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बहुअकबरपुर में दीपक के हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्रामीणों ने किया नेशनल हाइवे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 26 Sep 2015 02:23 AM IST
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बहुअकबरपुर निवासी दीपक पर हमला कर जिंदा जलाने के प्रयास के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव में दिल्ली-हिसार (नेशनल हाइवे-10) को जाम कर दिया।
स्थिति बिगड़ते देख सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में पूरे गांव की महिला, बच्चे और बुजुर्ग पुलिस के खिलाफ सड़क पर आ गए।
सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक न तो स्कूल बस को जाने दिया और न ही एंबुलेंस को। भीड़ को शांत करने के लिए आनन-फानन में पुलिस ने आरोपियों के घर से दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया और दोनों को महिला थाने लाया गया।
पुलिस के 12 घंटे के अंदर गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। वहीं, पीजीआई आईसीयू में भर्ती दीपक की हालत स्थिर बनी हुई है और वह बयान नहीं दे सकता। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने दीपक को जहर भी पिलाया। हंगामे के बाद पुलिस ने देरशाम 4 लोगाें की गिरफ्तारी दिखाई।
हमले के 4 दिन बार गांव में पहुंची पुलिस
मामले में पुलिस की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दीपक पर हमले के चार दिन बाद पुलिस गांव में पीड़ित पक्ष की बात सुनने पहुंची। वह भी तब जब ग्रामीण सड़क पर उतर आए। दीपक के पिता सतीश का कहना है कि मैं कभी महम थाने में तो कभी सदर थाने के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। आरोपी लगातार धमका रहे हैं।
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हंगामा हुआ तो गिरफ्तारी
सदर थाना प्रभारी विजय सिंह का कहना है कि केस महम थाने में दर्ज है। इसलिए महम पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने दीपक के चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही अन्य भी गिरफ्तार होंगे। महम थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि पीड़ित दीपक के दादा सुखबीर, सुखबीर के बेटे सुशील, सुखबीर के पोते अनिल और फरमाना निवासी सुमित (भांजा) को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी नरेंद्र और नवीन अभी फरार हैं।
ग्रामीणा बोले- गांव में खुले घूम रहे हैं आरोपी
ग्रामीणों का कहना है कि सभी आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करना तो दूर एक बार पूछताछ भी नहीं की। पीड़ित सतीश का कहना है कि आरोपियों अब मेरे दूसरे बेटे को भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
गोद में खिलाने वाला भी हमलावर
दीपक पर हमला करने वालों में बाहरी व्यक्ति ही नहीं बल्कि वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने दीपक को गोद में खिलाया है। दरअसल विवाद की असली वजह जमीन है। कुछ दिन पहले सतीश को रुपयों की जरूरत थी। इसलिए उसने अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन बेच दी। उस जमीन को सतीश के चाचा लेना चाहते थे। लेकिन वह जमीन के 17 लाख रुपये दे रहे थे जबकि दूसरे लोगों ने जमीन की कीमत 27 लाख लगा रखी थी। इस पर सतीश ने 27 लाख में जमीन बेच दी। बस इसी से रंजिश रखते हुए दीपक पर हमला कर दिया गया।
ये है मामला
बहुअकरपुर निवासी किसान सतीश का बेटा 18 वर्षीय दीपक 22 सितंबर को गांव से ट्रैक्टर लेकर मदीना में रेत और मिट्टी लाने के लिए गया था। उसके पीछे गांव के एक व्यक्ति के साथ पांच और अन्य लोग भी ट्रैक्टर लेकर गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। सतीश का आरोप है कि हमलावरों ने दीपक को घायल करने के बाद उसके मुंह में रेत भी भर दी। फिर उसे जिंदा जलाने और जहर पिलाने का प्रयास किया।
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आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव में दिल्ली-हिसार (नेशनल हाइवे-10) को जाम कर दिया।
स्थिति बिगड़ते देख सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में पूरे गांव की महिला, बच्चे और बुजुर्ग पुलिस के खिलाफ सड़क पर आ गए।
सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक न तो स्कूल बस को जाने दिया और न ही एंबुलेंस को। भीड़ को शांत करने के लिए आनन-फानन में पुलिस ने आरोपियों के घर से दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया और दोनों को महिला थाने लाया गया।
पुलिस के 12 घंटे के अंदर गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। वहीं, पीजीआई आईसीयू में भर्ती दीपक की हालत स्थिर बनी हुई है और वह बयान नहीं दे सकता। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने दीपक को जहर भी पिलाया। हंगामे के बाद पुलिस ने देरशाम 4 लोगाें की गिरफ्तारी दिखाई।
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हमले के 4 दिन बार गांव में पहुंची पुलिस
मामले में पुलिस की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दीपक पर हमले के चार दिन बाद पुलिस गांव में पीड़ित पक्ष की बात सुनने पहुंची। वह भी तब जब ग्रामीण सड़क पर उतर आए। दीपक के पिता सतीश का कहना है कि मैं कभी महम थाने में तो कभी सदर थाने के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। आरोपी लगातार धमका रहे हैं।
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हंगामा हुआ तो गिरफ्तारी
सदर थाना प्रभारी विजय सिंह का कहना है कि केस महम थाने में दर्ज है। इसलिए महम पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने दीपक के चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही अन्य भी गिरफ्तार होंगे। महम थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि पीड़ित दीपक के दादा सुखबीर, सुखबीर के बेटे सुशील, सुखबीर के पोते अनिल और फरमाना निवासी सुमित (भांजा) को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी नरेंद्र और नवीन अभी फरार हैं।
ग्रामीणा बोले- गांव में खुले घूम रहे हैं आरोपी
ग्रामीणों का कहना है कि सभी आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करना तो दूर एक बार पूछताछ भी नहीं की। पीड़ित सतीश का कहना है कि आरोपियों अब मेरे दूसरे बेटे को भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
गोद में खिलाने वाला भी हमलावर
दीपक पर हमला करने वालों में बाहरी व्यक्ति ही नहीं बल्कि वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने दीपक को गोद में खिलाया है। दरअसल विवाद की असली वजह जमीन है। कुछ दिन पहले सतीश को रुपयों की जरूरत थी। इसलिए उसने अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन बेच दी। उस जमीन को सतीश के चाचा लेना चाहते थे। लेकिन वह जमीन के 17 लाख रुपये दे रहे थे जबकि दूसरे लोगों ने जमीन की कीमत 27 लाख लगा रखी थी। इस पर सतीश ने 27 लाख में जमीन बेच दी। बस इसी से रंजिश रखते हुए दीपक पर हमला कर दिया गया।
ये है मामला
बहुअकरपुर निवासी किसान सतीश का बेटा 18 वर्षीय दीपक 22 सितंबर को गांव से ट्रैक्टर लेकर मदीना में रेत और मिट्टी लाने के लिए गया था। उसके पीछे गांव के एक व्यक्ति के साथ पांच और अन्य लोग भी ट्रैक्टर लेकर गए और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। सतीश का आरोप है कि हमलावरों ने दीपक को घायल करने के बाद उसके मुंह में रेत भी भर दी। फिर उसे जिंदा जलाने और जहर पिलाने का प्रयास किया।