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सुपवा: लैब टेक्नीशियन के मैसेज ने छात्रा की छुड़वाई पढ़ाई
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रोहतक। राजस्थान में 14 से 21 अप्रैल तक टूर पर गई छात्राओं से हुई छेड़छाड़ व ब्लैकमेलिंग की शिकार एक छात्रा की पढ़ाई छूट गई। विवि के लैब टेक्नीशियन का मैसेज मिलने के बाद अभिभावकों ने अपनी बेटी की पढ़ाई बंद करा दी है। यह मामला सामने आने के बाद से ही वह विवि नहीं आई है। परिवार ने बड़ी मुश्किल से उसे परीक्षा देने की मंजूरी दी है। अमर उजाला रिपोर्टर ने बुधवार को पीड़ित छात्राओं से बात की तो यह बात सामने आई।
पीड़ित छात्रा का कहना है कि जयपुर में टूर के दौरान आरोपी लैब टेक्नीशियन उसे एक लड़के के साथ लिए फोटो व वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल कर रहा था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर ने अस्थमा अटैक बताया। टूर से घर लौटने के चार दिन बाद 25 अप्रैल को लैब टेक्नीशियन ने छात्रा के घर मैसेज भेज दिया। इसमें उसके फोटो व वीडियो थे। इनमें वह एक लड़के साथ नजर आ रही है। छात्रा का कहना है कि मैसेज मिलने के बाद घर वालों ने मुझे विवि जाने से मना कर दिया। पुलिस में मामला पहुंचने के बाद जांच के लिए बुलाने पर ही मैं कैंपस पहुंची। घर वालों ने बड़ी मुश्किल से परीक्षा देने की मंजूरी दी है।
शाम को बयान लेने पहुंची पुलिस
बुधवार शाम सवा पांच बजे पुलिस छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में पड़ताल व बयान लेने सुपवा पहुंची। पुलिस ने विद्यार्थियों से अलग-अलग पूछताछ की। इस दौरान सामने आया कि टूर पर छात्रा के मोबाइल से लैब टेक्नीशियन ने फोटो व वीडियो शेयर किए थे। पूछताछ व बयान के बाद छात्रा की तबीयत फिर खराब हो गई। उसे अस्थमा का अटैक बताया गया है। इसके चलते उसे पीजीआई ले जाया गया। यहां उसे इंजेक्शन देने के बाद राहत मिलने पर घर भेज दिया गया।
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सहपाठी छात्राओं ने उठाया केस दर्ज कराने का कदम
पीड़ित छात्रा ने बताया कि लैब टेक्नीशियन उसे ही परेशान नहीं कर रहा था। कैंपस में और भी छात्राएं उसके टारगेट पर थीं। उन्हें भी मैसेज भेजे गए हैं। इसलिए मेरा मामला सामने आने पर सभी एकजुट हो गईं और उसके खिलाफ एफआईआर कराने का कदम उठाया। यही नहीं अब दो दिनों से अनजान नंबरों से फोन आ रहे हैं। घर में परेशानी चल रही है। कोई टूर पर हुए मामले के बारे में पता कर रहा है तो कोई बदनामी का हवाला देकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है।
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पीड़ित छात्रा का कहना है कि जयपुर में टूर के दौरान आरोपी लैब टेक्नीशियन उसे एक लड़के के साथ लिए फोटो व वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल कर रहा था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर ने अस्थमा अटैक बताया। टूर से घर लौटने के चार दिन बाद 25 अप्रैल को लैब टेक्नीशियन ने छात्रा के घर मैसेज भेज दिया। इसमें उसके फोटो व वीडियो थे। इनमें वह एक लड़के साथ नजर आ रही है। छात्रा का कहना है कि मैसेज मिलने के बाद घर वालों ने मुझे विवि जाने से मना कर दिया। पुलिस में मामला पहुंचने के बाद जांच के लिए बुलाने पर ही मैं कैंपस पहुंची। घर वालों ने बड़ी मुश्किल से परीक्षा देने की मंजूरी दी है।
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शाम को बयान लेने पहुंची पुलिस
बुधवार शाम सवा पांच बजे पुलिस छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में पड़ताल व बयान लेने सुपवा पहुंची। पुलिस ने विद्यार्थियों से अलग-अलग पूछताछ की। इस दौरान सामने आया कि टूर पर छात्रा के मोबाइल से लैब टेक्नीशियन ने फोटो व वीडियो शेयर किए थे। पूछताछ व बयान के बाद छात्रा की तबीयत फिर खराब हो गई। उसे अस्थमा का अटैक बताया गया है। इसके चलते उसे पीजीआई ले जाया गया। यहां उसे इंजेक्शन देने के बाद राहत मिलने पर घर भेज दिया गया।
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सहपाठी छात्राओं ने उठाया केस दर्ज कराने का कदम
पीड़ित छात्रा ने बताया कि लैब टेक्नीशियन उसे ही परेशान नहीं कर रहा था। कैंपस में और भी छात्राएं उसके टारगेट पर थीं। उन्हें भी मैसेज भेजे गए हैं। इसलिए मेरा मामला सामने आने पर सभी एकजुट हो गईं और उसके खिलाफ एफआईआर कराने का कदम उठाया। यही नहीं अब दो दिनों से अनजान नंबरों से फोन आ रहे हैं। घर में परेशानी चल रही है। कोई टूर पर हुए मामले के बारे में पता कर रहा है तो कोई बदनामी का हवाला देकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है।