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पीजीआई के सर्जरी विभाग में डॉक्टरों के बीच चले लात-घूंसे, नाक टूटी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 12 Sep 2015 02:27 AM IST
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पीजीआइ में शुक्रवार को डॉक्टर एक बार फिर मर्यादा भूल गए। सर्जरी में पीजी कर रहे तृतीय और द्वितीय वर्ष के डॉक्टर के बीच झड़प हो गई। दोनों के बीच खूब लात घूंसे चले, जूनियर डॉक्टर की नाक भी टूट गई। बात खूनी मारपीट तक पहुंच गई। नाक से अधिक खून बहने से घायल हुए जूनियर डॉक्टर को आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। वहीं, सूचना पर सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरके कडवासरा, डॉ. एके बंसल और डीएमएस डॉ. संदीप कुमार भी मौके पर पहुंच गए।
वार्ड पांच सर्जरी विभाग में तैनात डॉ. जयकरण तृतीय वर्ष और डॉ. विवेक द्वितीय वर्ष शुक्रवार सायं करीब साढे़ छह बजे आपस में भिड़ गए। इसमें डॉ. विवेक बुरी तरह से जख्मी हो गए। डॉ. विवेक को घायल अवस्था में उपचार के लिए आपातकाल विभाग में भर्ती करवाया गया है। वहीं, डॉ. जयकरण घटना के बाद ड्यूटी से चले गए। डॉ. विवेक ने आरोप लगाया कि सीनियर डॉ. जयकरण छोटी-छोटी बात पर प्रताड़ित करते हैं।
विभागाध्यक्ष के नाम की धौंस दिखाकर कभी वार्ड में तो कभी ऑपरेशन थियेटर में परेशान किया जाता है। डॉ. विवेक मूलरूप से गुड़गांव और डॉ. जयकरण पानीपत के रहने वाले हैं। वहीं, देर रात डॉ. विवेक के पिता आजाद सिंह भी गुड़गांव से पीजीआई पहुंच गए थे।
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विवेक और जयकरण भिडे़, डॉ. राबर्ट ने बंद किया कमरा
डॉ. विवेक ने बताया कि शुक्रवार सायं डॉॅ. जयकरण ने वार्ड में बैठने पर झगड़ा शुरू किया। फिर वे डॉ. एआर बंसल के कमरे में फार्म लेने चले गए, यहां पर डॉ. जयकरण भी पहुंच गए। इसके बाद बाहर से डॉ. राबर्ट ने कमरा बंद कर दिया। वहीं, संस्थान के अधिकारी इसे चौधर की लड़ाई भी मान रहे हैं। गौरतलब है कि इस घटना के बाद डॉ. जयकरण का नाम एक फिर चर्चा में आ गया कि वे पहले भी आपातकालीन विभाग में अस्थि रोग के डॉक्टरों के साथ झगड़ा कर चुके हैं।
एमएलआर पर सवाल
झगडे़ में घायल हुए डॉक्टर का कहना था कि वह मामला पुलिस में ले जाएगा। उसे चोट मारी गई है। ऐसी स्थिति में आपात विभाग के लिए सवाल बन गया कि वह एमएलआर काटे या न काटे। हालांकि, सीनियर के आने पर इसे उनके फैसले तक के लिए रोक दिया गया।
बोले अधिकारी
दो पीजी डॉक्टरों का आपस में झगड़ा हुआ है। फिलहाल झगड़े का कारण पता नहीं चल पाया है। अभी स्टाफ से बातचीत की जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि आपस में सुलह हो जाए।
- डॉ. आरके कड़वासरा, विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग
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वार्ड पांच सर्जरी विभाग में तैनात डॉ. जयकरण तृतीय वर्ष और डॉ. विवेक द्वितीय वर्ष शुक्रवार सायं करीब साढे़ छह बजे आपस में भिड़ गए। इसमें डॉ. विवेक बुरी तरह से जख्मी हो गए। डॉ. विवेक को घायल अवस्था में उपचार के लिए आपातकाल विभाग में भर्ती करवाया गया है। वहीं, डॉ. जयकरण घटना के बाद ड्यूटी से चले गए। डॉ. विवेक ने आरोप लगाया कि सीनियर डॉ. जयकरण छोटी-छोटी बात पर प्रताड़ित करते हैं।
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विभागाध्यक्ष के नाम की धौंस दिखाकर कभी वार्ड में तो कभी ऑपरेशन थियेटर में परेशान किया जाता है। डॉ. विवेक मूलरूप से गुड़गांव और डॉ. जयकरण पानीपत के रहने वाले हैं। वहीं, देर रात डॉ. विवेक के पिता आजाद सिंह भी गुड़गांव से पीजीआई पहुंच गए थे।
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विवेक और जयकरण भिडे़, डॉ. राबर्ट ने बंद किया कमरा
डॉ. विवेक ने बताया कि शुक्रवार सायं डॉॅ. जयकरण ने वार्ड में बैठने पर झगड़ा शुरू किया। फिर वे डॉ. एआर बंसल के कमरे में फार्म लेने चले गए, यहां पर डॉ. जयकरण भी पहुंच गए। इसके बाद बाहर से डॉ. राबर्ट ने कमरा बंद कर दिया। वहीं, संस्थान के अधिकारी इसे चौधर की लड़ाई भी मान रहे हैं। गौरतलब है कि इस घटना के बाद डॉ. जयकरण का नाम एक फिर चर्चा में आ गया कि वे पहले भी आपातकालीन विभाग में अस्थि रोग के डॉक्टरों के साथ झगड़ा कर चुके हैं।
एमएलआर पर सवाल
झगडे़ में घायल हुए डॉक्टर का कहना था कि वह मामला पुलिस में ले जाएगा। उसे चोट मारी गई है। ऐसी स्थिति में आपात विभाग के लिए सवाल बन गया कि वह एमएलआर काटे या न काटे। हालांकि, सीनियर के आने पर इसे उनके फैसले तक के लिए रोक दिया गया।
बोले अधिकारी
दो पीजी डॉक्टरों का आपस में झगड़ा हुआ है। फिलहाल झगड़े का कारण पता नहीं चल पाया है। अभी स्टाफ से बातचीत की जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि आपस में सुलह हो जाए।
- डॉ. आरके कड़वासरा, विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग