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माइ सिटी लीड-AMBALA

Fri, 18 Jan 2019 03:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jan 2019 03:06 AM IST
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माइ सिटी लीड-AMBALA
महबूब अली
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रोहतक। पंचकूला में अगस्त 2017 में जब विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाई थी, तो रातों-रात वहां पहुंचे समर्थकों ने आगजनी और तोड़फोड़ कर दी थी। इस हिंसा में 32 लोगों की जान चली गई थी और 350 लोग घायल हो गए थे। हिंसा से सबक लेकर सुनारिया खुर्द और सुनारिया कलां गांव की यूथ ब्रिगेड ने अपने गांव की सुरक्षा की कमान थामी है। बीते 10 जनवरी से दिन-रात 50 से अधिक युवाओं की यह टीम सक्रिय है। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने राम रहीम को सजा सुनाए जाने को लेकर मुस्तैद था, लेकिन युवा ब्रिगेड का कहना था कि हम गांववासी सिर्फ पुलिस के भरोसे नहीं हैं। राम रहीम की सजा पर अगर यहां बवाल होता तो प्रदर्शनकारियों से निपटने के साथ ही उन्हें पुलिस के हवाले कर देते।
गांव के कई युवा 10 जनवरी से अपनी नौकरी पर नहीं गए हैं और रात-दिन में गांव में सक्रिय रहे। गांव के प्रवेश द्वारों पर अगर कोई जान-पहचान का नहीं मिला तो उससे पूरी पूछताछ की गई और ब्योरा भी रखा गया। सुनारिया खुर्द गांव के राहुल, बॉबी, रितिक और आदेश ने कहा कि सुनारिया जेल के आसपास और रोहतक शहर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए, लेकिन गांव में सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता नहीं रहे, जबकि गांव वालों को सबसे ज्यादा खतरा है। दिल्ली और गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करने वाले युवाओं ने नौकरी से छुट्टी ली और गांव की सुरक्षा में जुट गए। जिन युवाओं ने नौकरी से छुट्टी ली थी वे सोमवार ने दफ्तर जाना शुरू करेंगे, लेकिन निगरानी कुछ और दिन जारी रहेगी।
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मेहमानों को भी सूचना देने की अपील की थी
गांव के बुजुर्ग रामबीर और बाबूराम ने कहा कि ग्रामीणों को भी गांव में आने वाले मेहमानों की सूचना देने की अपील की गई थी। पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबर भी व्हाट्सएप के माध्यम से एक-दूसरे को शेयर किए गए थे।
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सुनारिया खुर्द गांव में राम रहीम के अनुयायी नहीं रहते हैं। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से खुद ग्रामीण अलर्ट थे। युवा भी बाहरी लोगों पर नजर रखे हुए थे।
- रामू, पार्षद प्रतिनिधि वार्ड-22

सोशल मीडिया पर लोगों ने फैसले को बताया सही
रोहतक। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम पर आने वाले फैसले को लेकर दिनभर सोशल मीडिया पर कमेंट और पोस्ट डालने का सिलसिला चलता रहा। अधिकतर लोगों ने फैसले को सही बताया। रोहतक की मनीषा शर्मा ने फे सबुक पर पोस्ट किया- न्याय पालिका का शुक्रिया, राम रहीम इंसा को उम्रकैद, आज मैं 100 रुपये की मिठाई बांटूंगी। सोमबीर और समीर ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि सत्यमेव जयते। ढोंग रचाकर संसार को जीतने चलने वाले मिथ्याचारियों का यही हाल होता है। 2002 में हुई पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या के मामले में राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। सविता ने कहा कि एक बार फिर सच्चाई की जीत हुई है। इसी तरह अभियुक्तों को कोर्ट सजा देता रहेगा तो अपराध होना ही बंद हो जाएगा। रवीश ने कहा कि राम रहीम को सजा देने वाले जज को सलाम। मनीष ने कहा कि मुझे पहले ही लगा था कि राम रहीम को उम्रकैद से कम सजा नहीं होगी। रितिका ने कहा कि राम रहीम को कम से कम फांसी की सजा होनी चाहिए थी। उम्रकैद की सजा भी ठीक ही है।

राम रहीम पर फैसले के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर भी अलर्ट रही पुलिस
रोहतक। वीरवार को फैसले के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के करीब 40 कमांडो और पुलिस तैनात रही। दोपहर में अदालत का फैसला आते ही कमांडो और पुलिस ने स्टेशन पर सघन चेकिंग शुरू कर दी, जो शाम चार बजे तक जारी रही। फैसले को लेकर माहौल खराब होने की आशंका के चलते रेलवे स्टेशन पर सुबह ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई। एसपी जीआरपी अंबाला के निर्देश पर रोहतक रेलवे स्टेशन पर करीब 40 जीआरपी कमांडो के साथ-साथ काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। कमांडो और पुलिस फोर्स स्टेशन पर आवागमन करने वालों पर नजर रखे रही। दोपहर में जैसे ही कोर्ट का फैसला आया वैसे ही कमांडो और पुलिस फोर्स ने अपनी सक्रियता और बढ़ा दी। कमांडो व पुलिस फोर्स दो ग्रुप में बंट गए। एक ग्रुप रेलवे स्टेशन परिसर पर लगातार भ्रमणशील रहा तो दूसरे चेकिंग करता रहा।


सुनारिया जेल के आसपास ड्रोन से रखी गई नजर
पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में आने वाले फैसले को लेकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। आठ लेयर में पुलिस को तैनात किया गया था। इसके अलावा आरएएफ की एक कंपनी सुरक्षा की दृष्टि से तैनात रही। 800 पुलिसकर्मियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। इस बार सुरक्षा की दृष्टि से दो के बजाए आठ लेयर में पुलिस सुनारिया जेल के आसपास तैनात रही। इसके अलावा दो आईआरबी और आरएएफ की एक कंपनी सुरक्षा की कमान संभाले रही। ड्रोन से भी सुनारिया जेल के आसपास क्षेत्र पर नजर रखी जा रही थी। इसके अलावा जेल के बाहर घुड़सवार, राइडर, पीसीआर पुलिस भी गश्त कर रही थी। बता दें कि साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में राम रहीम सजा काट रहा है।
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