{"_id":"81940230263c8d6909cf1b5d6c824b06","slug":"rohtak-banyani-crime-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठाकुर पक्ष की पीड़ित लड़की के ताऊ और दो चाचा गिरफ्तार, गांव में फिर छेड़छाड़ ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ठाकुर पक्ष की पीड़ित लड़की के ताऊ और दो चाचा गिरफ्तार, गांव में फिर छेड़छाड़
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 15 Sep 2015 02:43 AM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी में छेड़छाड़ विवाद और गहरा गया है।
गांव में 5 दिनों से चल रही तनातनी के माहौल के बीच पुलिस ने गिरफ्तारी डाल दी और सोमवार को ही एक और महिला से छेड़छाड़ हो गई।
ठाकुर पक्ष की छेड़छाड़ पीड़ित लड़की के ताऊ और दो चाचा को गिरफ्तार किया गया है।
तीनों की गिरफ्तारी दलित पक्ष की लड़की से छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई है। गिरफ्तारी और फिर से हुई छेड़छाड़ से गांव में तनाव और बढ़ गया है।
एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अब समझौते के प्रयासों को झटका लगता दिख रहा है। ठाकुर पक्ष के लोग पंचायत कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं।
स्कूल की दहलीज नहीं चढ़े बहन-भाई
गांव में दोनों पक्ष कह रहे हैं कि हमारे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ठाकुर समाज की पीड़िता के घर का जायजा लिया गया तो पता चला कि छेड़छाड़ के बाद से पीड़िता और उसका भाई स्कूल की दहलीज नहीं चढ़े हैं। कई बार स्कूल प्रशासन की ओर से परिजनों से उन्हें स्कूल भेजने की विनति की गई, लेकिन दोनों में से कोई स्कूल नहीं आया। लड़की गांव के ही स्कूल में 11वीं और उसका भाई 12 कक्षा में पढ़ाई करता है।
डीईओ ने स्कूल पहुंच लिया जायजा
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल सोमवार को स्कूल पहुंची। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति के बारे में चर्चा की। वे दोनों पक्षों के पीड़ित परिवार के घर पहुंची और परिजनों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की। विवाद के बाद से गांव के राजकीय सीनियर सेकें डरी स्कूल में दोनों पक्षों के करीब 50 प्रतिशत बच्चे गैरहाजिर हैं। स्कूल प्रिंसिपल अनिल कुमार ने बताया कि स्कूल में कुल 974 बच्चे हैं। इनमें से करीब 500 बच्चे प्रतिदिन स्कूल आ रहे हैं।
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अब ठाकुर पक्ष बिफरा- हमारी शिकायत पर कोई गिरफ्तारी नहीं
एक दिन पहले दलित पक्ष के लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की थी। अब ठाकुर पक्ष की ओर से हंगामे की तैयारी हो गई है। ठाकुर पक्ष के पूर्व सरपंच राजकुमार ने कहा कि पुलिस ने हमारी शिकायत पर किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, जबकि पहले ठाकुर पक्ष की तरफ से केस दर्ज करवाया गया था। लेकिन दलित पक्ष की मांग पर तुरंत पीड़िता के ही परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। राजकुमार सहित महेंद्र, विक्रम और सोमबीर डीसी से मिल थे।
पशुओं का दूध बिकना बंद, दुकान जलाने की धमकी
अब दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। रविवार को दलित पक्ष के लोगों ने ठाकुर पक्ष पर आरोप जड़े। अब ठाकुर पक्ष के लोगाें का कहना है कि विवाद के डर से दूधिया गांव में हमारे पशुओं का दूध लेने भी नहीं आ रहे हैं। दलित मोहल्ले में सोमबीर की परचून की दुकान है। जब वह दुकान खोलने गया था तो दलित पक्ष के लोगों ने दुकान को आग के हवाले करने की धमकी देकर वापस भेज दिया। अभी तक दुकान नहीं खोली गई है।
गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात
गिरफ्तारी होते ही पुलिस प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल गांव में भेज दिया गया है। डीईओ सत्यवती नांदल ने कहा कि मैं डीसी से पुलिस बल को स्कूल से बाहर तैनात करने की अपील करूंगी। क्योंकि पुलिस के स्कूल में मौजूद होने से बच्चों में गलत धारणा बनती है।
पूजा करने गई महिला के कपड़े फाड़े
बनियानी में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच छेड़छाड़ का एक और मामला सामने आया है। एक महिला ने कुछ लोगों पर कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया है और महिला थाने में शिकायत दी गई है। वहीं, मामले के उभरते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई ताकि विवाद को शांत किया जा सके। दरअसल कुम्हार जाति की एक महिला का क हना है कि मैं सोमवार को पूजा के लिए चौराहे पर गई थी। पूजा करते वक्त कुछ लोग आए और पूजा का विरोध कर दिया। जबकि पिछले कई साल से हम यहां पूजा करते आ रहे हैं। महिला का आरोप है कि वहां उससे मारपीट की और एक महिला सहित चार लोगों ने कपड़े फाड़ दिए। जैसे तैसे करके महिला अपने घर पहुंची। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में 5 दिनों से चल रही तनातनी के माहौल के बीच पुलिस ने गिरफ्तारी डाल दी और सोमवार को ही एक और महिला से छेड़छाड़ हो गई।
ठाकुर पक्ष की छेड़छाड़ पीड़ित लड़की के ताऊ और दो चाचा को गिरफ्तार किया गया है।
तीनों की गिरफ्तारी दलित पक्ष की लड़की से छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई है। गिरफ्तारी और फिर से हुई छेड़छाड़ से गांव में तनाव और बढ़ गया है।
एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अब समझौते के प्रयासों को झटका लगता दिख रहा है। ठाकुर पक्ष के लोग पंचायत कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं।
स्कूल की दहलीज नहीं चढ़े बहन-भाई
गांव में दोनों पक्ष कह रहे हैं कि हमारे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ठाकुर समाज की पीड़िता के घर का जायजा लिया गया तो पता चला कि छेड़छाड़ के बाद से पीड़िता और उसका भाई स्कूल की दहलीज नहीं चढ़े हैं। कई बार स्कूल प्रशासन की ओर से परिजनों से उन्हें स्कूल भेजने की विनति की गई, लेकिन दोनों में से कोई स्कूल नहीं आया। लड़की गांव के ही स्कूल में 11वीं और उसका भाई 12 कक्षा में पढ़ाई करता है।
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डीईओ ने स्कूल पहुंच लिया जायजा
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल सोमवार को स्कूल पहुंची। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति के बारे में चर्चा की। वे दोनों पक्षों के पीड़ित परिवार के घर पहुंची और परिजनों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की। विवाद के बाद से गांव के राजकीय सीनियर सेकें डरी स्कूल में दोनों पक्षों के करीब 50 प्रतिशत बच्चे गैरहाजिर हैं। स्कूल प्रिंसिपल अनिल कुमार ने बताया कि स्कूल में कुल 974 बच्चे हैं। इनमें से करीब 500 बच्चे प्रतिदिन स्कूल आ रहे हैं।
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अब ठाकुर पक्ष बिफरा- हमारी शिकायत पर कोई गिरफ्तारी नहीं
एक दिन पहले दलित पक्ष के लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की थी। अब ठाकुर पक्ष की ओर से हंगामे की तैयारी हो गई है। ठाकुर पक्ष के पूर्व सरपंच राजकुमार ने कहा कि पुलिस ने हमारी शिकायत पर किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, जबकि पहले ठाकुर पक्ष की तरफ से केस दर्ज करवाया गया था। लेकिन दलित पक्ष की मांग पर तुरंत पीड़िता के ही परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। राजकुमार सहित महेंद्र, विक्रम और सोमबीर डीसी से मिल थे।
पशुओं का दूध बिकना बंद, दुकान जलाने की धमकी
अब दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। रविवार को दलित पक्ष के लोगों ने ठाकुर पक्ष पर आरोप जड़े। अब ठाकुर पक्ष के लोगाें का कहना है कि विवाद के डर से दूधिया गांव में हमारे पशुओं का दूध लेने भी नहीं आ रहे हैं। दलित मोहल्ले में सोमबीर की परचून की दुकान है। जब वह दुकान खोलने गया था तो दलित पक्ष के लोगों ने दुकान को आग के हवाले करने की धमकी देकर वापस भेज दिया। अभी तक दुकान नहीं खोली गई है।
गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात
गिरफ्तारी होते ही पुलिस प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल गांव में भेज दिया गया है। डीईओ सत्यवती नांदल ने कहा कि मैं डीसी से पुलिस बल को स्कूल से बाहर तैनात करने की अपील करूंगी। क्योंकि पुलिस के स्कूल में मौजूद होने से बच्चों में गलत धारणा बनती है।
पूजा करने गई महिला के कपड़े फाड़े
बनियानी में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच छेड़छाड़ का एक और मामला सामने आया है। एक महिला ने कुछ लोगों पर कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया है और महिला थाने में शिकायत दी गई है। वहीं, मामले के उभरते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई ताकि विवाद को शांत किया जा सके। दरअसल कुम्हार जाति की एक महिला का क हना है कि मैं सोमवार को पूजा के लिए चौराहे पर गई थी। पूजा करते वक्त कुछ लोग आए और पूजा का विरोध कर दिया। जबकि पिछले कई साल से हम यहां पूजा करते आ रहे हैं। महिला का आरोप है कि वहां उससे मारपीट की और एक महिला सहित चार लोगों ने कपड़े फाड़ दिए। जैसे तैसे करके महिला अपने घर पहुंची। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।