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पांच बहनों के साथ भविष्य के लिए धरने पर बैठी पांच दिन की मासूम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 29 May 2016 02:25 AM IST
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नवजात और पांच बहनों के भविष्य के लिए पाड़ा मोहल्लेवासियों ने गोहाना अड्डे पर लगाया जाम
- फोटो : amar ujala
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चार दिन पहले पीजीआई में उपचार के दौरान छह बेटियों की मां की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों और पाड़ा मोहल्लावासियों ने गीता की पांच बेटियों सहित पांच दिन की मासूम बच्ची को लेकर गोहाना अड्डे पर जाम लगा दिया। परिजनों ने गीता की छह बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य में खर्चे की व्यवस्था करने एवं उपचार में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शनिवार सुबह नौ बजे सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर जाम लगा दिया। जब पुलिस वाले रास्ता खुलवाने के लिए बेरिकेड्स हटाने लगे तो प्रदर्शनकारी और एसआई के बीच हाथापाई हो गई। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बेरिकेड्स में सिर मारकर खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख तहसीलदार गुलाब सिंह और सिटी थाना प्रभारी जगबीर सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे। तहसीलदार के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला। इस बीच करीब आधे घंटे तक सड़क पर जाम लगा रहा।
सैकड़ों की संख्या में सड़क पर बैठे मोहल्लेवासियों में महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या अधिक थी। प्रदर्शनकारियों में शामिल गीता के भाई कमलजीत ने कहा कि पुलिस ने अभी तक न तो लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है, न ही जिला प्रशासन की ओर से बच्चियों की मदद का आश्वासन मिला है। कार्रवाई नहीं होने के विरोध में परिजन और मोहल्लावासी सुबह नौ बजे गोहाना अड्डे पर पहुंच गये। परिजनों ने सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर जाम लगा दिया। इस दौरान किसी भी राहगीर को आने-जाने नहीं दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही सिटी थाना एसएचओ जगबीर सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे। एक एसआई ने रास्ता खुलवाने के लिए बेरिकेड्स हटाने का प्रयास किया तो परिजन उससे भिड़ गए। परिजनों की पुलिस से हाथापाई तक हो गई। किसी तरह बीच बचाव किया गया। इसके बाद परिजनों ने बेरिकेड्स पर सिर मारकर खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास किया। परिजन मौके पर डीसी को बुलाने की मांग कर रहे थे। मामला बढ़ता देख तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होेंने परिजनों की मांगें सुनी। गुलाब सिंह ने परिजनों को सोमवार को डीसी से मिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही डीसी के सामने परिजनों की मांग रखने की बात कही। परिजनों का कहना है कि गीता के मौत के बाद उसकी छह बच्चियों का पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं है। गीता काफी समय से पति से अलग रह रही थी। गीता के भाई कमलजीत ने कहा कि बच्चियों की परवरिश और पढ़ाई-लिखाई के खर्च की व्यवस्था जिला प्रशासन को करनी चाहिए।
सुनवाई नहीं हुई तो अंबेडकर चौक पर लगेगा जाम
धरना स्थल पर पहुंचे परिजनों और मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो मंगलवार को अंबेडकर चौक पर जाम लगाएंगे। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले में लापरवाही बरत रही है। लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
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आधा घंटे बाद सुचारू हुआ यातायात
गोहाना अड्डे पर जाम लगने के कारण करीब आधा घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रहा। जाम के कारण माता दरवाजा और सुखपुरा चौक की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को बुलाना पड़ा। करीब आधा घंटे बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत के बाद जाम खुल सका।
यह था मामला
छठी बेटी को जन्म देने के बाद अचानक तबियत खराब होने पर पीजीआई में भर्ती पाड़ा मोहल्ला निवासी गीता की उपचार के दौरान 24 मई को मौत हो गई थी। परिजनों ने पीजीआई के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। जगह की कमी का हवाला देते हुए पीजीआई प्रशासन ने बुधवार सुबह शव को परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव का दाह संस्कार करने श्मशान भूमि पहुंचे तो वहां पुलिस आ गई। पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाकर महिला के शव को चिता से उठवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। लेकिन इसमें अभी तक कोई प्रगति नहीं हो सकी है।
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सैकड़ों की संख्या में सड़क पर बैठे मोहल्लेवासियों में महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या अधिक थी। प्रदर्शनकारियों में शामिल गीता के भाई कमलजीत ने कहा कि पुलिस ने अभी तक न तो लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है, न ही जिला प्रशासन की ओर से बच्चियों की मदद का आश्वासन मिला है। कार्रवाई नहीं होने के विरोध में परिजन और मोहल्लावासी सुबह नौ बजे गोहाना अड्डे पर पहुंच गये। परिजनों ने सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर जाम लगा दिया। इस दौरान किसी भी राहगीर को आने-जाने नहीं दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही सिटी थाना एसएचओ जगबीर सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे। एक एसआई ने रास्ता खुलवाने के लिए बेरिकेड्स हटाने का प्रयास किया तो परिजन उससे भिड़ गए। परिजनों की पुलिस से हाथापाई तक हो गई। किसी तरह बीच बचाव किया गया। इसके बाद परिजनों ने बेरिकेड्स पर सिर मारकर खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास किया। परिजन मौके पर डीसी को बुलाने की मांग कर रहे थे। मामला बढ़ता देख तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होेंने परिजनों की मांगें सुनी। गुलाब सिंह ने परिजनों को सोमवार को डीसी से मिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही डीसी के सामने परिजनों की मांग रखने की बात कही। परिजनों का कहना है कि गीता के मौत के बाद उसकी छह बच्चियों का पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं है। गीता काफी समय से पति से अलग रह रही थी। गीता के भाई कमलजीत ने कहा कि बच्चियों की परवरिश और पढ़ाई-लिखाई के खर्च की व्यवस्था जिला प्रशासन को करनी चाहिए।
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सुनवाई नहीं हुई तो अंबेडकर चौक पर लगेगा जाम
धरना स्थल पर पहुंचे परिजनों और मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो मंगलवार को अंबेडकर चौक पर जाम लगाएंगे। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले में लापरवाही बरत रही है। लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
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आधा घंटे बाद सुचारू हुआ यातायात
गोहाना अड्डे पर जाम लगने के कारण करीब आधा घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रहा। जाम के कारण माता दरवाजा और सुखपुरा चौक की तरफ जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को बुलाना पड़ा। करीब आधा घंटे बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत के बाद जाम खुल सका।
यह था मामला
छठी बेटी को जन्म देने के बाद अचानक तबियत खराब होने पर पीजीआई में भर्ती पाड़ा मोहल्ला निवासी गीता की उपचार के दौरान 24 मई को मौत हो गई थी। परिजनों ने पीजीआई के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। जगह की कमी का हवाला देते हुए पीजीआई प्रशासन ने बुधवार सुबह शव को परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव का दाह संस्कार करने श्मशान भूमि पहुंचे तो वहां पुलिस आ गई। पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाकर महिला के शव को चिता से उठवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। लेकिन इसमें अभी तक कोई प्रगति नहीं हो सकी है।