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फर्जी ढंग से मुआवजा लेने वालों को पहले नोटिस, फिर केस दर्ज कर भेजेंगे जेल
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:28 AM IST
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दंगों में संपत्ति के नुकसान का फर्जी दावा करके मुआवजा लेने वालों पर सरकार सख्त हो गई है। जिस किसी ने फर्जी दावा करके मुआवजा लिया होगा, उनको पहले प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। उसके बाद भी वे रुपये नहीं लौटाते हैं तो उन पर केस दर्ज होगा और जेल भी भेजा जा सकता है। इसके लिए अभी केवल आम लोगों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के साथ फर्जी तरीके से मुआवजा लेने का साक्ष्य भी देना होगा। उसके बाद प्रशासन खुद जांच कराएगा। यह तय है कि मुआवजा झटकने वालों पर कार्रवाई जरूर होगी।
जाट आरक्षण आंदोलन के बाद हुए दंगों में दुकान, शोरूम, मॉल जला दिए गए तो किसी जगह तोड़फोड़ करके लूटपाट की गई। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मुआवजा देना शुरू किया। पीड़ितों के दावा करते ही 25 प्रतिशत राशि बैंक खातों में पहुंचा दी गई। कुछ लोगों ने इसका फायदा उठा लिया। संपत्ति के नुकसान का फर्जी दावा कर कुछ लोग प्राथमिक तौर पर मिले मुआवजे को झटक चुके हैं।
इसका खुलासा उस समय हुआ, जब संपत्ति के नुकसान के आए दावों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई। अब डीसी अतुल कुमार का कहना है कि कि फर्जी तरीके से मुआवजा लेने वालों को पहले नोटिस भेजा जाएगा और उनको नियमित समय के अंदर रुपये वापस जमा कराने के लिए कहा जाएगा। उसके बाद भी रुपये जमा नहीं कराते हैं तो उन पर मुकदमा दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई होगी। उनके अनुसार सरकार का कोई भी रुपया किसी को गलत तरीके से नहीं लेने दिया जाएगा।
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शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
डीसी अतुल कुमार के अनुसार किसी को यह लगता है कि किसी मामले में ज्यादा मुआवजा दिया गया है तो वह पूरे साक्ष्यों के साथ लघु सचिवालय में ई-दिशा केंद्र में शिकायत कर सकता है। यहां शाम को 3-4 बजे तक अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 01262-244146 जारी किया गया है। यह शिकायत अगले छह महीने तक दर्ज कराई जा सकती है।
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जाट आरक्षण आंदोलन के बाद हुए दंगों में दुकान, शोरूम, मॉल जला दिए गए तो किसी जगह तोड़फोड़ करके लूटपाट की गई। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मुआवजा देना शुरू किया। पीड़ितों के दावा करते ही 25 प्रतिशत राशि बैंक खातों में पहुंचा दी गई। कुछ लोगों ने इसका फायदा उठा लिया। संपत्ति के नुकसान का फर्जी दावा कर कुछ लोग प्राथमिक तौर पर मिले मुआवजे को झटक चुके हैं।
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इसका खुलासा उस समय हुआ, जब संपत्ति के नुकसान के आए दावों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई। अब डीसी अतुल कुमार का कहना है कि कि फर्जी तरीके से मुआवजा लेने वालों को पहले नोटिस भेजा जाएगा और उनको नियमित समय के अंदर रुपये वापस जमा कराने के लिए कहा जाएगा। उसके बाद भी रुपये जमा नहीं कराते हैं तो उन पर मुकदमा दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई होगी। उनके अनुसार सरकार का कोई भी रुपया किसी को गलत तरीके से नहीं लेने दिया जाएगा।
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शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
डीसी अतुल कुमार के अनुसार किसी को यह लगता है कि किसी मामले में ज्यादा मुआवजा दिया गया है तो वह पूरे साक्ष्यों के साथ लघु सचिवालय में ई-दिशा केंद्र में शिकायत कर सकता है। यहां शाम को 3-4 बजे तक अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 01262-244146 जारी किया गया है। यह शिकायत अगले छह महीने तक दर्ज कराई जा सकती है।