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एसटीएफ ने रोडवेज प्रशासन से मांगा कैंसर पीड़ितों के बस पास का ब्योरा
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रोहतक।
कैंसर पीड़ितों की सड़क हादसे में मौत के बाद इश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये ऐंठने की जांच की आंच अब हरियाणा रोडवेज तक पहुंच गई है। जांच में जुटी एसटीएफ ने रोडवेज से कैंसर पीड़ितों के बनने वाले बस पास का ब्योरा तलब किया है। इसके चलते रोहतक डिपो के अधिकारी पिछले पांच साल मेें बने कैंसर पीड़ितों के पास का रिकार्ड खंगालने में जुट गए हैं।
हरियाणा में एक गिरोह के सदस्य कैंसर पीड़ितों का मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लाखों रुपये का इंश्योरेंस करवाते थे। उपचार के दौरान ही कैंसर पीड़ित की हादसे में मौत दिखाकर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये ऐंठे जाते थे। इंश्योरेंस क्लेम लेने के लिए लगने वाले कागजात भी पूरे किए जाते थे, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी होती थी। इस मामले का भंडाफोड़ होने पर पता चला कि गिरोह ने तमाम कैंसर पीड़ितों को हादसे में मौत दर्शाकर इंश्योरेंस के करोड़ों रुपये हजम किए हैं।
इस मामले का खुलासा होने के बाद मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। जांच में जुटी एसटीएफ टीम गिरोह सरगना पवन, बरौटा पुलिस चौकी पर तैनात हवलदार अशोक को गिरफ्तार करके पूछताछ की। उनसे मिली जानकारी के आधार पर जांच में जुटी एसटीएफ के सामने पूरे गिरोह की करतूतों की परत-दर-परत खुलती जा रही है। अब एसटीएफ की जांच रोडवेज की तरफ मुड़ गई है। इसकी वजह कैंसर पीड़ितों के रोडवेज में उपचार के लिए निशुल्क आवागमन करना है। चूंकि तमाम कैंसर पीड़ितों का हादसे में मौत के बाद पोस्टमार्टम रोहतक में हुआ।
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रोहतक डिपो महाप्रबंधक जोगेंदर सिंह का कहना है कि रोडवेज विभाग से कैंसर पीड़ितों के बने पास का ब्योरा मांगा गया है। रोहतक से कितने बस पास बने, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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कैंसर पीड़ितों की सड़क हादसे में मौत के बाद इश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये ऐंठने की जांच की आंच अब हरियाणा रोडवेज तक पहुंच गई है। जांच में जुटी एसटीएफ ने रोडवेज से कैंसर पीड़ितों के बनने वाले बस पास का ब्योरा तलब किया है। इसके चलते रोहतक डिपो के अधिकारी पिछले पांच साल मेें बने कैंसर पीड़ितों के पास का रिकार्ड खंगालने में जुट गए हैं।
हरियाणा में एक गिरोह के सदस्य कैंसर पीड़ितों का मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लाखों रुपये का इंश्योरेंस करवाते थे। उपचार के दौरान ही कैंसर पीड़ित की हादसे में मौत दिखाकर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये ऐंठे जाते थे। इंश्योरेंस क्लेम लेने के लिए लगने वाले कागजात भी पूरे किए जाते थे, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी होती थी। इस मामले का भंडाफोड़ होने पर पता चला कि गिरोह ने तमाम कैंसर पीड़ितों को हादसे में मौत दर्शाकर इंश्योरेंस के करोड़ों रुपये हजम किए हैं।
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इस मामले का खुलासा होने के बाद मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। जांच में जुटी एसटीएफ टीम गिरोह सरगना पवन, बरौटा पुलिस चौकी पर तैनात हवलदार अशोक को गिरफ्तार करके पूछताछ की। उनसे मिली जानकारी के आधार पर जांच में जुटी एसटीएफ के सामने पूरे गिरोह की करतूतों की परत-दर-परत खुलती जा रही है। अब एसटीएफ की जांच रोडवेज की तरफ मुड़ गई है। इसकी वजह कैंसर पीड़ितों के रोडवेज में उपचार के लिए निशुल्क आवागमन करना है। चूंकि तमाम कैंसर पीड़ितों का हादसे में मौत के बाद पोस्टमार्टम रोहतक में हुआ।
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रोहतक डिपो महाप्रबंधक जोगेंदर सिंह का कहना है कि रोडवेज विभाग से कैंसर पीड़ितों के बने पास का ब्योरा मांगा गया है। रोहतक से कितने बस पास बने, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।