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मुख्यमंत्री खट्टर नहीं पहुंचे, नहीं हुई वार्ता, जाट आंदोलन रहेगा जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 18 Mar 2017 12:58 AM IST
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पत्रकाराो काो संबाोिध्ाधित करते मलिककि
- फोटो : amar ujala
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जाट नेताओं और प्रदेश सरकार के बीच शुक्रवार को दिल्ली में होने वाली वार्ता नहीं हो पाई। इसके बाद यशपाल मलिक ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा कर दी। मलिक ने कहा कि सरकार के साथ किसी तरह का कोई समझौता नहीं हुआ है। सरकार मीडिया के सामने गलत तथ्य पेश करके समझौते की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पहले की ही भांति चलता रहेगा। लोग भारी संख्या में 20 मार्च को दिल्ली कूच में भाग लेंगे। मलिक ने बातचीत को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। कहा कि सीएम दिल्ली में होते हुए बातचीत नहीं की और चंडीगढ़ चले गए।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने शुक्रवार को रोहतक में मीडिया से बातचीत में कहा कि वीरवार को पानीपत में सरकार के मंत्रियों से वार्ता हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर से दिल्ली में वार्ता होगी, तभी कोई निर्णय लिया जाएगा। निर्धारित समय पर समिति के पदाधिकारी दिल्ली स्थित हरियाणा भवन पहुंचे, लेकिन पता चला कि सीएम जा चुके हैं।
मलिक ने आरोप लगाया कि जाटों को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन सीएम ही चले गए। इससे जाटों में आक्रोश है।
मलिक ने कहा कि इससे सरकार की मंशा दिखाई दे रही है। सरकार मामले को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार से कोई समझौता नहीं हुआ है। प्रदेश भर में चल रहे धरने पहले की तरह ही जारी रहेंगे। 19 मार्च से धरनों की कमान महिलाओं के हाथों में होगी। पुरुष 20 मार्च को दिल्ली कूच की तैयारियों में जुटेंगे। दिल्ली कूच में भारी संख्या में लोग भाग लेंगे। इसके लिए दिल्ली से सटे हरियाणा और यूपी के सभी बार्डर पर कैंप लगाए जाएंगे। सरकार के साथ अगली वार्ता पर मलिक ने कहा कि यह निर्णय समिति की कार्यकारिणी लेगी कि अब कोई वार्ता की जाए या नहीं। अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा, जिला महासचिव कृष्णलाल हुड्डा और मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने शुक्रवार को रोहतक में मीडिया से बातचीत में कहा कि वीरवार को पानीपत में सरकार के मंत्रियों से वार्ता हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर से दिल्ली में वार्ता होगी, तभी कोई निर्णय लिया जाएगा। निर्धारित समय पर समिति के पदाधिकारी दिल्ली स्थित हरियाणा भवन पहुंचे, लेकिन पता चला कि सीएम जा चुके हैं।
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मलिक ने आरोप लगाया कि जाटों को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन सीएम ही चले गए। इससे जाटों में आक्रोश है।
मलिक ने कहा कि इससे सरकार की मंशा दिखाई दे रही है। सरकार मामले को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार से कोई समझौता नहीं हुआ है। प्रदेश भर में चल रहे धरने पहले की तरह ही जारी रहेंगे। 19 मार्च से धरनों की कमान महिलाओं के हाथों में होगी। पुरुष 20 मार्च को दिल्ली कूच की तैयारियों में जुटेंगे। दिल्ली कूच में भारी संख्या में लोग भाग लेंगे। इसके लिए दिल्ली से सटे हरियाणा और यूपी के सभी बार्डर पर कैंप लगाए जाएंगे। सरकार के साथ अगली वार्ता पर मलिक ने कहा कि यह निर्णय समिति की कार्यकारिणी लेगी कि अब कोई वार्ता की जाए या नहीं। अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा, जिला महासचिव कृष्णलाल हुड्डा और मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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