फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   jat neta meeting with govenment after 19 malik

जाट नेता सरकार से बातचीत को तैयार, पर 19 के बाद : मलिक

Sat, 18 Feb 2017 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 18 Feb 2017 02:30 AM IST
विज्ञापन
jat neta meeting with govenment after 19 malik
जसिया धरने पर भीड़ - फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने एडीजीपी मोहम्मद अकील के तत्काल बातचीत के प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया कि अब 20 फरवरी को बातचीत हो सकती है। जाट नेता सरकार से बातचीत को तैयार हैं, लेकिन 19 फरवरी को पहले आंदोलन को नई धार दी जाएगी।
विज्ञापन


शुक्रवार को जसिया में हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश स्तरीय मीटिंग में यह फैसला लिया गया। बैठक में प्रदेश में चल रहे प्रत्येक धरने से दो-दो सदस्यों को शामिल किया गया था। बैठक में हुई बातचीत को ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि बातचीत से पहले जाट नेता प्रदेश सरकार पर निर्णायक दबाव बनाना चाहते हैं। इसके लिए रविवार को केवल जसिया में ही पांच लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। दोपहर एक बजे यशपाल मलिक आंदोलन की नई रूपरेखा की घोषणा करेंगे।
विज्ञापन


यशपाल मलिक ने बताया कि मीटिंग में 29 जनवरी से अब तक चले आंदोलन और सरकार के रुख की समीक्षा की गई। साथ ही मांगों को पूरी करवाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएं, इस पर भी विचार विमर्श किया गया। आंदोलन को नया रूप देने के लिए सात से आठ नए कदम उठाने पर फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर उन्हें 19 फरवरी को दोपहर एक बजे नई रूपरेखा की घोषणा करने के लिए अधिग्रहित किया है। वे शनिवार को सलाहकारों और समिति के सदस्यों से हर पहलू पर विचार विमर्श करके आंदोलन के नए स्वरूप का प्रारूप तैयार कर करेंगे। मीटिंग में मलिक के अलावा प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा, प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह ढाका और जसिया धरने के अध्यक्ष ओमप्रकाश हुड्डा व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

रामपाल के साथ गलत हुआ, आर्य समाज से मतभेद होंगे दूर : मलिक

शुक्रवार को जसिया धरने पर हजारों रामपाल समर्थक पहुंचे और अपना समर्थन दिया। बदले में धन्यवाद करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि जींद के इक्कस और कैथल के बाद रामपाल समर्थकों ने जसिया आकर समर्थन दिया है। समय आने पर जाट समाज भी रामपाल का साथ देगा।

उम्मीद है जल्द रामपाल जेल से बाहर आएंगे। आंदोलन के बाद आर्य समाज और रामपाल समर्थकों के बीच के मतभेदों को दूर करवाया जाएगा।

मलिक बोले, हर धर्म से जुड़े जाट

मलिक ने मंच से कहा कि जाट समाज हर धर्म से जुड़ा रहा है। बौद्ध धर्म आया तो सबसे ज्यादा जाट समाज के लोग बौद्ध धर्म से जुड़े। इसके बाद इसलाम धर्म आया तो उसे सबसे ज्यादा अपनाया। इसके बाद सिख धर्म अपनाने में भी जाट समाज के लोग आगे रहे।

धरने पर जाएं रामपाल समर्थक, आर्य समाज पर टिप्पणी न करें : मास्टर रामपाल

आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मास्टर रामपाल का कहना है कि जाट आरक्षण धरने पर रामपाल समर्थक जाएं, उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन स्वामी दयानंद या आर्य समाज पर कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। कौन कहां जाता है इससे मुझे कोई मतलब नहीं है।



भूचाल का मतलब हिंसा नहीं
मलिक ने साफ किया कि 19 फरवरी को भूचाल आने का संबंध हिंसा से नहीं है। वे शांतिपूर्वक किए जाने वाले परिवर्तन की बात कर रहे हैं। लोकतंत्र में सत्ता दी जा सकती है तो सत्ता से हटाया भी जा सकता है। यूपी और पंजाब में वे राजनीतिक निर्णय लेकर यह परिवर्तन कर चुके हैं। अब दिल्ली के नगर निगम चुनाव में परिवर्तन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed