फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   पांच बूस्टिंग स्टेशनों के पेयजल सैंपल फिर फेल

पांच बूस्टिंग स्टेशनों के पेयजल सैंपल फिर फेल

Thu, 28 Sep 2017 02:51 AM IST
Updated Thu, 28 Sep 2017 02:51 AM IST
विज्ञापन
पांच बूस्टिंग स्टेशनों के पेयजल सैंपल फिर फेल
पांच बूस्टिंग स्टेशनों के पेयजल सैंपल फिर फेल
विज्ञापन

चरखी दादरी।
दो माह बाद भी शहर में पेयजल की गुणवत्ता में सुधार नहीं आया है। शहर में फिर पेयजल के सैंपल फेल पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के सभी नौ बूस्टिंग स्टेशनों के पानी का दोबारा से बैक्ट्रोलॉजिकल टेस्ट करवाया जिनमें से छह बूस्टिंग स्टेशनों के सैंपल फेल पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यह टेस्ट रिपोर्ट तैयार कर चरखी दादरी सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अॅाफिसर के पास भेजी है ताकि अगली कार्रवाई की जा सके। वहीं आगामी बैठक में यह रिपोर्ट डीसी विजय सिद्प्पा को भी सौंपी जाएगी। इससे पहले भी पिछले माह शहर के चार बूस्ंिटंग स्टेशनों के सैंपल फल आए थे और इन पर संज्ञान लेते हुए डीसी विजय सिद्प्पा ने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को पेयजल की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गत जुलाई माह मेें भी शहर के बूस्टिंग व जलघरों से पेयजल के सैंपल लिए थे तथा इस पानी की जांच भिवानी स्थित लैब में करवाई गई थी। पानी का बैक्ट्रोलॉजिकल टेस्ट करवाया गया था। जांच के दौरान शहर के पानी का यह टेस्ट फेल पाया गया था। इतना ही नहीं पानी की ओटी टेस्ट रिपोर्ट भी नेगेटिव पाई गई थी। सैंपल फेल पाए जाने पर जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी भी सतर्क हो गए थे। इसके लिए सभी बुस्टिंग व वाटर टैंकों में क्लोरिन की दवा डाले जाने की व्यवस्था की गई थी ताकि पानी में नियमित रूप से क्लोरिन की मात्रा उपलब्ध रहे लेकिन लगता है जनस्वास्थ्य विभाग ने केवल पानी में क्लोरिन की मात्रा संतुलित करने पर ज्यादा जोर दिया जबकि पानी की संपूर्ण गुणवत्ता व पानी में संतुलित पोषक तत्वों की ओर कतई ध्यान नहीं दिया गया। शहर मेें दोनो मेन जलघरों के पानी का पूरी वैज्ञानिक विधि से उपचार कर सप्लाई करने की जरूरत है हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघरों में बने वाटर टैंकों में वाटर प्योरीफाई मीडिया सिस्टम भी लगा रखा है ताकि पानी का उपचार कर घरों में सप्लाई किया जा सके लेकिन विभाग कही न कही चूक जरूर कर रहा है इसी वजह से यह बैक्ट्रोलोजिकल टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने गत जुलाई में यह भी तय किया था कि जब तक नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी चलता रहेगा शहर में ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई नहीं किया जाएगा। इस बार गत 11 जुलाई से नहरों में पानी लगातार चल रहा है फिर भी पानी में गुणवत्ता की मात्रा को लेकर सवाल उठते आ रहे हैं। इस समय शहरवासी घरों में आरओ सिस्टम लगवाने को विवश हैं। लोगों को पानी की शुद्धता को लेकर महंगे आरओ लगवाने पड़ रहे हैं ताकि सरकारी पेयजल सप्लाई के पानी को फिल्टर कर इसका इस्तेमाल किया जा सके।
विज्ञापन

बाक्स: दो माह में दूसरी दफा बूस्टिंग स्टेशनों के सैंपल फेल
==ठीक दो माह बाद पिछले दिनो 14 व 18 सिंतबर को स्वास्थ्य विभाग टीम में निरीक्षक जगदीश कुमार, इंद्रजीत, व हरीश कुमार की टीम ने शहर के सभी नौ बुस्टिंग स्टेशन से पानी के सैंपल लिए थे तथा इनकी जांच लैब में करवाई गई। इन सैंपल का भी बैक्ट्रोलोजिकल टेस्ट करवाया गया था। इन नौ सैंपल में से छह सैंपल अब दूसरी बार फेल पाए गए हैं ऐेसे में जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का शहरवासियों को शुद्ध व गुणवत्तापरक पानी पिलाए जाने का दावा एक बार फिर फ्लॉप साबित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है बैक्ट्रोलोजिकल टेस्ट
इस टेस्ट के जरिए पानी में मौजूद आवश्यक तत्वों की मात्रा की जांच की जाती है। पानी में प्रकृति प्रदत्त सभी आवश्यक तत्व मौजूद है या नहीं इसकी रिपोर्ट तैयार की जाती है। पानी में मैग्नीशियम, मैगनीज, फॅासफोरस, क्लोरिन, पोटेशियम, जिंक,मिनरल व अन्य पोषक तत्व संतुलित मात्रा में है या नहीं इसकी जांच की जाती है।
चिकित्सकों का मानना है कि पानी में पोषक तत्व कम होने पर इसका शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। हर पोषक तत्व शरीर में अपना अलग कार्य करता है। शुद्व पानी के अभाव में पेट संबंधी रोग ज्यादा होते हैं। पेचिस, डायरिया, हैजा, उल्टी के अलावा हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं।

किस बूस्टिंग स्टेशन की क्या रही बैक्ट्रोलॉजिक्ल टेस्ट रिपोर्ट
बूस्टिंग स्टेशन सैंपल रिपोर्ट
= लोहारू चौक बुस्टिंग स्टेशन- पास
=दशनामी अखाड़ा बुस्टिंग = पास
-रोजगार्डन बुस्टिंग स्टेशन - फेल
=हीरा चौक बुस्टिंग स्टेशन = पास
-घिकाड़ा रोड बुस्टिंग स्टेशन - फेल
-चंपापुरी बुस्टिंग स्टेशन = फेल
-दिल्ली बाइपास बुस्टिंग = फेल
-स्टेडियम रोड बुस्टिंग = फेल
-सब्जी मंडी बुस्टिंग =फेल
वर्सन-
नौ में से छह बुस्टिंग के पानी के सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। हमने यह रिपोर्ट सीनियर मेडिकल ऑफिसर को भेज दी है। अब विभाग इस रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई करेगा।
निरीक्षक जगदीश कुमार, स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed