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लॉ स्टूडेंट को मारी गोली, गोद में लिए बच्चे से सटकर आंख में धंसी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 02 Sep 2015 02:23 AM IST
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सुखपुरा चौक पर मंगलवार शाम को एक लॉ स्टूडेंट को सरेराह गोली मार दी गई। हादसे के वक्त युवक ने अपने एक साल के बच्चे को भी गोद में लिया हुआ था।
गोली बच्चे से सटकर युवक की आंख में जा धंसी और बच्चा छिटककर सड़क पर गिर गया। पीड़ित को पीजीआई में दाखिल करवाया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रामगोपाल कॉलोनी निवासी अनिल राठी मस्तनाथ यूनिवर्सिटी से लॉ कर रहा है और उसके पिता पशु व्यापारी हैं। अभी परिवार वालों ने युवक के पिता सुरेंद्र के ससुराल पक्ष को संदेह के घेरे में बताया है। घायल की मां के बयान पर सुरेंद्र के रिश्तेदारी के युवकों पर केस दर्ज किया गया है। वारदात सदर थाने से चंद कदम दूरी पर हुई और हमलावर आसानी से फरार हो गए, इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
अनिल राठी अपने एक साल के बेटे और मां अंग्रेजो देवी के साथ मंगलवार शाम को सुखपुरा चौक स्थित अपने चाचा की दुकान पर आया था। उनके चाचा हरिनारायण राठी रिटायर्ड इंस्पेक्टर हैं। एक घंटा दुकान पर रहने के बाद तीनों सड़क पार कर रहे थे। सड़क के दूसरी तरफ अनिल की कार खड़ी थी। जैसे ही अनिल अपने बेटे को गोद में उठाकर सड़क पार करने लगा तो दो युवक आए और उस पर फायरिंग कर दी।
आरोपियों ने दो गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली अनिल की बाई आंख के नीचे के हिस्से में लगी। गोली उसके बेटे के सिर के पास से होकर गुजरी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
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जिंदगी के पहले साल में ही मौत से सामना
पिता की गोद में अठखेलियां कर रहे मासूम ने जिंदगी के पहले ही साल में मौत का सामना कर लिया। लेकिन मासूम अठखेलियों से मौत भी नजर बचाकर निकल गई। पिता को गोली लगते ही वह गोद से छिटक गया और जमीन पर गिर गया। अचानक हुए हादसे से हक्का-बक्का दादी के सामने एक ही सवाल था कि जमीन पर गिरे पोते को उठाए या फिर घायल बेटे को संभाले...? मां अंग्रेजो देवी की मानें तो दूसरी गोली अनिल के पास से गुजर गई। तभी मैंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर उसके चाचा सहित अन्य लोग दौड़कर आए और अनिल को संभाला। मेरे पोते के सिर में भी चोट आई है। फिलहाल वह प्राथमिक उपचार के बाद अपनी माता अंजू के पास है।
थाने के पास वारदात और आरोपी आराम से ऑटो में बैठकर फरार
आरोपी कितने शातिर थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी घबराए नहीं बल्कि आराम से ऑटो में बैठकर गए। अंग्रेजो देवी ने बताया कि दोनों युवकों के हाथ में हथियार थे। जब अनिल जमीन पर गिर गया तो आरोपी उसे मरा हुआ समझकर आराम से सड़क पार करने लगे। कई बार सड़क पर मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। थाने के चंद कदम दूर ही वारदात होने और आरोपियों के आसानी से फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बहादुरगढ़ और अटावला से जुड़े वारदात के तार
अनिल के पिता सुरेंद्र राठी का कहना है कि वारदात के तार बहादुरगढ़ और अटावला से जुड़े हुए हैं। हमारी किसी से भी कोई रंजिश नहीं है। सुरेंद्र ने बताया कि अटावला (पानीपत) में मेरी ससुराल है। मेरे साले हवा सिंह की बेटी की शादी कई साल पहले बहादुरगढ़ निवासी अशोक के साथ हुई थी। बीते 7 जून को मेरे साले के दामाद पर उसके भाई की हत्या का आरोप लगा था। पुलिस ने अशोक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सुरेंद्र का कहना है कि इस मामले में हम मेरे साले हवा सिंह की तरफ से कोर्ट में जा रहे हैं। पुलिस जांच में ज्यादा सबूत नहीं मिलने के कारण मंगलवार को ही यह मामला निपट गया था। सुरेंद्र का आरोप है कि इसी के चलते उनके बेटे पर हमला किया गया है। सुरेंद्र ने बहादुरगढ़ सहित अपनी ससुराल पक्ष को भी शक के घेरे में लिया है। वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी पवन कुमार टीम सहित पीजीआई पहुंचे। डीएसपी ने मामले के बारे में अनिल के परिजनों से बातचीत की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
अनिल की मां अंग्रेजो देवी के बयान पर सुरेंद्र के रिश्तेदारी में अटावला और बहादुरगढ़ के युवकों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
अमित भाटिया, डीएसपी।
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगा दी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शशांक आनंद, एसपी रोहतक।
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गोली बच्चे से सटकर युवक की आंख में जा धंसी और बच्चा छिटककर सड़क पर गिर गया। पीड़ित को पीजीआई में दाखिल करवाया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रामगोपाल कॉलोनी निवासी अनिल राठी मस्तनाथ यूनिवर्सिटी से लॉ कर रहा है और उसके पिता पशु व्यापारी हैं। अभी परिवार वालों ने युवक के पिता सुरेंद्र के ससुराल पक्ष को संदेह के घेरे में बताया है। घायल की मां के बयान पर सुरेंद्र के रिश्तेदारी के युवकों पर केस दर्ज किया गया है। वारदात सदर थाने से चंद कदम दूरी पर हुई और हमलावर आसानी से फरार हो गए, इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
अनिल राठी अपने एक साल के बेटे और मां अंग्रेजो देवी के साथ मंगलवार शाम को सुखपुरा चौक स्थित अपने चाचा की दुकान पर आया था। उनके चाचा हरिनारायण राठी रिटायर्ड इंस्पेक्टर हैं। एक घंटा दुकान पर रहने के बाद तीनों सड़क पार कर रहे थे। सड़क के दूसरी तरफ अनिल की कार खड़ी थी। जैसे ही अनिल अपने बेटे को गोद में उठाकर सड़क पार करने लगा तो दो युवक आए और उस पर फायरिंग कर दी।
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आरोपियों ने दो गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली अनिल की बाई आंख के नीचे के हिस्से में लगी। गोली उसके बेटे के सिर के पास से होकर गुजरी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
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जिंदगी के पहले साल में ही मौत से सामना
पिता की गोद में अठखेलियां कर रहे मासूम ने जिंदगी के पहले ही साल में मौत का सामना कर लिया। लेकिन मासूम अठखेलियों से मौत भी नजर बचाकर निकल गई। पिता को गोली लगते ही वह गोद से छिटक गया और जमीन पर गिर गया। अचानक हुए हादसे से हक्का-बक्का दादी के सामने एक ही सवाल था कि जमीन पर गिरे पोते को उठाए या फिर घायल बेटे को संभाले...? मां अंग्रेजो देवी की मानें तो दूसरी गोली अनिल के पास से गुजर गई। तभी मैंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर उसके चाचा सहित अन्य लोग दौड़कर आए और अनिल को संभाला। मेरे पोते के सिर में भी चोट आई है। फिलहाल वह प्राथमिक उपचार के बाद अपनी माता अंजू के पास है।
थाने के पास वारदात और आरोपी आराम से ऑटो में बैठकर फरार
आरोपी कितने शातिर थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी घबराए नहीं बल्कि आराम से ऑटो में बैठकर गए। अंग्रेजो देवी ने बताया कि दोनों युवकों के हाथ में हथियार थे। जब अनिल जमीन पर गिर गया तो आरोपी उसे मरा हुआ समझकर आराम से सड़क पार करने लगे। कई बार सड़क पर मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। थाने के चंद कदम दूर ही वारदात होने और आरोपियों के आसानी से फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बहादुरगढ़ और अटावला से जुड़े वारदात के तार
अनिल के पिता सुरेंद्र राठी का कहना है कि वारदात के तार बहादुरगढ़ और अटावला से जुड़े हुए हैं। हमारी किसी से भी कोई रंजिश नहीं है। सुरेंद्र ने बताया कि अटावला (पानीपत) में मेरी ससुराल है। मेरे साले हवा सिंह की बेटी की शादी कई साल पहले बहादुरगढ़ निवासी अशोक के साथ हुई थी। बीते 7 जून को मेरे साले के दामाद पर उसके भाई की हत्या का आरोप लगा था। पुलिस ने अशोक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सुरेंद्र का कहना है कि इस मामले में हम मेरे साले हवा सिंह की तरफ से कोर्ट में जा रहे हैं। पुलिस जांच में ज्यादा सबूत नहीं मिलने के कारण मंगलवार को ही यह मामला निपट गया था। सुरेंद्र का आरोप है कि इसी के चलते उनके बेटे पर हमला किया गया है। सुरेंद्र ने बहादुरगढ़ सहित अपनी ससुराल पक्ष को भी शक के घेरे में लिया है। वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी पवन कुमार टीम सहित पीजीआई पहुंचे। डीएसपी ने मामले के बारे में अनिल के परिजनों से बातचीत की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
अनिल की मां अंग्रेजो देवी के बयान पर सुरेंद्र के रिश्तेदारी में अटावला और बहादुरगढ़ के युवकों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
अमित भाटिया, डीएसपी।
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगा दी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शशांक आनंद, एसपी रोहतक।