{"_id":"76b28330037ffbc28b3e23251f3afdc5","slug":"murder-of-youngman-sister-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंहबोली बहन के साथ फोटो खिंचवाना नहीं हुआ बर्दाश्त, उतार दिया मौत के घाट ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुंहबोली बहन के साथ फोटो खिंचवाना नहीं हुआ बर्दाश्त, उतार दिया मौत के घाट
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 07 Oct 2015 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेकीराम कॉलेज में छात्र अनिल की हत्या मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है।
जिन आरोपियों ने अनिल को मौत के घाट उतारा, उनमें से एक आरोपी की मुंहबोली बहन के साथ अनिल ने केवल एक फोटो खिंचवाया था।
बस इसी बात को आरोपी युवक बर्दाश्त नहीं कर सका और साथियों के साथ साजिश रच अनिल को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी हुमायूंपुर गांव का रहने वाला है।
वारदात के दिन भी सबसे पहले इसी युवक ने अनिल पर हमला बोला था। आरोपी पिछले कई दिनों से अनिल की हत्या करने की फिराक में थे।
लेकिन भीड़भाड़ और पुलिस की मौजूदगी के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बुधवार शाम तक पूरे प्रकरण का खुलासा किया जा सकता है।
पीजीआई थाना पुलिस ने मृतक अनिल के भाई सुनील के बयान पर 6-7 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। सूत्रों की मानें तो सुनील ने पुलिस को दी शिकायत में किसी लड़की का भी जिक्र किया है। जिसकी वजह से अनिल पर हमला किया गया। हालांकि पुलिस इस संबंध में कुछ भी साफ तौर पर नहीं कह रही है।
विज्ञापन
पांच आरोपियों की पहचान
पुलिस ने हत्याकांड में पांच आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा दो तीन और युवक भी वारदात में शामिल हो सकते हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के तीन आरोपी गोहाना निवासी और दो युवक रोहतक जिले के गांवों के रहने वाले हैं। वारदात के समय मौके पर मौजूद कुछ छात्रों से आरोपियों की पहचान कराई गई है। पुलिस ने फेसबुक आईडी से आरोपियों के फोटो लेकर पहचान कराई।
वारदात के बाद मस्ती करने दिल्ली, जयपुर और चंड़ीगढ़ पहुंचे आरोपी
हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए प्रदेश से बाहर छापेमारी शुरू कर दी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस की कई टीमों ने दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ में डेरा डाल लिया है। आरोपियों की लोकेशन इन्हीं तीन जगहों की मिली है। बताया जाता है कि सभी आरोपी अलग अलग शहरों की ओर निकल गए। ताकि पुलिस को लोकेशन अलग-अलग शहरों की मिले और वह भ्रमित हो जाए।
देव कॉलोनी के पीजी में रहते थे आरोपी
आरोपी हॉस्टल में नहीं बल्कि देव कॉलोनी स्थित एक पीजी में रहते थे और यहीं पर हत्याकांड की योजना बनाई। पुलिस ने संबंधित पीजी के मालिक से भी पूछताछ की है।
घंटों तक कॉलेज में ही घूमते रहे हमलावर
हत्याकांड में सुरक्षा पर सवाल उठाने वाला एक और खुलासा हुआ है। अनिल और दिनेश पर हमले के आरोपी वारदात के एक घंटे बाद तक कॉलेज कैंपस में ही घूमते रहे। घायल अनिल की मौत होने की खबर पुख्ता होने के बाद हमलावर कॉलेज से फरार हुए। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि अनिल और दिनेश पर एक ही छात्र गुट ने हमला किया था। डॉक्टरों ने दिनेश को बयान देने के लिए अनफिट बताया है।
संदिग्धों से पूछताछ जारी
हत्यारोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है। साथ ही हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। जांच अधिकारी एसआई राजकुमार ने बताया कि छानबीन की जा रही है, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
नेकीराम कॉलेज में फिर हो सकता है खूनी संघर्ष
पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय में दिनदहाड़े छात्र की हत्या के बाद एक बार फिर से खूनी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश श्योराण ने मंगलवार को एसपी शशांक आनंद को पत्र भेजकर यह आशंका जताई है कि हत्या के बाद दोनों गुट आमने-सामने हो सकते हैं। ऐसे में कॉलेज परिसर में सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए, जिससे खूनी संघर्ष को रोका जा सके। उधर, वारदात के बाद से ही कॉलेज में पीसीआर तैनात कर दी गई है। दिन भर पुलिसकर्मी कॉलेज के मेन गेट से लेकर कैंपस में घूमते रहे।
दिन भर चला चेकिंग अभियान
वारदात के बाद कॉलेज प्राचार्य और स्टाफ ने दिनभर चेकिंग अभियान चलाया। कॉलेज के मेन गेट पर आई कार्ड चेक करने के बाद छात्रों को एंट्री दी गई। कॉलेज परिसर में घूम रहे छात्रों के भी आई कार्ड चेक किए गए। बिना आई कार्ड वाले छात्र को कॉलेज से निकाल दिया गया।
चौपहिया वाहनों की नो एंट्री
कॉलेज परिसर में छात्रों के चौपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार से आने वाले छात्रों को बाहर ही रोक दिया गया। कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि अनुमति के बाद ही कार को अंदर आने दिया जाएगा। मंगलवार को कॉलेज में शोक सभा भी हुई। इसमें छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन धारण कर छात्र को श्रद्धांजलि दी। कॉलेज में दिनभर शोक का माहौल रहा।
वर्जन-
दोनों छात्रों पर हमला करने वाले छात्रों का एक ही गुट था। घायल दिनेश के बयान के आधार पर आरोपियोें को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। अनफिट होेने के कारण उसका बयान नहीं हो सका है।
कुलदीप कुमार, एसएचओ पीजीआई थाना।
वर्जन
आशंका के चलते एसपी को पत्र भेजा गया है। कॉलेज में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त कर दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध छात्र को नहीं आने दिया गया।
- डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य पंडित नेकीराम कॉलेज
ये है मामला
बता दें कि सोमवार को कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र टिटौली निवासी अनिल की सुआ घोंपकर हत्या कर दी गई थी। जबकि एक अन्य छात्र सिवानी मंडी निवासी दिनेश हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। माना जा रहा है कि छात्र गुटों के बीच आपसी विवाद के चलते वारदात हुई।
विज्ञापन
जिन आरोपियों ने अनिल को मौत के घाट उतारा, उनमें से एक आरोपी की मुंहबोली बहन के साथ अनिल ने केवल एक फोटो खिंचवाया था।
बस इसी बात को आरोपी युवक बर्दाश्त नहीं कर सका और साथियों के साथ साजिश रच अनिल को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी हुमायूंपुर गांव का रहने वाला है।
वारदात के दिन भी सबसे पहले इसी युवक ने अनिल पर हमला बोला था। आरोपी पिछले कई दिनों से अनिल की हत्या करने की फिराक में थे।
लेकिन भीड़भाड़ और पुलिस की मौजूदगी के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बुधवार शाम तक पूरे प्रकरण का खुलासा किया जा सकता है।
विज्ञापन
पीजीआई थाना पुलिस ने मृतक अनिल के भाई सुनील के बयान पर 6-7 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। सूत्रों की मानें तो सुनील ने पुलिस को दी शिकायत में किसी लड़की का भी जिक्र किया है। जिसकी वजह से अनिल पर हमला किया गया। हालांकि पुलिस इस संबंध में कुछ भी साफ तौर पर नहीं कह रही है।
विज्ञापन
पांच आरोपियों की पहचान
पुलिस ने हत्याकांड में पांच आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा दो तीन और युवक भी वारदात में शामिल हो सकते हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के तीन आरोपी गोहाना निवासी और दो युवक रोहतक जिले के गांवों के रहने वाले हैं। वारदात के समय मौके पर मौजूद कुछ छात्रों से आरोपियों की पहचान कराई गई है। पुलिस ने फेसबुक आईडी से आरोपियों के फोटो लेकर पहचान कराई।
वारदात के बाद मस्ती करने दिल्ली, जयपुर और चंड़ीगढ़ पहुंचे आरोपी
हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए प्रदेश से बाहर छापेमारी शुरू कर दी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस की कई टीमों ने दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ में डेरा डाल लिया है। आरोपियों की लोकेशन इन्हीं तीन जगहों की मिली है। बताया जाता है कि सभी आरोपी अलग अलग शहरों की ओर निकल गए। ताकि पुलिस को लोकेशन अलग-अलग शहरों की मिले और वह भ्रमित हो जाए।
देव कॉलोनी के पीजी में रहते थे आरोपी
आरोपी हॉस्टल में नहीं बल्कि देव कॉलोनी स्थित एक पीजी में रहते थे और यहीं पर हत्याकांड की योजना बनाई। पुलिस ने संबंधित पीजी के मालिक से भी पूछताछ की है।
घंटों तक कॉलेज में ही घूमते रहे हमलावर
हत्याकांड में सुरक्षा पर सवाल उठाने वाला एक और खुलासा हुआ है। अनिल और दिनेश पर हमले के आरोपी वारदात के एक घंटे बाद तक कॉलेज कैंपस में ही घूमते रहे। घायल अनिल की मौत होने की खबर पुख्ता होने के बाद हमलावर कॉलेज से फरार हुए। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि अनिल और दिनेश पर एक ही छात्र गुट ने हमला किया था। डॉक्टरों ने दिनेश को बयान देने के लिए अनफिट बताया है।
संदिग्धों से पूछताछ जारी
हत्यारोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है। साथ ही हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। जांच अधिकारी एसआई राजकुमार ने बताया कि छानबीन की जा रही है, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
नेकीराम कॉलेज में फिर हो सकता है खूनी संघर्ष
पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय में दिनदहाड़े छात्र की हत्या के बाद एक बार फिर से खूनी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश श्योराण ने मंगलवार को एसपी शशांक आनंद को पत्र भेजकर यह आशंका जताई है कि हत्या के बाद दोनों गुट आमने-सामने हो सकते हैं। ऐसे में कॉलेज परिसर में सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए, जिससे खूनी संघर्ष को रोका जा सके। उधर, वारदात के बाद से ही कॉलेज में पीसीआर तैनात कर दी गई है। दिन भर पुलिसकर्मी कॉलेज के मेन गेट से लेकर कैंपस में घूमते रहे।
दिन भर चला चेकिंग अभियान
वारदात के बाद कॉलेज प्राचार्य और स्टाफ ने दिनभर चेकिंग अभियान चलाया। कॉलेज के मेन गेट पर आई कार्ड चेक करने के बाद छात्रों को एंट्री दी गई। कॉलेज परिसर में घूम रहे छात्रों के भी आई कार्ड चेक किए गए। बिना आई कार्ड वाले छात्र को कॉलेज से निकाल दिया गया।
चौपहिया वाहनों की नो एंट्री
कॉलेज परिसर में छात्रों के चौपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार से आने वाले छात्रों को बाहर ही रोक दिया गया। कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि अनुमति के बाद ही कार को अंदर आने दिया जाएगा। मंगलवार को कॉलेज में शोक सभा भी हुई। इसमें छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन धारण कर छात्र को श्रद्धांजलि दी। कॉलेज में दिनभर शोक का माहौल रहा।
वर्जन-
दोनों छात्रों पर हमला करने वाले छात्रों का एक ही गुट था। घायल दिनेश के बयान के आधार पर आरोपियोें को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। अनफिट होेने के कारण उसका बयान नहीं हो सका है।
कुलदीप कुमार, एसएचओ पीजीआई थाना।
वर्जन
आशंका के चलते एसपी को पत्र भेजा गया है। कॉलेज में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त कर दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध छात्र को नहीं आने दिया गया।
- डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य पंडित नेकीराम कॉलेज
ये है मामला
बता दें कि सोमवार को कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र टिटौली निवासी अनिल की सुआ घोंपकर हत्या कर दी गई थी। जबकि एक अन्य छात्र सिवानी मंडी निवासी दिनेश हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। माना जा रहा है कि छात्र गुटों के बीच आपसी विवाद के चलते वारदात हुई।