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Rohtak Crime: एसटीएफ ने 20 साल से फरार 25 हजार का इनामी बदमाश किया काबू 1999 में हुई थी उम्र कैद
Wed, 05 Jul 2023 02:37 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 05 Jul 2023 02:37 PM IST
सार
आरोपी सुभाष ने वर्ष 1997 में अपने चाचा के बेटे प्रवीण की हत्या कर उसकी लाश कुएं में डाल दी थी। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार हुआ।
सेशन जज भिवानी प्रीतम पाल की अदालत ने तीन मार्च 1999 को उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। जिसके बाद वह फरार हो गया था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वांछित अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ यूनिट रोहतक के प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र पाल की टीम ने 20 साल से फरार 25 हजार रुपये के ईनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। जिला चरखी दादरी के कादमा निवासी सुभाष को गिरफ्तार कर थाना बाढड़ा पुलिस के हवाले कर दिया है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुभाष ने वर्ष 1997 में अपने चाचा के बेटे प्रवीण की हत्या कर उसकी लाश कुएं में डाल दी थी। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार हुआ।
सेशन जज भिवानी प्रीतम पाल की अदालत ने तीन मार्च 1999 को उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद एस्कॉर्ट गार्द ने दोषी सुभाष को प्रिजन वैन में बिठाया तो उसने अन्य चार आरोपियों के साथ मिलकर प्रिजन गाड़ी का फर्स तोड़ डाला और फरार हो गया। इस संबंध में थाना सिविल लाइन भिवानी में केस दर्ज किया गया। इस में दोषी को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
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11 फरवरी 2003 को जमानत पर रिहा हुआ
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ में 20 जुलाई 1999 को दोषी ने सजा के विरुद्ध अपील की। वह 11 फरवरी 2003 को जमानत पर रिहा हुआ। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ ने 20 अप्रैल 2008 दोषी की उम्र कैद सजा को बरकरार रखने फैसला दिया। जबकि दोषी सुभाष भगोड़ा हो गया और दिल्ली में अलग-अलग जगह पर नाम बदलकर रहने लग गया। वर्ष 2020 में दोषी ने दिल्ली स्वर्ण पार्क मुंडका पश्चिम निवासी संजय के नाम से आधार कार्ड बनवाया। इसे अब फिर चार जुलाई 2023 को राजेंद्र पार्क दिल्ली से काबू किया। एसटीएफ पुलिस अधीक्षक वशीम अकरम व उप पुलिस अधीक्षक कुलदीप बेनीवाल की देखरेख यह कार्रवाई की गई।
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