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अटैच प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होने पर तहसीलदार तलब
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अटैच प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर कोर्ट ने तहसीलदार को किया तलब
-पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने पर कोर्ट ने अटैच की थी संपत्ति
-रोहतक की फैमिली कोर्ट में चल रहा है केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने पर अटैच संपत्ति की रजिस्ट्री करने पर कोर्ट ने तहसीलदार को तलब किया है। इसके लिए 16 मार्च को जज नरेंद्र कौर की अदालत में जवाब देना है।
एडवोकेट पंकज बेरी ने बताया कि शहर की चिन्नोट कॉलोनी निवासी अनीता की शादी 10 साल पहले विजय के साथ हुई थी। अनबन के चलते करीब तीन साल पहले अनीता अपनी बेटी को लेकर मायके आ गई। साथ ही अदालत में याचिका दायर की थी कि उसका पति विजय उसके साथ मारपीट करता है। इस कारण उसे तलाक चाहिए। केस फैमिली कोर्ट में चल रहा है। इसी बीच अनीता ने अदालत में याचिका दायर की कि उसकी एक किडनी खराब थी, जिसे निकलवा चुकी है। बेटी साथ में है। ऐसे में मां-बेटी को विजय से गुजारा भत्ता चाहिए। अदालत ने आठ हजार रुपये गुजारा भत्ता तय किया। अनीता ने अदालत को बताया कि विजय ने गुजारा भत्ता देना बंद कर दिया है। ऐसे में उसकी संपत्ति अटैच की जाए। इसके चलते अदालत ने उसके जींद स्थित मकान को अटैच कर दिया। करीब डेढ़ माह पहले अनीता को पता चला कि विजय ने उस मकान की रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम करवा दी है, जिसे अदालत ने अटैच किया था। नियमों के तहत उक्त मकान की अदालत की अनुमति के बिना खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती। ऐसे में कोर्ट ने विजय व तहसीलदार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
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-पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने पर कोर्ट ने अटैच की थी संपत्ति
-रोहतक की फैमिली कोर्ट में चल रहा है केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने पर अटैच संपत्ति की रजिस्ट्री करने पर कोर्ट ने तहसीलदार को तलब किया है। इसके लिए 16 मार्च को जज नरेंद्र कौर की अदालत में जवाब देना है।
एडवोकेट पंकज बेरी ने बताया कि शहर की चिन्नोट कॉलोनी निवासी अनीता की शादी 10 साल पहले विजय के साथ हुई थी। अनबन के चलते करीब तीन साल पहले अनीता अपनी बेटी को लेकर मायके आ गई। साथ ही अदालत में याचिका दायर की थी कि उसका पति विजय उसके साथ मारपीट करता है। इस कारण उसे तलाक चाहिए। केस फैमिली कोर्ट में चल रहा है। इसी बीच अनीता ने अदालत में याचिका दायर की कि उसकी एक किडनी खराब थी, जिसे निकलवा चुकी है। बेटी साथ में है। ऐसे में मां-बेटी को विजय से गुजारा भत्ता चाहिए। अदालत ने आठ हजार रुपये गुजारा भत्ता तय किया। अनीता ने अदालत को बताया कि विजय ने गुजारा भत्ता देना बंद कर दिया है। ऐसे में उसकी संपत्ति अटैच की जाए। इसके चलते अदालत ने उसके जींद स्थित मकान को अटैच कर दिया। करीब डेढ़ माह पहले अनीता को पता चला कि विजय ने उस मकान की रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम करवा दी है, जिसे अदालत ने अटैच किया था। नियमों के तहत उक्त मकान की अदालत की अनुमति के बिना खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती। ऐसे में कोर्ट ने विजय व तहसीलदार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
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