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परीक्षा से 15 मिनट पहले दांगी को व्हाट्स एप पर भेजा था एआईपीएमटी पेपर, अध्यापक गिरफ्तार

Mon, 04 Apr 2016 06:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 04 Apr 2016 06:02 PM IST
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What's 15 minutes to test the app Dangi was sent on paper , teachers arrested
रूप सिंह दांगी - फोटो : अमर उजाला
एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी की गिरफ्तारी के साथ ही आखिर वो राज भी खुल गया, जो 11 महीने से सबके लिए यक्ष प्रश्न बना हुआ था। आखिरकार 11 महीने बाद पुलिस उस आरोपी तक पहुंच पाई, जिसने पेपर लीक लिया। एआईपीएमटी का पेपर परीक्षा केंद्र से ही लीक किया गया था। केंद्र से पेपर लीक करने वाले अध्यापक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सतीश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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मूल रूप से भगवतीपुर गांव के रहने वाले सतीश को अंबाला के फु टबाल चौक स्थित एक होटल से पकड़ा गया है। रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। खुलासा हुआ है कि सतीश ने परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले पेपर को दांगी के व्हाट्स एप नंबर पर भेजा था। पूरा सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ था और सतीश ने दांगी से 5 लाख रुपये एडवांस लिए थे। 
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पुलिस ने बताया कि आरोपी सतीश प्रकरण के समय रोहतक के बस स्टैंड स्थित एक निजी स्कूल में पीटीआई के पद पर कार्यरत था। एआईपीएमटी प्रवेश परीक्षा के समय उसकी ड्यूटी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में लगी थी। सतीश कुमार के हाथ में जैसे ही प्रश्नपत्र आया तो उसने अपने मोबाइल से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर सीधा दांगी के मोबाइल पर भेज दी। दांगी पहले ही मास्टर सॉल्वर के साथ बहरोड़ स्थित एक रिसोर्ट में प्रश्नपत्र का इंतजार कर रहा था। जैसे ही प्रश्नपत्र दांगी के पास पहुंचा तो मास्टर सॉल्वर ने मिनटों में इसे हल कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने अपने गुर्गों तक मोबाइल के माध्यम से आंसर की भेज दी। 
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10 लाख में हुआ था सौदा  
आरोपी सतीश ने प्रश्नपत्र लीक करने के लिए दांगी के साथ 10 लाख रुपये में सौदा किया था। सीआईए 2 इंचार्ज राकेश सैनी ने बताया कि सतीश ने 5 लाख रुपये एडवांस ले लिये थे। शेष राशि प्रश्नपत्र लीक हो जाने के बाद सतीश को कैश दी जानी थी। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। अब पुलिस सतीश से भी कई जगहों की निशानदेही करवाएगी। बता दें कि पुलिस शनिवार को दांगी को बहरोड़ स्थित रिसोर्ट में निशानदेही के लिए लेकर गई थी। यहां पर दांगी ने कंट्रोल रूम बनाकर आंसर की शेयर की थी। 

जल्द होगा अन्य नामों का खुलासा 
प्रकरण की दो मुख्य कड़ियों की गिरफ्तारी होने के बाद अब मामले में अन्य आरोपियों के नाम सामने आना तय है। पुलिस जल्द ही सतीश और दांगी से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी। क्योंकि दांगी 8 तो सतीश 3 दिन के पुलिस रिमांड पर है। अब पुलिस दोनों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। ताकि प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों के ठिकानों और वसूले गए रुपये की बरामदगी हो सके। अभी तक सबसे बड़ा सवाल था कि आखिरकार पेपर कहां से लीक हुआ। इसी सवाल को उठाते हुए अमर उजाला ने 1 अप्रैल को खबर प्रकाशित की थी। मामले में 8 दिन के रिमांड पर चल रहे आरोपी दांगी ने सतीश कुमार के बारे में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सीआईए 2 ने आरोपी को लोकेशन के आधार पर अंबाला से गिरफ्तार किया। 


ये है मामला
बता दें कि 3 मई 2015 को एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। इस दौरान ही पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ. भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ। आरोपियों और अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट्स बरामद हुए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परीक्षा रद्द हुई थी। इस मामले में करीब 11 माह बाद मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी को 31 मार्च को बहादुरगढ़ बाईपास से गिरफ्तार किया गया है। अब खुलासा हुआ है कि पेपर कैसे और कहां से लीक हुआ। 
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