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इस बार उपद्रवियों पर सख्ती के मूड में पुलिस-प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 31 May 2016 01:13 AM IST
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लोगों में भरोसा पैदा करने के उद्देश्य से दो बार निकाला फ्लैग मार्च
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इस बार जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वालों को कतई बख्शने के मूड में नहीं है पुलिस और जिला प्रशासन। यही वजह है कि आंदोलन की आहट होते ही वह न केवल सतर्क हो गया है, बल्कि रणनीति बनाने में भी जुट गया है। उन सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है जिससे निकलना उपद्रवियों के लिए मुश्किल हो जाएगा। लोगों में भरोसा पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने सोमवार को संयुक्त रूप से दो बार फ्लैग मार्च निकाला। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की दिन में कई बार बैठक हुई, जिसमें आंदोलन से निपटने के बारे में विचार-विमर्श किया गया। आंदोलन की अगुवाई करने वालों और असामाजिक तत्वों को पुलिस हरियाणा पुलिस एक्ट-69 के तहत नोटिस भेजने की तैयारी में है, ताकि आंदोलन के दौरान हिंसा या संपत्ति की नुकसान होने पर इनकी जिम्मेदारी तय की जा सके।
आंदोलन की अगुवाई करने वालों को हरियाणा पुलिस एक्ट-69 के तहत भेजे जाएंगे नोटिस
इस बार आंदोलन के दौरान हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर कोई बच नहीं सकेगा। ऐसे लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसी रणनीति के तहत पुलिस की ओर से आंदोलन की अगुवाई करने वालों और असामाजिक तत्वों को हरियाणा पुलिस एक्ट-69 के तहत नोटिस भेजने की तैयारी है। पुलिस विभाग ने ऐसे लोगों के नाम और पते की सूची बनानी शुरू कर दी है। पांच जून से पहले इन सभी को नोटिस भेजे दिये जाएंगे। जाट नेता यशपाल मलिक और हवा सिंह सांगवान को भी नोटिस भेजा जा सकता है। पुलिस ऐसा इसलिए करेगी, ताकि आंदोलन के दौरान हिंसा होने पर उसकी जिम्मेदारी तय की सके। सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान होने पर उसकी भरपाई इन्हीं लोगों से की जा सके।
बता दें कि हरियाणा पुलिस एक्ट-69 को वर्ष 2007 में बनाया गया था। इसके तहत पुलिस किसी कार्यक्रम के आयोजकों और उससे जुड़े अन्य लोगों को नोटिस भेजती है। नोटिस के तहत कार्यक्र म, आंदोलन या फिर धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नोटिस प्राप्त करने वालों की होती है। साथ ही हिंसा होने या किसी सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान होने पर उन्हीं से इसकी भरपाई की जाती है।
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थानों और चौकियों में भेजा गया दंगा निरोधक सामान
किसी हिंसक घटना से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से जिलेभर के सभी थानों और चौकियों में दंगा निरोधक सामान भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दंगा निरोधक उपकरणों में आंसू गैस, रबर बुलेट, एंटी राइट गन सहित अन्य हथियार उपलब्ध करवाए गए हैं। हाल ही में पुलिस कर्मचारियों को दंगों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
शहर में यहां से निकला पहला फ्लैग मार्च
शहर में सोमवार को पहला फ्लैग मार्च एएसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में निकाला गया। फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से होता हुआ सोनीपत स्टैंड, अशोका चौक, मेडिकल मोड़, एमडीयू गेट नंबर 2, दिल्ली बाईपास, आईएमटी चौक, गांव खेडीसाध, गांव बोहर, सोनीपत रोड पर शीला बाईपास, नया बस अड्डा, सुखपुरा चौक, जींद बाईपास, हिसार बाईपास, आईडीसीस चौक, भिवानी रोड, गांव डोभ, भाली, सुनारियां, झज्जर चुंगी, कन्हेली, पहरावर, तिलियार लेक, दिल्ली रोड, दिल्ली बाईपास, शीला बाईपास, सोनीपत स्टैंड होते हुए पुलिस लाइन पहुंचा। फ्लैग मार्च में एक कंपनी आरएएफ और एक जिला पुलिस की कंपनी शामिल रही।
यहां से निकला दूसरा फ्लैग मार्च
दूसरा फ्लैगमार्च डीएसपी वीर सिंह के नेतृत्व में अधिकतर ग्रामीणों इलाकों से निकाला गया। यह फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर गोहाना अड्डा, सुखपुरा चौक, टोल प्लाजा, गांव ब्राह्मणवास, जसिया, घिलोड़, काहनी, रिठाल फौगाट, बैंयापुर, नया बस स्टैंड होते हुए वापस पुलिस लाइन पहुंचा। दोनों फ्लैग मार्च शाम करीब साढ़े तीन बजे शुरू किए गए।
शहर में नौ जगहों पर बीएसएफ के नाके
शहर में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकने के लिए बीएसएफ ने नौ जगहों पर नाकेबंदी कर दी है। सभी नाके बीएसएफ के अधिकारियों ने लगाए हैं। बीएसएफ की ओर से बोहर गांव, लाढ़ौत रोड, जींद बाईपास, हिसार बाईपास, विश्वकर्मा चौक, सुनारिया बाईपास, झज्जर रोड, गोहाना रोड और आईएमटी चौक पर नाके लगाए गए हैं।
उपद्रवियों की पहचान, हो सकती है गिरफ्तारी
जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कुछ उपद्रवियों की पहचान कर ली है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, ताकि यह आंदोलन को हिंसक होने से रोका जा सके। पुलिस सूत्रों की मानें तो उपद्रव करने वाले संदिग्धों को पुलिस पांच जून से पहले गिरफ्तार कर सकती है। इस संबंध में जगह-जगह तलाशी की जा रही है।
पिछले आंदोलन के दौरान प्रभावित इलाकों में बढ़ाई सक्रियता
पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने पिछले आंदोलन के दौरान धरना-प्रदर्शन से प्रभावित रहे इलाकों में सक्रियता बढ़ा दी है, ताकि यहां लोग इकट्ठा होकर जाम न लगा सकें। इसी के तहत शहर के मुख्य बिंदुओं जैसे एमडीयू गेट नंबर 2, दिल्ली बाईपास, मेडिकल मोड़, सोनीपत स्टैंड, शीला बाईपास सहित अन्य जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की योजना है। फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में यही इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित थे।
दिनभर चला एसपी और डीसी की बैठकों का दौर
पुलिस और जिला प्रशासन आरक्षण आंदोलन के संबंध में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इसी के चलते एसपी शशांक आनंद और डीसी अतुल कुमार ने सुबह पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की। इसमें हिंसा से निपटने के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गए। साथ ही उपद्रव करने वालों पर कोई भी कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिये गए। बैठकों का दौर एसपी और डीसी के बीच दिनभर चलता रहा।
जमानत पर छूटे उपद्रवियों पर कड़ी नजर
फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार उपद्रवियों में से कुछ के जमानत पर छूटने से पुलिस प्रशासन चिंता में है। पुलिस को डर है कि कहीं यह लोग धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को हिंसक न बना दें। इस कारण पुलिस ने जमानत पर बाहर आए उपद्रवियों पर नजर रख रही है। पुलिस ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है, ताकि इनके घर पर छापेमारी कर इनकी गतिविधियों के बारे में पता लगाया जा सके।
सभी जिलेवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। हिंसा करने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। अर्द्धसैनिक और पुलिस बल ने जिले में सक्रियता बढ़ा दी है। इसी के तहत फ्लैग मार्च भी किया गया है।
- शशांक आनंद, एसपी रोहतक
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आंदोलन की अगुवाई करने वालों को हरियाणा पुलिस एक्ट-69 के तहत भेजे जाएंगे नोटिस
इस बार आंदोलन के दौरान हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर कोई बच नहीं सकेगा। ऐसे लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसी रणनीति के तहत पुलिस की ओर से आंदोलन की अगुवाई करने वालों और असामाजिक तत्वों को हरियाणा पुलिस एक्ट-69 के तहत नोटिस भेजने की तैयारी है। पुलिस विभाग ने ऐसे लोगों के नाम और पते की सूची बनानी शुरू कर दी है। पांच जून से पहले इन सभी को नोटिस भेजे दिये जाएंगे। जाट नेता यशपाल मलिक और हवा सिंह सांगवान को भी नोटिस भेजा जा सकता है। पुलिस ऐसा इसलिए करेगी, ताकि आंदोलन के दौरान हिंसा होने पर उसकी जिम्मेदारी तय की सके। सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान होने पर उसकी भरपाई इन्हीं लोगों से की जा सके।
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बता दें कि हरियाणा पुलिस एक्ट-69 को वर्ष 2007 में बनाया गया था। इसके तहत पुलिस किसी कार्यक्रम के आयोजकों और उससे जुड़े अन्य लोगों को नोटिस भेजती है। नोटिस के तहत कार्यक्र म, आंदोलन या फिर धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नोटिस प्राप्त करने वालों की होती है। साथ ही हिंसा होने या किसी सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान होने पर उन्हीं से इसकी भरपाई की जाती है।
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थानों और चौकियों में भेजा गया दंगा निरोधक सामान
किसी हिंसक घटना से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से जिलेभर के सभी थानों और चौकियों में दंगा निरोधक सामान भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दंगा निरोधक उपकरणों में आंसू गैस, रबर बुलेट, एंटी राइट गन सहित अन्य हथियार उपलब्ध करवाए गए हैं। हाल ही में पुलिस कर्मचारियों को दंगों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
शहर में यहां से निकला पहला फ्लैग मार्च
शहर में सोमवार को पहला फ्लैग मार्च एएसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में निकाला गया। फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से होता हुआ सोनीपत स्टैंड, अशोका चौक, मेडिकल मोड़, एमडीयू गेट नंबर 2, दिल्ली बाईपास, आईएमटी चौक, गांव खेडीसाध, गांव बोहर, सोनीपत रोड पर शीला बाईपास, नया बस अड्डा, सुखपुरा चौक, जींद बाईपास, हिसार बाईपास, आईडीसीस चौक, भिवानी रोड, गांव डोभ, भाली, सुनारियां, झज्जर चुंगी, कन्हेली, पहरावर, तिलियार लेक, दिल्ली रोड, दिल्ली बाईपास, शीला बाईपास, सोनीपत स्टैंड होते हुए पुलिस लाइन पहुंचा। फ्लैग मार्च में एक कंपनी आरएएफ और एक जिला पुलिस की कंपनी शामिल रही।
यहां से निकला दूसरा फ्लैग मार्च
दूसरा फ्लैगमार्च डीएसपी वीर सिंह के नेतृत्व में अधिकतर ग्रामीणों इलाकों से निकाला गया। यह फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर गोहाना अड्डा, सुखपुरा चौक, टोल प्लाजा, गांव ब्राह्मणवास, जसिया, घिलोड़, काहनी, रिठाल फौगाट, बैंयापुर, नया बस स्टैंड होते हुए वापस पुलिस लाइन पहुंचा। दोनों फ्लैग मार्च शाम करीब साढ़े तीन बजे शुरू किए गए।
शहर में नौ जगहों पर बीएसएफ के नाके
शहर में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकने के लिए बीएसएफ ने नौ जगहों पर नाकेबंदी कर दी है। सभी नाके बीएसएफ के अधिकारियों ने लगाए हैं। बीएसएफ की ओर से बोहर गांव, लाढ़ौत रोड, जींद बाईपास, हिसार बाईपास, विश्वकर्मा चौक, सुनारिया बाईपास, झज्जर रोड, गोहाना रोड और आईएमटी चौक पर नाके लगाए गए हैं।
उपद्रवियों की पहचान, हो सकती है गिरफ्तारी
जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कुछ उपद्रवियों की पहचान कर ली है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, ताकि यह आंदोलन को हिंसक होने से रोका जा सके। पुलिस सूत्रों की मानें तो उपद्रव करने वाले संदिग्धों को पुलिस पांच जून से पहले गिरफ्तार कर सकती है। इस संबंध में जगह-जगह तलाशी की जा रही है।
पिछले आंदोलन के दौरान प्रभावित इलाकों में बढ़ाई सक्रियता
पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने पिछले आंदोलन के दौरान धरना-प्रदर्शन से प्रभावित रहे इलाकों में सक्रियता बढ़ा दी है, ताकि यहां लोग इकट्ठा होकर जाम न लगा सकें। इसी के तहत शहर के मुख्य बिंदुओं जैसे एमडीयू गेट नंबर 2, दिल्ली बाईपास, मेडिकल मोड़, सोनीपत स्टैंड, शीला बाईपास सहित अन्य जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की योजना है। फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में यही इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित थे।
दिनभर चला एसपी और डीसी की बैठकों का दौर
पुलिस और जिला प्रशासन आरक्षण आंदोलन के संबंध में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इसी के चलते एसपी शशांक आनंद और डीसी अतुल कुमार ने सुबह पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की। इसमें हिंसा से निपटने के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गए। साथ ही उपद्रव करने वालों पर कोई भी कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिये गए। बैठकों का दौर एसपी और डीसी के बीच दिनभर चलता रहा।
जमानत पर छूटे उपद्रवियों पर कड़ी नजर
फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार उपद्रवियों में से कुछ के जमानत पर छूटने से पुलिस प्रशासन चिंता में है। पुलिस को डर है कि कहीं यह लोग धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को हिंसक न बना दें। इस कारण पुलिस ने जमानत पर बाहर आए उपद्रवियों पर नजर रख रही है। पुलिस ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है, ताकि इनके घर पर छापेमारी कर इनकी गतिविधियों के बारे में पता लगाया जा सके।
सभी जिलेवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। हिंसा करने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। अर्द्धसैनिक और पुलिस बल ने जिले में सक्रियता बढ़ा दी है। इसी के तहत फ्लैग मार्च भी किया गया है।
- शशांक आनंद, एसपी रोहतक