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संदीप के अलावा पंकज और अक्षय ने मारी थी काका को गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:59 AM IST
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सुनील और बिंदर से मिलकर रची काका के चचेरे भाइयों ने साजिश
- फोटो : अमर उजाला
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हैफेड के पूर्व चेयरमैन, कांग्रेस नेता और कारोबारी अशोक उर्फ काका की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया है कि काका को गोली मारने वालों में गांव किलोई के पंकज और नेहरू कॉलोनी के अक्षय भी शामिल थे। जबकि मामले में गिरफ्तार रोहित पार्क के बाहर हथियार लेकर खड़ा था। पुलिस को दोनों आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है। दोनों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
बता दें कि कांग्रेस नेता अशोक काका (60) की बीते शुक्रवार को सुबह पार्क में टहलते समय तीन बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि एक बदमाश पार्क बाहर हथियार लेकर खड़ा था। इसके 48 घंटे बाद रविवार को पुलिस ने काका हत्याकांड का खुलासा किया और मामले में साजिश रचने के आरोप में काका दो चचेरे भाइयों संजय सोनी और मनोज सोनी सहित गोली मारने के आरोपी संदीप और रोहित को गिरफ्तार करके चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में पुलिस को फाइनेंस का धंधा करने वाले सुनील और बिंदर की तलाश है। जबकि गोली मारने वाले दो बदमाश भी उसकी पकड़ से बाहर हैं।
पुलिस को मिले विवादित संपत्ति के कागजात
मॉडल टाउन चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि काका हत्याकांड में रिमांड पर चल रहे काका के चचेरे भाई मनोज और संजय से विवादित संपत्ति के कागजात बरामद किए गए हैं, ताकि विवाद की असली वजह के बारे में पता चल सके। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर कागजों को जांचने के बाद सामने आया है कि विवादित जमीन मनोज और संजय की माता के नाम है। हालांकि इन क ागजों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। कागजों की जांच पड़ताल के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे।
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कई जगहों पर छापेमारी, लेकिन हाथ खाली
पुलिस ने काका हत्याकांड में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए सोमवार को भी कई जगहों पर छापेमारी की। गांव किलोई में भी पुलिस की टीम ने आरोपी पंकज की तलाश में छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर रखा है। इसलिए उनकी लोकेशन के बारे में पता नहीं चल रहा है। इसी तरह हत्या की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने वाले आरोपी सुनील और बिंदर के बारे में भी पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली है। पुलिस ने अपने मुखबिरों को अलर्ट कर दिया है।
किलोई गांव का बढ़ता आपराधिक ग्राफ
पहले तो भालौठ में मजनीत मर्डर केस में किलोई के करीब 7 आरोपियों के नाम सामने आए। इसके बाद वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी में किलोई के दो युवकों के नाम सामने आए। अब काका हत्याकांड में किलोई के पंकज का नाम सामने आ रहा है। पुलिस को इस गांव में बढ़ते अपराध के ग्राफ से चिंता होने लगी है।
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बता दें कि कांग्रेस नेता अशोक काका (60) की बीते शुक्रवार को सुबह पार्क में टहलते समय तीन बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि एक बदमाश पार्क बाहर हथियार लेकर खड़ा था। इसके 48 घंटे बाद रविवार को पुलिस ने काका हत्याकांड का खुलासा किया और मामले में साजिश रचने के आरोप में काका दो चचेरे भाइयों संजय सोनी और मनोज सोनी सहित गोली मारने के आरोपी संदीप और रोहित को गिरफ्तार करके चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में पुलिस को फाइनेंस का धंधा करने वाले सुनील और बिंदर की तलाश है। जबकि गोली मारने वाले दो बदमाश भी उसकी पकड़ से बाहर हैं।
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पुलिस को मिले विवादित संपत्ति के कागजात
मॉडल टाउन चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि काका हत्याकांड में रिमांड पर चल रहे काका के चचेरे भाई मनोज और संजय से विवादित संपत्ति के कागजात बरामद किए गए हैं, ताकि विवाद की असली वजह के बारे में पता चल सके। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर कागजों को जांचने के बाद सामने आया है कि विवादित जमीन मनोज और संजय की माता के नाम है। हालांकि इन क ागजों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। कागजों की जांच पड़ताल के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे।
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कई जगहों पर छापेमारी, लेकिन हाथ खाली
पुलिस ने काका हत्याकांड में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए सोमवार को भी कई जगहों पर छापेमारी की। गांव किलोई में भी पुलिस की टीम ने आरोपी पंकज की तलाश में छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर रखा है। इसलिए उनकी लोकेशन के बारे में पता नहीं चल रहा है। इसी तरह हत्या की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने वाले आरोपी सुनील और बिंदर के बारे में भी पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली है। पुलिस ने अपने मुखबिरों को अलर्ट कर दिया है।
किलोई गांव का बढ़ता आपराधिक ग्राफ
पहले तो भालौठ में मजनीत मर्डर केस में किलोई के करीब 7 आरोपियों के नाम सामने आए। इसके बाद वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी में किलोई के दो युवकों के नाम सामने आए। अब काका हत्याकांड में किलोई के पंकज का नाम सामने आ रहा है। पुलिस को इस गांव में बढ़ते अपराध के ग्राफ से चिंता होने लगी है।