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सावधान : पेटीएम पर फर्जी पेमेंट का मैसेज दिखा दुकानदारों को ठग रहे शातिर
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रोहतक। साइबर ठगी और सोशल मीडिया पर ठगी की लगातार वारदातें बढ़ती जा रही हैं। वहीं साइबर ठग लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। शहर में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं, जिसमें शातिर इलेक्ट्रिॉनिक्स की दुकान पर पहुंचता है और पांच मिनट में एक महंगा मोबाइल खरीद कर पेमेंट पर फर्जी पेमेंट करके निकल जाता है। दुकानदारों ने बताया कि उनके पास एक युवक आया और जल्दी में कोई महंगा मोबाइल फोन लेने की बात कहता है। दो-तीन सलेक्टिड फोन में से एक फोन को पांच मिनट में पसंद कर लेता है। इसके बाद वह पेमेंट पेटीएम से करने की बात कहता है। बताया कि पेटीएम का नंबर बताने के तुरंत बाद वह खाते में रुपये क्रेडिट होने का मैसेज देखने की बात कहता है। रुपये क्रेडिट होने का मैसेज दुकानदार के मोबाइल फोन नंबर पर आ जाता है। दुकानदारों के अनुसार वे मैसेज देखकर मान लेते हैं और दूसरे ग्राहक अटेंड करने लगते हैं। बाद में जब खाते को देखते हैं तो उसमें रुपये क्रेडिट हुए नहीं मिलते। इधर, फोन लेकर वहां से आराम से निकल जाता है। शहर के तीन दुकानदार ऐसे हैं, जो ठगों के झांसे में आए हैं। हालांकि उन्होंने शहर के नामी दुकानदार होने के कारण नाम और शिकायत देने से मना कर दिया।
ऐसे करते हैं फर्जी मैसेज करके ठगी
मोबाइल फोन खरीदने के बाद ठग पहले ए फ्री एसएमएस डॉट कॉम बेबसाइट पर जाकर सेंड फ्री एसएमएस ऑप्शन पर क्लिक करता है। इसके बाद मोबाइल स्क्रीन पर एक पेज खुल जाता है। यहां वह ऑप्शन में जाकर कंट्री (देश) का चयन करता है। इसके बाद ठग नीचे लिखे मोबाइल नंबर के ऑप्शन में जाकर दुकानदार का पेटीएम नंबर डालता है। नंबर डालने के बाद ठग मैसेज के ऑप्शन पर जाकर पहले से तैयार मैसेज को बाक्स में कॉपी करता है। उसके बाद नीचे वैरिफिकेशन के बॉक्स पर क्लिक करके ठग वैरिफिकेशन कोड डाल देता है। इसके बाद ठग वेबसाइट पर सबसे नीचे आने वाले सेंड के ऑप्शन पर क्लिक करके दुकानदार के पास मैसेज भेज देता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद दुकानदार के पास पेटीएम में प्राप्त राशि का फर्जी मैसेज पहुुंच जाता है। दुकानदार की ओर से ज्यादा पूछने पर ठग लेट होने का बहाना बनाकर दुकान से सामान लेकर निकल जाता है।
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ऐसे करते हैं फर्जी मैसेज करके ठगी
मोबाइल फोन खरीदने के बाद ठग पहले ए फ्री एसएमएस डॉट कॉम बेबसाइट पर जाकर सेंड फ्री एसएमएस ऑप्शन पर क्लिक करता है। इसके बाद मोबाइल स्क्रीन पर एक पेज खुल जाता है। यहां वह ऑप्शन में जाकर कंट्री (देश) का चयन करता है। इसके बाद ठग नीचे लिखे मोबाइल नंबर के ऑप्शन में जाकर दुकानदार का पेटीएम नंबर डालता है। नंबर डालने के बाद ठग मैसेज के ऑप्शन पर जाकर पहले से तैयार मैसेज को बाक्स में कॉपी करता है। उसके बाद नीचे वैरिफिकेशन के बॉक्स पर क्लिक करके ठग वैरिफिकेशन कोड डाल देता है। इसके बाद ठग वेबसाइट पर सबसे नीचे आने वाले सेंड के ऑप्शन पर क्लिक करके दुकानदार के पास मैसेज भेज देता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद दुकानदार के पास पेटीएम में प्राप्त राशि का फर्जी मैसेज पहुुंच जाता है। दुकानदार की ओर से ज्यादा पूछने पर ठग लेट होने का बहाना बनाकर दुकान से सामान लेकर निकल जाता है।
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