शुरू कर दिया। साइबर क्रिमिनल ने उनके एक रिश्तेदार व एक दोस्त को आईसीयू में भर्ती की झूठी कहानी के जरिये 11 हजार की ठगी कर ली। साइबर ठग ने उनके एक दोस्त से पांच हजार व रिश्तेदार से छह हजार की ठगी की। दोस्त व रिश्तेदार से बात होने के बाद गजराज को पता चला कि उनकी फेसबुक से कोई ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा है। गजराज ने पता चलते ही साइबर ब्रांच में मामला दर्ज करवा दिया।
केस-2 रोहतक निवासी जयसिंह ने बताया कि उन्होंने काफी दिन से अपनी फेसबुक आईडी का प्रयोग नहीं किया था। उसने बताया कि किसी साइबर ठग ने उनकी फेसबुक आईडी से फोटो डाउनलोड करके फर्जी फेसबुक अंकाउट बना लिया। उसके बाद लोगों को ठगी का शिकार बनाना शुरू कर दिया। सबसे पहले साइबर क्रिमिनल ने उनके दो दोस्तों को ठगी का शिकार बनाना चाहा लेकिन दोस्तों ने जयसिंह से फोन पर बात कर ली। जिस वजह से क्रिमिनल अपनी योजना में सफल नहीं हो सका। उसके बाद साइबर क्रिमिनल उनके रिश्तेदार से दिल्ली के अस्पताल में एडमिट होने की झूठी कहानी सुनाकर 15 हजार रुपये की मांग की। रिश्तेदार ने मांगी गई राशि का भुगतान कर दिया। उसके बाद क्रिमिनल ने दोबारा दस हजार की मांग की तो रिश्तेदार ने तुरंत जयसिंह को फोन किया। उसके फोन करने के बाद आनलाइन ठगी होने का खुलासा हुआ।
केस-3 रोहतक निवासी राजू ने बताया कि उनकी फेसबुक आईडी से किसी साइबर क्रिमिनल ने उनके दोस्त से 28 हजार रुपये की आनलाइन ठगी कर ली है। ठगी के शिकार हुए दोस्त ने राजू से फोन पर बात करके बताया कि उसके पास राजू की फेसबुक आईडी से मैसेज आया कि मेरा बेटा अस्पताल में है। मुझे पैसों की जरूरत है। प्लीज मेरी मदद करो। मुसीबत में समझ कर राजू के दोस्त ने पैसे भेज दिए और आनलाइन ठगी का शिकार हो गए। मामले का पता लगता ही राजू ने साइबर क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करवा दिया है।
ये सावधानियां बरतें
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैक खाता व एटीएम कार्ड संबंधित कोई भी सूचना न दे।
- अपनी कोई भी आईडी सोशल मीडिया पर सांझा न करे।
- फर्जी कॉल मैसेज या ई- मेल प्राप्त होने पर सूचना अपने परिवार व अन्य साथियों के साथ भी सांझा करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग साइबर क्त्रसइम से बच सकें।
- फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
- फेसबुक प्रोफाइल का पासवर्ड समय समय पर बदलते रहे।
केस-2 रोहतक निवासी जयसिंह ने बताया कि उन्होंने काफी दिन से अपनी फेसबुक आईडी का प्रयोग नहीं किया था। उसने बताया कि किसी साइबर ठग ने उनकी फेसबुक आईडी से फोटो डाउनलोड करके फर्जी फेसबुक अंकाउट बना लिया। उसके बाद लोगों को ठगी का शिकार बनाना शुरू कर दिया। सबसे पहले साइबर क्रिमिनल ने उनके दो दोस्तों को ठगी का शिकार बनाना चाहा लेकिन दोस्तों ने जयसिंह से फोन पर बात कर ली। जिस वजह से क्रिमिनल अपनी योजना में सफल नहीं हो सका। उसके बाद साइबर क्रिमिनल उनके रिश्तेदार से दिल्ली के अस्पताल में एडमिट होने की झूठी कहानी सुनाकर 15 हजार रुपये की मांग की। रिश्तेदार ने मांगी गई राशि का भुगतान कर दिया। उसके बाद क्रिमिनल ने दोबारा दस हजार की मांग की तो रिश्तेदार ने तुरंत जयसिंह को फोन किया। उसके फोन करने के बाद आनलाइन ठगी होने का खुलासा हुआ।
केस-3 रोहतक निवासी राजू ने बताया कि उनकी फेसबुक आईडी से किसी साइबर क्रिमिनल ने उनके दोस्त से 28 हजार रुपये की आनलाइन ठगी कर ली है। ठगी के शिकार हुए दोस्त ने राजू से फोन पर बात करके बताया कि उसके पास राजू की फेसबुक आईडी से मैसेज आया कि मेरा बेटा अस्पताल में है। मुझे पैसों की जरूरत है। प्लीज मेरी मदद करो। मुसीबत में समझ कर राजू के दोस्त ने पैसे भेज दिए और आनलाइन ठगी का शिकार हो गए। मामले का पता लगता ही राजू ने साइबर क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करवा दिया है।
ये सावधानियां बरतें
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैक खाता व एटीएम कार्ड संबंधित कोई भी सूचना न दे।
- अपनी कोई भी आईडी सोशल मीडिया पर सांझा न करे।
- फर्जी कॉल मैसेज या ई- मेल प्राप्त होने पर सूचना अपने परिवार व अन्य साथियों के साथ भी सांझा करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग साइबर क्त्रसइम से बच सकें।
- फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
- फेसबुक प्रोफाइल का पासवर्ड समय समय पर बदलते रहे।